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Tuesday, November 30, 2010

शार्ट-सर्किट से लगी सलकनपुर में दुकानों में आग

  आग से लाखों का नुकसान
रेहटी सकलनपुर स्थित देवीधाम में प्रसादों की दुकान पर एक बार फिर आग लग गई। जिससे लोगों रुपए का सामान जलकर स्वाहा हो गया। आगजनी का प्रकरण कायम जांच कार्य शुरू कर दिया है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जाता है।  श्री देवी धाम शक्ति पीठ सलकपुर में लगी माता के प्रसादों की दुकानों में आग लगने से पांच दुकान जलकर राख हो गई। वहीं कोल्ड ड्रिंक्स की एक दुकान भी फ्रिज सहित आग के हवाले हो गई। जहां लाखों रूपए का इन छोटे व्यापारियों को नुकसान हुआ है। आग की घटना रविवार रात्रि 12 बजे बिजली के  सार्ट सर्किट से हुई बताई जाती है। आग को नियंत्रण करने के लिए दमकल कर्मी प्रयास करते रहे लेकिन आग सीढ़ी मार्ग पर लगी दुकानों में लगने के कारण दमकल घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी। प्रशासन की ओर से तहसीलदार मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर क्षतिपूर्ति का मुआयना किया गया। सलकनपुर में माता के प्रसाद की दुकानों में आग लगने की घटना एक वर्ष में तीसरी बार घटित हुई है। जहां आग लगने का कारण तार सर्किट बताया जा रहा है रविवार की रात को 12 बजे मंदिर के पास रोप वे स्टेशन पर लगी पांच दुकानों में तार सर्किट से आग लग गई। जहां दुकानों में रखा सामान माता की चुनरी, माता की फोटों, नारियल, कुमकुम, मनिहारी की सामग्री, सौन्दर्य सामग्री, बच्चों के खिलौने, अंगूठी, मालाएं सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया। वहीं कोल्ड ड्रिक्ंस की दुकान में रखी एक फ्रिज भी आग के हवाले हो गई। आग को काबू पाने में दो घंटे से अधिक का समय लगा। जहां मंदिर पर काम कर रहे मजदूरों  एवं एसएफ गार्ड द्वारा बाल्टियों से पानी डालकर आग पर किसी तरह काबू पाया गया। आग से हुए नुकसान में प्रमोद गौर का 50 हजार का नुकसान हुआ। इसी प्रकार कोल्ड ड्रिकस की दुकान करने वाले देवेन्द्र नाविक का 70 हजार का नुकसान हुआ। मोबत सिंह का 50 हजार एवं कन्हैया गौर 50 हजार, दिनेश केवट 50 हजार, जहां करीब छोटे व्यापारियों का तीन लाख से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है।

लाभ की योजना फ्लाप

बिजली विभाग द्वारा प्रचार नहीं किए जाने पर अनुसूचित जाति और जनजाति के बिजली उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है
 सीहोर,बिजली विभाग द्वारा बरती जा रही कथित लापरवाही के कारण अनुसूचित जाति और जनजाति के बिजली उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है।  इस कारण योजना फ्लाप शो होकर रह गई है।
बिजली विभाग द्वारा बरती जाने वाली कथित लापरवाही का शिकार जिले के अनुसूचित जाति और जनजाति के उपभोक्ताओं को होना पड़ रहा है। विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का प्रचार प्रसार नहीं किए जाने के कारण अधिकतर लोगों को शासन की इस लाभप्रद योजना की जानकारी नहीं है। प्राप्त जानकारी अनुसार शासन के दिशा निर्देश के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति के बिजली उपभोक्ताओं को प्रतिमाह दिए जाने वाले बिल में पच्चीस यूनिट का लाभ दिए जाने का प्रावधान लागू किया गया है। शासन की इस अभिनव योजना से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उन बिजली उपभोक्ताओं को 25 यूनिट की राशि काट कर ली जाएगी जिन्होंने अपने प्रमाण पत्र विभाग को जमा करा दिए है।
जानकारी का अभाव
जिले में गत तीन वर्ष से शासन की इस अभिनव योजना को लागू कर दिया गया है पर आज भी अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के कई सौ उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी ही नहीं है जिसके कारण 25 यूनिट की कटौती का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि विभाग ने जानबूझकर इस योजना का प्रचार प्रसार ही नहीं किया है। ऐसा नहीं करने के पीछे का एकमात्र मकसद भी यही है कि यदि योजना का प्रचार प्रसार हो जाता है और लोग उसका लाभ लेने लग जाएंगे तो विभाग की वसूली पर ही फर्क पड़ने लग जाएगा। जिले के हजारोें अनुसूचित जाति और जनजाति के बिजली उपभोक्ताओं को 25 यूनिट की राशि माफ करने लग जाएंगे तो इसका सीधा सा प्रभाव वसूली पर पड़ने लगेगा। यही कारण है कि बिजली विभाग इसका प्रचार प्रसार और न ही किसी उपभोक्ता को जानकारी देना उचित समझता है।
एक प्रमाणपत्र लगाना है
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उपभोक्ताओं को 25 यूनिट कटौती का लाभ लेने के लिए कुछ अधिक मशक्कत करने की जरुरत नहीं है उन्हें तो केवल सादे कागज पर आवेदन देकर अपनी जाति का प्रमाण पत्र सर्विस क्रमांक के साथ या पुराने बिल के साथ लगाकर बिजली विभाग के सहायक यंत्री या कनिष्ठ यंत्री कार्यालय में जमा भर कराना है जिसके बाद विभाग द्वारा अगले बिल से 25 यूनिट की राशि कम करके प्रदान की जाने लगेगी।
सभी जगह एक ही स्थिति
जिला मुख्यालय पर विभाग द्वारा कोई प्रचार प्रसार किया जाकर जब लोगों का लाभ प्रदान करना उचित  नहीं समझा गया है तो तहसील मुख्यालय और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति क्या हो रही होगी इसकी कल्पना सहज रुप से की जा सकती है। हालांकि विभाग के कार्यपालन यंत्री एके श्रीवास्तव का कहना है कि विभाग द्वारा योजना का लाभ इस दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है जो भी उपभोक्ता अपने प्रमाण पत्र लगाएगा उससे यह लाभ दिया जाएगा कितने उपभोक्ताओं को लाभ दिया जा रहा है इसकी जानकारी उनके पास नहीं थी। बोर्ड लगाने की मांग का ज्ञापन सौंपा जाएगाअनुसूचित जाति और जनजाति के उपभोक्ताओं को शासन की योजना के लाभ नहीं मिलने पर रोष प्रकट करते हुए अखिल भारतीय अनुसूचित जाति और जनजाति युवजन समाज के जिला अध्यक्ष शंकर खरे ने बताया कि जिले के सभी बिजली कार्यालयों में अनुसूचित जाति और जनजाति के उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी का बोर्ड लगाए जाने की मांग का ज्ञापन कलेक्टर संदीप यादव को सौंपा जाकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा नियामक आयोग एवं अनुसूचित जाति जनजाति आयोग को शिकायत भी की जाएगी कि अभी तक इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए  ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृति न हो सके।

Monday, November 29, 2010

संदिग्ध अवस्था में मिली लाश से सनसनी

बिलकिसगंज/सीहोर. सोमवार की सुबह बिलकिसगंज के खेड़ली जोड़ पर एक युवक की मिली लाश से सनसनी का वातावरण बन गया। सिर और कोहनी पर आई चोंट से मामला संदेहास्पद लग रहा है जिससे पोस्टमार्टम कराया जाकर रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ग्राम खेड़ली जोड़ पर सोमवार की सुबह एक 40 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी का वातावरण बन गया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच कार्य शुरू कर दिया है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार सुबह करीब दस बजे मिली लाश की शिनाख्त भोपाल के हर्ष वर्धन कालोनी निवासी राजेन्द्र शर्मा आत्मज बंसीलाल शर्मा के रुप में उसके भांजे जितेन्द्र द्वारा की गई। बताया जाता है कि मृतक भोपाल के एक वार्ड पार्षद के बिलकिसगंज के समीप खेत पर कार्य करता था और रविवार को ग्राम बिलकिसगंज में लगने वाले हाट बाजार में खरीदी भी करने आया था जिसे लोगों ने रात तक उसके कुछ मित्रों के साथ देखा भी था।  मृतक रोड किनारे खून से लथपथ अवस्था में पड़ा मिला है उसके सिर पर पीछे के हिस्से में चोंट तथा उल्टे हाथ की कोहनी पर भी चोंट के निशान है पर पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची जिससे यह अंदाजा लगाया जा सके कि उसकी हत्या है अथवा वो दुर्घटना का शिकार हÞुआ है।  ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर चर्चा का वातवरण बना हुआ है। मृतक के परिजन भी इस बात से परेशान है कि  उसकी मृत्यु कैसे हुई। पुलिस के अनुसार उसके साथ आए दोस्तों भी जानकारी एकत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। मृतक के परिजन सदमें में है पोस्टमार्टम कराने के लिए  सीहोर आया उसका भांजा भी कुछ कहने सुनने की स्थिति में नहीं था उसने पुलिस को जरुर बताया है कि वो उसके साथ ही रहता था तथा उसका किसी से झगड़ा भी नहीं हुआ था वो भी मृत्यु को संदेहास्पद मान रहा है। बिलकिसगंज में भी पोस्टमार्टम की सुविधा न होने के कारण शव को पुलिस द्वारा सीहोर लाया गया जहां पर शाम को पोस्टमार्टम किया जाकर उसके परिजनों को शव सौंपा गया। परिजन अंतिम यात्रा के लिए शव भोपाल लेकर रवाना हुए। चिकित्सकों ने भी फिलहाल कोई संकेत नहीं दिया है जिसके कारण पुलिस अभी उलझी हुई है

कैडेट्स ने रैली निकाली

 सीहोर सोमवार को शहर में एनसीसी कैडेट्स ने रैली निकालकर लोगों में जागरुकता लाने का प्रयास किया।
रैली का शुभारंभ स्थानीय चन्द्रशेखर आजाद  कॉलेज में प्राचार्य डा. बेलामंशारमानी द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। रैली शुभारंभ अवसर पर आवासीय खेलकूद स्कूल के प्राचार्य आरके बांगडे सहित सभी प्राध्यापक एवं स्टाफ मौजूद था। रैली पीजी कॉलेज से प्रारंभ होकर भोपाल नाका, इंग्लिशपुरा, कोतवाली, मुख्य बाजार, लीसा टाकीज चौराहा से होती हुई जिला अस्पताल पहुंची। रैली में पीजी कॉलेज के सीनियर कैडेट्स, आवासीय स्कूल, उत्कृष्ट स्कूल, शारदा स्कूल के जूनियर कैडेट्स ने गर्मजोशी के साथ भाग लिया।
रैली में एनसीसी डे का बैनर भी छात्र लेकर चल रहे थे। एनसीसी बैंड द्वारा मधुर धुन पर राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत गीत बजाए जा रहे थे। हाथों में बैनर लिए कैडेट्स आंतकवादी हिंसा के खिलाफ आव्हान करने के साथ साथ एनसीसी तथा इंडिया आर्मी को ज्वाइन करने का भी संदेश प्रसारित कर रहे थे। इसके अलावा यह लोग देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत नारे तथा एकता और अनुशासन का संदेश भी दे रहे थे। अंत में डा.उदय डोलस, आरकेसिंह, अशोक राठौर, राजेश तिवारी, ब्रजेश पाराशर, आरके बांगडे ने सभी को आंतकवाद के खिलाफ शपथ भी दिलाई।

बस के पलट जाने से 14 यात्री घायल हो गए

 इछावर , नसरुल्लागंज से भोपाल की ओर आ रही बस के पलट जाने से 14 यात्री घायल हो गए। बस पलट जाने के बाद यहां पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल इछावर लाया गया। रविवार की दोपहर में करीब सवा दो बजे नसरुल्लागंज से भोपाल की ओर आ रही गुप्ता बस सर्विस क्रमांक एमपी09- एस 6672 के चालक ने तेज व लापरवाही से चलाते हुए नादान घाट के निकट बस को पलट दिया जिससे 14 यात्री घायल हो गए। पुलिस ने चालक के खिलाफ प्रकरण कायम कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार घायल यात्रियों में भाई सिंह आत्मज जीवनिया बारेला, रुकमणी पत्नी उमाशंकर, धोलिया पत्नी दूरसिंह, लाल सिंह आत्मज नवलसिंह, जगदीश आत्मज रुपसिंह, सूर्या बाई पत्नी शिवराम, शाहबाई पत्नी लालजी राम, हरिसिंह आत्मज नाहलू, अर्जुन पिता भगवान सिंह, कालू आत्मज   मांगीलाल, देवी पत्नी भाई सिंह, सुनीता पत्नी अनिल, मधु पत्नी राजू, दिलदार आत्मज दिलासिया घायल हो गई। इन सभी को लोगों की मदद से ही बस से निकाला जा सका। सभी घायलों का उपचार के लिए इछावर अस्पताल लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने बयान लिए। नादान घाट के समीप हुए इस सड़क हादसे में पति-पत्नी दोनों भी घायल हुए है। पुलिस के अनुसार भाई सिंह और उसकी पत्नी देवी नसरुल्लागंज से काम के लिए भोपाल जा रहे थे कि रास्ते में ही बस पलटी खा गई। पुलिस के अनुसार इसमें देवी बाई को तो इछावर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि उसके पति की हालात गंभीर होने पर उसे सीहोर अस्पताल भेजा गया है।

Sunday, November 28, 2010

घायल बदमाश की तलाश में जुटी पुलिस टीम

 सीहोर,अहमदपुर थाना क्षेत्र में हुई सनसनी खेज लूट की वारदात के आरोपियों की तलाश में पुलिस महकमा जुटा हुआ नजर आ रहा है। पुलिस सभी थानों के प्रभारियों और स्टाफ की मदद से घायल बदमाश की तलाश सरगर्मी से कर रही है ताकि सभी लोगों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बीती रात अहमदपुर के ग्राम पटारा निवासी हरि सिंह गुर्जर आत्मज बापू लाल गुर्जर के पीली पठार स्थित मकान पर चार बदमाशों ने योजनाबद्व तरीके से हमला बोलते हुए उनके साथ मारपीट करते हुए करीब एक किलो चांदी के कड़े तथा आधा किलों चांदी का रमजोला, करीब एक तौले सोने के टाप्स, आधा तौले का सोने का तावीज तथा करीब साठ हजार रुपए नकद छीन कर ले गए थे। इस सनसनीखेज घटनाक्रम के  दौरान बदमाशों से गुर्जर परिवार के मुखिया सहित अन्य सदस्यों द्वारा भी मुकाबला किया गया था पर बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे, इसलिए वे भागने में सफल हो गए थे। बताया जाता है कि भागने के पहले एक बदमाश के सीने पर भी चोंट आई थी जिसके आधार पर ही पुलिस एकदम सक्रिय हुई और उनकी तलाश में जुट गई।
सभी दूर वायरलैस
पुलिस द्वारा जिले के ही नहीं आसपास के थानों में इस आशय के संदेश वायरलैस के माध्यम से कर दिए कि जो चार बदमाश भागे है उनमें से एक के सीने में चोंट के निशान है। आसपास के क्षेत्रों में तलाश किए जाने के अलावा पुलिस महकमा क्षेत्र के निजी चिकित्सकों के यहां पर भी मालूतआत करता पाया गया। पुलिस को उम्मीद थी कि आरोपियों द्वारा किसी ने किसी चिकित्सक की मदद जरुर ली गई होगी जिससे वो आसानी के साथ पकड़े जा सकते है पर दुर्भाग्यजनक पहलू यह है कि इन पंक्तियों के लिखे जाने बदमाशों में से किसी का भी सुराग नहीं लग सका है। हालांकि एक आरोपी के रुप में पुलिस के पास अमरसिंह का नाम आ चुका है जिसके आधार पर पुलिस द्वारा रविवार को भी एक दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है पर किसी प्रकार का सुराग नहीं लग सका है।
ग्रामीण क्षेत्रों मे सक्रिय
पुलिस द्वारा विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भी सक्रियता बनाए हुए कार्य कर रही है लोगों से लगातार संपर्क कायम कर उन लोगों के हुलिए के आधार पर कार्य कर रही है ताकि किसी तरह से उनका पता चल सके। बहरहाल देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कब तक और किस प्रकार से आरोपियों का सुराग लगा पाती है।
हत्या के आरोपी जेल
उधर हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार अहमदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मंझेड़ा निवासी काशीराम प्रजापति ने अपने समधी 50 वर्षीय पूरन सिंह पिता कालूराम की अपने खेत में चाकू और कुल्हाड़ियों से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी थी।  इस मामले की रिपोर्ट करते हुए मृतक पूरन सिंह के बेटे सुरेश ने पुलिस को बताया था  कि उसके पिता को उन्हीं के  समधी काशीराम घर से यह कहकर ले गया था  कि लड़के की तबियत खराब है, झाड़फूंक करनी है, कांशीराम को यह शक था कि पूरन सिंह ने उसके बेटे हिम्मत पर जादू-टोना कर रखा है, जिसके कारण वह बीमार रहता है। इसी शक में काशीराम ने अपने खेत के पास पूरनसिंह की चाकू व कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया  था। आरोपी चूंकि वारदात करने के बाद थाने स्वयं ही कुृल्हाड़ी लेकर पहुंच गया था इसलिए पुलिस को हत्याकांड के पर्दाफाश करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। थाना प्रभारी चरण सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा के अंर्तगत जेल भेजने के आदेश दिए गए है। बहरहाल ग्राम मंझेड़ा में इस हत्या के बाद से ही सनसनी का वातावरण बना हुआ है। एसपी ने किया दौरा कर दिए निर्देश रविवार को जिला पुलिस अधीक्षक केडी पाराशर ने रविवार को ग्राम पटारा पहुंचकर  फरियादी के घर जाकर बातचीत की। बताया जाता है कि रविवार की सुबह करीब 11 बजे पुलिस अधीक्षक श्री पाराशर ने अपनी टीम के साथ अहमदपुर के ग्राम पटारा में लूट के शिकार हरिसिंह गुर्जर के आवास पर पहुंचे और उनसे बातचीत की। यहां पर मौजूद उनके परिजनों से उन्होंने बातचीत कर घटनाक्रम का पूरा सिलसिलेवार ब्यौरा हासिल किया। उन्होंने भी परिजनों से बातचीत के दौरान आरोपियों के हुलिए का विवरण हासिल किया तथा उन्हें इस बात की भी दिलासा दिलाई कि शीघ्र ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। यहां पर परिजनों से बातचीत करने के बाद उन्होंने घटना स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीओपी तथा थाना प्रभारी का आवश्यक मार्गदर्शन देते हुए इस मामले में अभी तक किए गए प्रयासों की भी जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हर कीमत पर आरोपियों को पकड़ा जाना है ताकि आगे इस प्रकार की पुनरावृति न हो पाए। पुलिस अधीक्षक यहां पर दोपहर तीन बजे तक रुके। उनके आने से ग्रामीण भी हैरत में थे उनको भी लग रहा था कि जिस प्रकार से पुलिस अधीक्षक केडी पाराशर ने आज अधिकारियों की क्लास ली है उससे पुलिस बल सक्रिय होकर बदमाशों की तलाश करेगा। पुलिस अधीक्षक के आगमन के बाद श्यामपुर और दोराहा तथा मंडी थाने का स्टाफ भी चुस्त दुरस्त होकर कार्य करता नजर आया उनके वापस जाने तक सभी थानों में सतर्कता   का माहौल देखा गया।

Friday, November 26, 2010

दो गुना रकम करने वालों पर प्रकरण

सीहोर,राजस्थान के युवक के साथ दो लोगों ने की अस्सी हजार की धोखाधड़ी  कोतवाली पुलिस ने दो लोगों पर धोखाधड़ी का प्रकरण कायम कर जांच कार्य शुरू कर दिया है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार विजय नगर अजमेर निवासी ओम प्रकाश आत्मज गंगाराम शर्मा को इस बात की जानकारी मिली कि सीहोर में कुछ लोग तंत्र-मंत्र की साधना से रकम को दोगुना करने का कार्य करते है। अजमेर से जानकारी लेकर आया आए ओमप्रकाश ने गांधी रोड निवासी हमीद खां आत्मज कल्लू खां तथा उसके प्रमुख सहयोगी ग्राम रुपेणा आष्टा निवासी किशन आत्मज लक्ष्मण को रकम दो गुना करने के लिए अस्सी हजार रुपए दिए। रकम देकर वो रकम दोगुनी होने का इंतजार ही करता रहा।  थकहार जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो  अजमेर निवासी ओमप्रकाश शर्मा ने गत दिवस इस आशय की शिकायत कोतवाली पुलिस को की जिस पर पुलिस ने मामले को जांच में लिया। जांच के दौरान यह पाया गया कि ओमप्रकाश के साथ धोखाधड़ी की गई है जिस पर कोतवाली पुलिस ने भादवि की धारा 420 के अर्न्तगत आपराधिक प्रकरण कायम कर दोनों आरोपियों से पूछताछ प्रारंभ कर दी है।  कोतवाली टीआइ चेतराम मीणा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनके साथ अन्य कितने लोग शामिल है तथा बाहर शहर में उनका कौन सहयोग कर रहा है। बहरहाल देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कब तक कोई अन्य सुराग लगा पाती है। राजस्थान से ही पता धोखाधड़ी के शिकार व्यक्ति को राजस्थान से ही इस बात की जानकारी  मिली थी कि सीहोर में एक व्यक्ति तंत्र-मंत्र की साधना से रकम दो गुना करने का कार्य करता है। पुलिस के अनुसार विजय नगर अजमेर निवासी निजाम खां द्वारा ही ओमप्रकाश शर्मा को इस बात की जानकारी उपलब्ध कराई गई थी जिसके आधार पर ही वो सीहोर आया था तथा हमीद खां और किशन के संपर्क में आकर ठगी का शिकार बना। 

इंग्लैंड के विदेश मंत्री ने देखी व्यवस्थाएं

अमित तिवारी आष्टा
भारत में डीएफआईडी प्रमुख सेम शार्प के नेतृत्व में  इग्लैण्ड के विदेश मंत्री एन्ड्रयू मिशेल के साथ ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने आष्टा अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। सिविल अस्पताल आष्टा में भारत मे डीएफआईडी प्रमुख सेम शार्प के नेतृत्व में  इग्लैण्ड के विदेश मंत्री एन्ड्रयू मिशेल के साथ राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की अधिकारी मीनाक्षी नाथ, मध्यप्रदेश के संचालक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा एएन मित्तल, संजय शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. एएल मरावी के दल ने निरीक्षण किया।  निरीक्षण दल के अस्पताल की व्यवस्थाओं को सामान्य दिनों से अधिक चुस्त-दुरूस्त किया गया था। निरीक्षण दल मे आए विदेश मंत्री ने सिविल अस्पताल के हर हिस्से को बारीकी से देखा।  विदेश मंत्री के साथ ही आई सहयोगी टीम के सदस्यों ने भी  अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा हर कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी ली।  टीकाकरण विषय के बारे में जिला टीकाकरण अधिकारी डा.एके जैन से जानकारी ली। बीएमओ डा.प्रवीर गुप्ता ने पूरे दल को अस्पताल मे चल रहे कार्य तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए फण्ड से किए जा रहे कार्य के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रसूति कक्ष में महिलाओं से जाकर उपलब्ध सुविधाओं के विषय में भी देखा।  इस दौरे से जहां स्थानीय विभाग के अधिकारियो में उत्साह देखने को मिला वहीं ग्रामीण क्षेत्रो से आए लोग भी कौतूहल भरी नजरों से सारी कवायद को देखने के लिए भीड़ लगाए देखे गए। यहां आई टीम ने सिद्धार्थ अस्पताल का भी दौरा  किया। जहां डॉ मुकेश इन्दौरिया तथा महिला रोग विशेषज्ञ डा. सीमा इन्दौरिया, डा. अमित से चर्चा कर उनके कार्य तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में अधिकतम जानकारी प्राप्त की। प्रसूति की व्यवस्थाओं  के बारे में भी गंभीरता से जानकारी ली। इस संवाददाता से  चर्चा करते हुए  विदेश मंत्री एन्ड्रयू मिशेल ने अपने इस दौरे के अनुभवो के बारे में बताया कि यहां की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हैं तथा भारत को अभी और भी फण्ड उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में काफी उन्नति हुई है। मध्यप्रदेश के संचालक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा एएन मित्तल से जब सवाल किया गया कि गहन शिशु चिकित्सा कक्ष कब से कार्य करने लगेगा इस पर डॉ एके जैन को निर्देश दिए कि दो दिन के अन्दर ही इसे प्रारंभ किया जाए। अस अवसर पर एसडीएम इच्छित गढ़पाले, एसडीओपी   सीके भामरे, थाना प्रभारी हनुमंतसिंह राजपूत भी उपस्थित थे।जननी सुरक्षा एक्सपे्रसभारी सुरक्षा इंतजामों के बीच इस दौरे में जननी एक्सप्रेस में बैठकर देखना तथा उसका अनुभव करना भी नहीं भूले विदेश मंत्री एन्ड्रयू मिशेल। उनको जननी सुरक्षा में बैठा देखकर लोगों को भी आर्श्चय हुआ सभी लोग उनकी सहजता और बातचीत के तरीके से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।

सांठ-गांठ उजागर

सीहोर.जिला मुख्यालय पर कलेक्टर द्वारा दो साल पहले जारी किए गए आदेश पर अब अमल हुआ है। आखिर किन कारणों के चलते अमल रुका रहा। उन दो सालों में क्या कुछ नहीं हुआ। इसकी जांच अब अवश्यक नहीं है क्या। शासकीय कार्यालयों में काम की सुस्त गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कलेक्टर का भूमाफियों पर शिकंजा कसने के आदेश दो साल तक फाइलों में उलझा रहकर भूमाफियों को सरंक्षण देता रहा है।  हाल ही में इस आदेश के पालन में भूमाफियों पर शिकंजा कसने के लिए आदेश जारी कर दिया गया, लेकिन इस आदेश ने शासकीय के कार्य की गति का जरूर खुलाशा कर दिया। वहीं इस बात को भी उजागर कर दिया कि इस महत्वपूर्ण आदेश पर दो साल तक क्यों पालन नहीं किया गया। आ िार भूमाफियों को सरंक्षण क्यों दिया गया। यह अनुचरित प्रश्न लोगों की जुबां पर अभी भी प्रश्न बना हुआ है।  पिछले दो-तीन साल से भूमाफियों का शिकंजा तेजी से शहर में पैर पसार गया है। नगरीय क्षेत्र एवं इसके आसपास की कृषि भूमि को बिना डायवर्सन के आवासीय दर्शाकर भूमाफिया कलोनियां काटकर चांदी कर रहे हैं। वहीं कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराए जाने से शासन को राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही है। भूमाफियों के शहर में बढ़ते शिंकजे को लेकर कलेक्टर ने आदेश क्रमांक 1404/डायवर्सन/08 के जरिए 30 जुलाई 08 को जिले के सभी एसडीएम को  अवैध कालोनी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए परिपत्र जारी किया गया था। आदेश में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि मप्र भू राजस्व संहिता की धारा 70 के अंतर्गत जारी अधिसूचना क्रमांक 178-6477 दिनांक 6 जनवरी 1960 के नियम (1) के अनुसार कृषि प्रयोजन के लिए प्रयुक्त भूमि का ऐसा कोई टुकड़ा संरचित नहीं होगा, जिसका क्षेत्रफल 0.05 एकड़ से कम हो। यह आदेश दो साल का एसडीएम कार्यालय में फाइलों में धूल खाता भूमाफियों को सरंक्षण देता रहा। इस दौरान शहर के लगभग चारों तरफ भूमाफियों ने जमकर जमीन का क्रय-विक्रय कर शासन को लाखों रुपए राजस्व की हानि पहुंचाई जाती रही। हालांकि इस आदेश पर हाल ही में एसडीएम सुभाष द्विवेदी ने आदेश/2009/डायवर्सन/2010 के माध्यम से कृषि भूमि को आवासीय दर्शाकर रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश ेमें कलेक्टर के पूर्व आदेश को आधार बताते हुए कृषि भूमि को बिना डायवर्सन के रजिस्ट्री नहीं करने के निर्देश उपपंजीयक को दिए गए हैं। मगर इस आदेश ने कलेक्टर के पूर्व आदेश पर दो साल तक पालन नहीं किए जाने के पोल खोल कर रखी है। आखिर एसडीएम कार्यालय पर दो साल पहले क्यों पालन नहीं किया गया। आखिर भूमाफियों को अभी तक सरंक्षण क्यों दिया जाता रहा।

Tuesday, November 23, 2010

कार्रवाई से हड़कंप

आष्टा/सीहोर.पुलिस और पब्लिक की नाक में दम किए हुए कंजरों के डेरे पर पुलिस ने लंबे अंतराल के बाद साहसिक कार्रवाई करते हुए अठाहरा कंजरों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। इनके पास से एक दर्जन बाइक और एक टेक्टर भी बरामद किया गया है। आरोपियों से पूछताछ के बाद ही खुलासा होने की संभावना है। पिछले कुछ समय से सीहोर और आष्टा की सीमा पर कंजरों का आंतक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था। बीच में ेकंजरों की गतिविधियां रुक जाने पर लोगों के साथ-साथ पुलिस ने भी राहत की सांस ली थी लेकिन अचानक इनकी गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हो गई। पहले दस लाख रुपए मूल्य के ग्यारहा सौ पीपे सोयाबीन तेल और बाद में दो ट्रेक्टर लूटकर ले जाने के बाद से न केवल क्षेत्र के आम और खास बल्कि पुलिस को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि दो ट्रेक्टर बाद में पुलिस ने लावारिस अवस्था में बरामद कर लिए थे पर अन्य वारदातों का पता नहीं चल सका। यहां तक की सीहोर तथा आष्टा क्षेत्र में दिन दहाड़े बाइक चोरी जाने की घटनाओं से भी सभी की नींद उड़ी हुई थी। इस सबके चलते पुलिस द्वारा गत दिवस सुबह जिला पुलिस अधीक्षक केडी पाराशर के दिशा निर्देशन में निकटवर्ती ग्राम माधोपुर के कंजर डेरे पर छापा मार कार्रवाई की गई। बताया जाता है कि एसडीओपी शिवकुमार वर्मा के नेतृत्व में आष्टा टीआई हनुमंत सिंह राजपूत, जावर थाना प्रभारी सतीश महलवाला सहित सिद्धिकगंज, सीहोर, आष्टा, जावर के लगभग साठ से अधिक पुलिस जवानों की टीम सात से अधिक गाड़ियों में पहुंची। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से डेरे में हड़कंप का वातावरण निर्मित हो गया, लेकिन हमेशा तैयार रहने वाले कंजरों और उनकी महिलाओं ने पुलिस को काफी जोर कराया, लेकिन पुलिस ने सख्ती का रवैया अख्तियार करते हुए अश्रु गैस का उपयोग किया और यहां से उनके 18 लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार इनके पास से 11 बाइक बरामद की गई है, जिनमें से दस बाइक स्पलेंडर हैं तथा बजाज प्लेटिना है। इसके अलावा एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया है। आरोपियों में से आधों को आष्टा थाना तथा आधों को सीहोर कोतवाली लाया गया है। सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इनसे कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने की संभावना है। पूछताछ की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले का विस्तार के साथ खुलासा किए जाने के संकेत दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस आज दिनभर इन लोगों से पूछताछ कर चोरियों की जानकारी प्राप्त करती रही। पुलिस इस बात का भी पता लगने का प्रयास कर रही है कि जो बाइक बरामद हुई हैं, किस-किस क्षेत्र से चोरी गई है, ताकि बाइक मालिक का पता लग सके। लंबे अंतराल के बाद की गई इस कार्रवाई का लोगों द्वारा स्वागत किया गया है। इस कार्रवाई की चर्चा आष्टा और सीहोर में दिनभर होती रही। जिनकी बाइक चोरी गई है, वह सीहोर और आष्टा के थानों में पहुंचकर अपनी गाड़ी तलाशते देखे गए। जिन लोगों की बाइक मिली हैं, वह प्रसन्न थे और जिन्हें नहीं मिली वह मायूस नजर आए। पुलिस का कहना है कि अन्य बाइकों का भी सुराग लग सकता है।

महिलाओं ने किया पुलिस पर पथराव

बताया जाता है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान हमेशा की भांति कंजरों के डेरे से महिलाओं द्वारा पथराव किया गया। जिससे जैसे तैसी बची पुलिस ने अपना साहस नहीं छोड़ा और उनसे बचते हुए अपनी छापामार कार्रवाई को लगातार बरकरार रखा तथा इन सभी कंजरों को एक मकान में जाने के लिए विवश कर दिया। पुलिस बल चूंकि पूर्व के अनुभवों के कारण इस बार पूरी सावधानी के साथ गया था इसलिए कंजरों के सारे प्रयास विफल हो गए।

छोड़ना पड़े अश्रुगैस

जिस समय महिलाओं द्वारा पथराव किया जा रहा था तभी उनके डेरे के मर्द गांव के एक मकान में जा समाए पुलिस के लिए पहले तो उस मकान पर पहुंचना कठिन था पर उसके बाद उनका काम आसान भी हो गया क्योंकि पुलिस भी चाहती थी कि यह सभी एक जगह मिल जाए। बताया जाता है कि जब यह लोग एक मकान में घुसे तो पुलिस ने अश्रुगैस का इस्तेमाल किया पर इस अश्रु गैस का भी इन पर असर नहीं हो रहा था ऐसे में पुलिस ने स्वयं ही अश्रुगैस का सामना करते हुए भीतर प्रवेश किया।

तैयारी थी...

पुलिस जब उस मकान के भीतर गई तो यह लोग सशस्त्र तैयार थे पर पुलिस की तैयारी देख कंजर भी पहली बार अपने को परेशानी में पा रहे थे। पुलिस को लग रहा था कि गोली चालन की स्थिति बनेगी पर इसके बिना ही पुलिस इनके 18 साथियों को भरकर ले आई।

अब स्थानीय गिरोह पर भी निगाहें...

कंजर डेरे पर छापामार कार्रवाई के बाद पुलिस की निगाहें अब आष्टा और सीहोर के स्थानीय चोरों पर लग गई हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक केडी पाराशर लगातार बढ़ रही चोरियों और लूट की वारदात से नाराज चल रहे थे। इस कार्रवाई में जिस प्रकार से बाइक मिलने की संभावना थी, उसमें कम ही सफलता मिली है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों में सीहोर और आष्टा क्षेत्र से कई वाइक चोरी गई हैं। जिससे यह माना जा रहा है कि इस कार्य को कंजरों की आड़ में स्थानीय गिरोह द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। पूर्व में ऐसा हो चुका है, जब पुलिस केवल कंजरों पर ही संदेह करती रही थी और घटनाएं स्थानीय बदमाश अंजाम देते रहे हैं। ऐसे संकेत मिले हैं कि पुलिस अब कंजर गिरोह के बाद स्थानीय गिरोहों पर निगाह रखे हुए है। शीघ्र ही इस प्रकार की बड़ी कार्रवाई सीहोर और आष्टा के स्थानीय गिरोहों पर भी हो सकती है। लोगों ने पुलिस कार्रवाई का स्वागत करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक केडी पाराशर से आग्रह किया है कि चोरी में लिप्त स्थानीय गिरोह पर दबिश डाली जाए ताकि अन्य चोरियों का पर्दाफाश हो सके।

Monday, November 22, 2010

फर्जी नामों की भरमार

नगर पालिका चुनाव को लेकर वार्डों में राजनीति समीकरण बनने और बिगड़ने लगे हैं। ऐसे में अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में वार्ड स्तरीय नेताओं की सक्रियता बढ़ रही है। चूंकि अभी मतदाता सूचियों में मतदाताओं के नाम बढ़ने और घटने का क्रम जारी है, तब कई स्थानो पर मतदाता सूचियों में दूसरे क्षेत्रों के लोगों के नाम आने से रोचक स्थिति बन गई है।चुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है। इसके पहले ही मतदाता सूचियों में दूसरे क्षेत्रों के लोगों के नाम होने अथवा मतदाताओं के नाम अन्य क्षेत्र में कर देने के आरोप सामने आने लगे हैं। अंतिम प्रकाशन के बाद मतदाता सूचियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
35 वार्डों के लिए शहर में पार्षदों का चुनाव होगा तथा नगर पालिका अध्यक्ष का भी निर्वाचन होगा। इन चुनावों के लिए वार्डों में तैनात शासकीय अमला मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद सक्रिय है। वार्ड स्तरीय नेता मतदाता सूचियों में लोगों के नाम नियमानुसार जुड़वाने और घटवाने में लगे हैं। इस कार्य के दौरान कुछ वार्डों में मतदाता सूचियों विवादों के घेरे में आ गई हैं, क्योंकि जिस वार्ड की सूची है, उसमें दूसरे वार्ड के लोगों के नाम आ गए हैं, तथा उस वार्ड के लोगों के नाम दूसरे वार्ड में कर दिए गए हैं। 
दो वार्डों पर निगाह
जानकार सूत्रों के अनुसार मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन होने के बाद जब हर वार्ड में यह मतदाता सूचियां लोगों के अवलोकन के लिए रखी गई और प्रशासन ने दावे और आपत्तियां आमंत्रित की, तब गंज और मंडी क्षेत्र में के एक-एक वार्ड में सूची में शामिल कुछ नामों को लेकर आपत्तियां सामने आ रही हैं। बताते हैं कि गंज के एक वार्ड के लगभग 50 मतदाताओं के नाम दूसरे वार्ड में कर दिए गए हैं। जबकि मंडी में ऐसे दर्जनों नाम सूची में मिले हैं, जो लोग उस वार्ड में रहते ही नहीं हैं।
किसने की लापरवाही
नगर पालिका चुनाव को लेकर अध्यक्ष पद के दावेदार भले ही नगर में समीकरण बनाने में जुटे हों, लेकिन पार्षद पद के दावेदार अनेक नेता अपने अपने वार्डों में मतदाताओं सूचियों को खंगाल रहे हैं और अपने जीतने की संभावना को तलाशने में जुटे हैं। इसी दौरान मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन से सूची में सामने आ रही ऋटियों को दुरूस्त कराने के लिए आपत्ति प्रस्तुत कर रहे हैं। शहर के वार्ड क्रमांक 25 में तो एक नेता पर ही फर्जी नाम जुड़वाने के आरोप लगे हैं। अभी तक प्रशासन ने प्रारूप प्रकाशन के लिए मतदाता सूची तैयार करने वाले ऐसे कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है, जिन्होंने मतदाता सूची के कार्य में गंभीर लापरवाही बरती।  यह बताया गया है कि लोगों ने मतदाता सूचियों में सामने आ रही कुछ गंभीर गलतियों को लेकर सीधे तौर पर कलेक्टर संदीप यादव और एसडीएम सुभाष द्विवेदी को शिकायत की है।
कांग्रेस और भाजपा में नए समीकरण बनने का दौर
लोकतंत्र के उत्सव के लिए शहर मे ंराजनीति वातावरण पूरी तरह से बनकर तैयार है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने अपने-अपने स्तर पर राजनीति को अपने पक्ष में करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। सबसे पहले पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर राजनीति को गरमा दिया। उसके बाद भाजपा के टिकिट पर वार्ड नंबर 16 से चुनाव जीते पार्षद ह्रदेश राठौर कांग्रेस में शामिल हो गए तथा समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अयाज लाला ने पूर्व सांसद अजीज कुरैशी के सामने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कुल मिलाकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में सीधे तौर पर मुकाबला तय माना जा रहा है। इस बात को देखते हुए दोनों दल सक्रिय हो गए हैं। भाजपा के पर्यवेक्षक पूर्व मंत्री रामपाल सिंह शहर में आकर प्रमुख नेताओं से चर्चा कर चुके हैं। उनका पूर्व नपाध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा के निवास पर जिलाध्यक्ष रघुनाथ सिंह भाटी की मौजूदगी में जोरदार स्वागत हुआ। इन सबके बीच कांग्रेस ने अभी तक अपने पर्यवेक्षक घोषित नहीं किए हैं। ऐसे में अभी यह तय नहीं हो पा रहा है कि कांग्रेस टिकिट वितरण का केन्द्र सीहोर शहर रहेगा अथवा यहां के नेताओं को पार्षद प्रत्याशी बनने के लिए पीसीसी भोपाल के चक्कर लगाना पड़ेंगे।

Sunday, November 21, 2010

सतनाम वाहे गुरू की गूंज



सीहोर सिख समाज ने गुरुनानक देवजी के जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर निकाली भव्य शोभायात्राशनिवार की शाम को शहर में सतनाम वाहे गुरु और बोले सो निहाल की गूंज के साथ श्री गुरुनानक देव जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पीपुल्स संवाददाता, गंगा आश्रम स्थित गुरुद्वारे से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा शहर सब्जी मंडी रोड, आष्टा रोड, कोतवाली चौराहा, बद्री महल चौराहा, पान चौराहा तथा मुख्य मार्ग से होती हुई वापस गुरुद्वारे पर समाप्त हुई। सिख समाज अपने प्रथम गुुरु श्री गुरुनानक देव जी का जन्मोत्सव रविवार को परम्परागत श्रद्धा और भक्ति भरे माहौल में मनाएगा। इस उपलक्ष्य में गुरुद्वारें में अखंड पाठ साहिब की स्थापना की गई है जिसका समापन रविवार की सुबह 11 बजे शब्द कीर्तन और लंगर के साथ होगा। इसी उपल्क्ष्य में शनिवार की शाम को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें सबसे आगे पंच प्यारे चल रहे थे उनके पीछे युवतियों तथा बच्चों का समूह भी चल रहा था। श्री गुरुग्रंथ साहिब को भी सजाया गया था। महिलाएं और युवतियां सतनाम वाहे गुरु तथा बोले सो निहाल के जय घोष के साथ भजन कीर्तन गाते हुए चल रही थी। युवाओं द्वारा आतिश बाजी के प्रदर्शन के साथ खुशी का इजहार किया जा रहा था। शहर के विभिन्न समाजिक और राजनीतिज्ञ संगठनों द्वारा इस शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। सिख समाज ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए लंगर में प्रसादी ग्रहण करने की अपील की है।

कार्य के तरीकों को देख हिदायत दी


सीहोर नगर पालिका परिषद के चुनाव को लेकर चल रहे दावे आपत्ति के कार्यों का निरीक्षण कर राज्य निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक आरडी खत्री ने कर्मचारियों को सही तरीके से कार्य करने की हिदायत दी। उनके द्वारा पांच केन्द्रों का दौरा किया गया आने वाले दिनों में अन्य केन्द्रों का भी दौरा करेंगे। इन दिनों शहर के सभी 35 वार्डों में मतदाता सूची में नाम बढ़वाने तथा दावे आपत्ति लगाए जाने कार्य चल रहा है। इन सभी वार्डों में कर्मचारी तैनात किए गए है। शनिवार की सुबह राज्य निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक आरडी खत्री द्वारा पांच केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। गांधी शिशु विद्यालय, कस्तूरबा स्कूल तथा आदिम जाति कल्याण विभाग के केन्द्रों पर पहुंचकर उन्होंने आपको कितने दिन की ट्रेनिंग दी गई है, कौन कौन से फार्म भर रहे है तथा रोजाना की रिपोर्ट सूचना बोर्ड पर चस्पा की जा रही है अथवा नहीं अदि की जानकारी प्राप्त की।

हाइवे के लिए पैदल मार्च

 सीहोर हाइवे की दुर्दशा को देखते हुए उसे बचाने के लिए भाजपा के प्रदेश व्यापी आव्हान के अंर्तगत श्यामपुर में भाजपा ने प्रभावी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में पूर्व सासंद कैलाश सारंग भी शामिल हुए। श्यामपुर बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सारंग ने कहा कि आज तक के सबसे सफल मुख्यमंत्री के रुप में शिवराज सिंह चौहान ने अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है पर केन्द्र सरकार की दोगली नीतियों के कारण यहां पर हाइवे की हालत दिनों दिन नाजुक होती जा रही है। सरकार की नींद खोलने के लिए आज प्रदेश भर में हाइवे बचाने का आंदोलन पैदल मार्च के रुप में किया जा रहा है। भाजपा के पैदल मार्च को हरी झंडी देकर श्री सारंग ने रवाना किया। भाजपा नेता देवेन्द्र सक्सेना,मायाराम गौर, पंडित रमाकांत समाधिया, सत्यनारायण पाटीदार, ताराचंद चौहान, श्याम सिंह, अमरसिंह मीणा, नारायण सिंह मेवाड़ा, रामस्वरुप मालवीय, दिनेश पाटीदार, लक्ष्मीनारायण, नगर मंडल प्रवक्ता पवन जैन, दीपसिंह मेवाड़ा, अखेलश आदि शामिल हुए। बस स्टैंड से प्रारंभ हुआ यह पैदल मार्च पीलू खेड़ी तक पहुंचा और इस मार्च के दौरान भाजपा नेता कार्यकर्ता केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भी चल रहे थे।

Saturday, November 20, 2010

दूसरी ड्रेस का इंतजार

सीहोर ,सरकार की महत्वाकांक्षी योजना इन दिनों बंटन के अभाव में पूरी नहीं हो पा रही है। इस साल छात्राओं को एक की जगह दो ड्रेसें देने की घोषणा की गई थी। सभी ड्रेस 15 अगस्त तक वितरित हो जाना थी, लेकिन नवम्बर माह समाप्ति की ओर है पर अभी भी कई स्कूलों में दूसरी ड्रेस का वितरण नहीं हो पाया है। मप्र शासन ने बालिकाओं को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की हुई हैं। इसी तारतम्य में बालिकाओं को गणवेश वितरण करने की योजना संचालित की जा रही है। गत शिक्षण सत्र तक एक ही गणवेश दिए जाने का प्रावधान था पर इस साल से दो गणवेश प्रदान किए जाने का प्रावधान रखा गया। इसके पीछे का मकसद यही था कि छात्राएं पूरे सप्ताह साफ-सुथरी ड्रेस पहनकर स्कूल पहुंचे, लेकिन दुर्भाग्य का विषय यह है कि शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य में पूरी तरीके से सफल नहीं हो पाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सीहोर शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी दूसरी ड्रेस का वितरण नहीं हो सका है। कक्षा पहली से आठवीं तक की छात्राओं को दो-दो गणवेश 15 अगस्त तक वितरित किए जाने के आदेश जारी किए गए। छात्राओं को एक गणवेश तो दे दी गई, लेकिन नवम्बर माह समाप्त होने की कगार पर है, पर अभी तक कई दर्जन विद्यालयों की छात्राओं को दूसरे गणवेश का वितरण नहीं किया जा सका है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि अधिकतर स्कूलों में दूसरे गणवेश का वितरण नहीं हुआ है, जिसका मुख्य कारण यह है कि शासन से राशि का बंटन नहीं हुआ है। राशि मिलने पर ही दूसरे गणवेश का वितरण किया जा सकेगा। जिन लोगों ने जोखिम उठाया है, वह भी आज तक भुगतान की समस्या से पीड़ित चल रहे हैं। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक डीएस बारेला का कहना है कि अधिकांश स्कूलों में दूसरे गणवेश का वितरण हो चुका है। भुगतान भी सभी लोगों को शीघ्र किए जाने की उम्मीद बन गई है।

उधारी का इंतजार

जिले में कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जिनमें छात्राओं को शासन की मंशानुरूप दोनों ड्रेस प्रदान कर दी गई हैं, लेकिन इन स्कूलों के जनशिक्षक केन्द्रों को अभी भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों ने जनशिक्षकों के आग्रह पर दो-दो ड्रेसें तो उपलब्ध करा दी, लेकिन उन्हें भुगतान अभी एक ही ड्रेस का प्राप्त हुआ है। दूसरी ड्रेस जनशिक्षक और स्कूल स्टाफ के विश्वास पर उधार दे दी, लेकिन अभी तक उन्हें उधारी नहीं मिली है। दुकानदारों द्वारा बार-बार जनशिक्षकों तथा स्कूल स्टाफ से ड्रेस का भुगतान मांगा जा रहा है। बहरहाल, दुकानदार अपनी उधारी चुकने का बेसब्री के साथ इंतजार कर रहे हैं।

बांटने की जगह

दुकानदारों द्वारा उधार दिए जाने के बाद भी कुछ स्कूल प्रबंधनों द्वारा छात्राओं को दूसरी ड्रेस प्रदान नहीं की गई। जानकारी के अनुसार ग्राम खजूरिया खुर्द और कादराबाद मीडिल स्कूलों में तो एक गणवेश का वितरण कर दिया गया, दूसरी गणवेश दुकानदार ने उधार दे दी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने दूसरी ड्रेस को बांटने के स्थान पर उसे स्कूल में ही रख लिया। नहीं बांटने का कारण भी यह बताया गया कि कहीं बंटन नहीं आया तो दुकानदार को भुगतान कहां से किया जाएगा। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए इन विद्यालयों से दूसरी गणवेश का वितरण कराया।

विशाल शोभायात्रा से बना धार्मिक माहौल

सीहोर. शुक्रवार को गायत्री परिवार द्वारा निकाली गई भव्य शोभा यात्रा से शहर का माहौल धर्ममय बन गया। राष्ट्र जागरण दीप महायज्ञ के तीन दिवसीय आयोजन का श्रीगणेश शोभायात्रा से हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलश के साथ भागीदारी की। गायत्री परिवार द्वारा सिन्धी कालोनी स्थित खेल मैदान पर राष्ट्र जागरण दीप महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ शुक्रवार की सुबह विशाल शोभायात्रा के साथ हुआ। सीवन नदी पर चौराहे पर स्थित गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ हुई शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई सिन्धी कालोनी स्थित खेल मैदान पर पहुंची। शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलश के साथ भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दूसरे दिन शनिवार को सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक विभिन्न संगीतमय कार्यक्रम तथा प्रवचनों का आयोजन होगा। समापन रविवार को किया जाएगा। जिसमें शाम 5 से 9 बजे तक महायज्ञ किया जाएगा। मैदान में तीन सौ यज्ञ वेदी बनाई जाएंगी। यहां पर बड़ी संख्या में लोग राष्ट्र जागरण के लिए आहुति देंगे। गायत्री परिवार द्वारा पिछले एक माह से इस आयोजन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। बड़ी संख्या में लोग भागीदारी कर रहे हैं।

नशा मुक्ति प्रदर्शनी

राष्ट्र जागरण दीप महायज्ञ के दौरान गायत्री परिवार द्वारा नशा मुक्ति के लिए एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया है। शुक्रवार को शोभायात्रा के पहुंचने के साथ ही नशा मुक्ति प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। इस प्रदर्शनी में नशे से उत्पन्न होने वाले विकारों तथा परिवारों पर पड़ने वाले विपरीत असर का भी सजीव चित्रण किया गया है। जिसे देखने वाले लोग काफी सराह रहे हैं। यहां पर गायत्री परिवार से संबंधित पुस्तकों का विशाल संग्रह भी लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया

Friday, November 19, 2010

कहीं हुए कार्यक्रम, तो कहीं टाल दिए गए निर्देश

सीहोर,नगर एवं ग्रामीण सुरक्षा समिति के 12 वर्ष पूर्ण होने पर पुलिस मुख्यालय द्वारा कार्यक्रम आयोजित करने के दिशा निर्देश दिए गए थे। जिसका पालन जिले में कुछ ही थानों पर हो सका, यहां कार्यक्रम आयोजित किए गए, कुछ थानों पर इस दिशा निर्देश को टाल दिया गया। 18 नवम्बर को नगर एवं ग्रामीण सुरक्षा समिति के 12 वर्ष पूर्ण हो जाने के उपलक्ष्य में पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा इस आशय के दिशा निर्देश जारी किए गए थे कि सभी थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जाकर ग्रामीणों और शहरी नागरिकों से संवाद कायम किए जाएं, लेकिन जिले में अपवाद स्वरूप इन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जानकारी के अनुसार अहमदपुर थाने में सबसे बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां जिला पंचायत के उपाध्यक्ष मायाराम गौर सहित ग्रामीण क्षेत्र के नेता हेम सिंह ठाकुर, लालू बना सहित लगभग आधा दर्जन नेता उपस्थित थे। थाना प्रभारी चरण सिंह चौहान की उपस्थिति में सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में सौ से भी अधिक सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के उपाध्यक्ष मायाराम गौर ने कहा कि शासन का यह निर्णय लोगों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। सुरक्षा समितियां सक्रिय रहने से अपराधों में कमी आती है तथा पुलिस और आम आदमी में संवाद कायम होने से भी कई बिगड़ी परिस्थितियां सामान्य हो जाती हैं। इसलिए लोगों को सक्रिय होकर पुलिस की मदद करना चाहिए। थाना प्रभारी चरण सिंह चौहान ने कहा कि लोगों को बेफिक्र होकर पुलिस तक समस्या पहुंचना चाहिए ताकि समस्या का समाधान हो सके। अहमदपुर के अलावा विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो सका। जिन थानों में कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, वहां पर औपचारिकता पूरी की गई। कई थानों से इस बात की जानकारी दी गई कि मुख्यालय से निर्देश तो दिए गए थे, लेकिन आयोजन कराने की तैयारी की जा रही है। बहरहाल स्थापना दिवस कार्यक्रम की औपचारिकता पूरी कर कर्तव्यों की इतिश्री कर दी गई। और वो करते रहे इंतजार ....नगर और ग्रामीण सुरक्षा समिति की स्थापना के 12 वर्ष पूर्ण होने के कार्यक्रम कराने के दिशा निर्देशों को कितनी गंभीरता से लिया गया। इसका अंदाजा मेहतवाड़ा चौकी पर हुई अव्यवस्था से लगाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार मेहतवाड़ा चौकी से ग्रामीणों को इस आशय की जानकारी दी गई थी कि नगर और ग्रामीण सुरक्षा समिति की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन दोपहर में आयोजित किया गया है। इस सूचना को पाकर बड़ी संख्या में ग्रामीण चौकी में पहुंच गए। बताया जाता है कि वहां पर ग्रामीणों के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया था न ही उन्हें इस बात की जानकारी दी गई थी कि कार्यक्रम कब होगा। ग्रामीणों ने इस संवाददाता को नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि लगभग दो घंटे के इंतजार के बाद कई ग्रामीण वापस लौट गए। उल्लेखनीय है कि मेहतवाड़ा जावर क्षेत्र में ही सबसे पहले ग्रामीण सुरक्षा समिति की शुरूआत 12 वर्ष पूर्व तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार द्वारा की गई थी, क्योंकि इसी क्षेत्र में सर्वाधिक अपराधिक घटनाएं ऐसी होती है, जिन्हें ग्रामीणों के सहयोग से रोका जा सकता है।

समाधान केन्द्र से मोहभंग

सीहोर, समाधान एक दिन कार्यक्रम से लोगों का मोहभंग होता नजर आ रहा है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण जनसुविधा केन्द्र पर देखने को मिल रहा है जहां लोगों द्वारा आवेदन पत्र ही नहीं जमा कराए जा रहे है जिससे सभी हतप्रभ है। शासन की अभिनव योजना समाधान एक दिन से लोगों का मोहभंग होता नजर आ रहा है, प्रशासन के प्रयासों के बावजूद यहां पर समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन पत्र ही नहीं आ रहे है जिससे न केवल यहां पर कार्यरत कर्मचारी वर्ग बल्कि अधिकारी वर्ग भी हैरान है। जिला मुख्यालय पर पूर्व से ही जन सुविधा केन्द्र की स्थापना की गई है कलेक्ट्रेट में स्थित इस केन्द्र पर लोगो की समस्या के समाधान के लिए आवेदन लिए जाते रहे है बीच में शासन द्वारा एक दिन में समस्या के समाधान का कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। मुख्यमंत्री की मंशानुरुप समाधान एक दिन के कार्यक्रम को विस्तार देने के लिए पिछले दिनों एक बैठक का आयोजन किया जाकर जिला कलेक्टर संदीप यादव द्वारा इस बात के दिशा निर्देश जारी किए गए थे कि अधिकारीवर्ग इस बात का ध्यान रखे कि आम लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े और उसकी समस्या का समाधान एक दिन में ही हो जाए इसके अलावा इस बात की ताकीद भी दी गई कि यहां पर केवल कलेक्ट्रेट से संबधित ही कर्मचारी नहीं बैठे बल्कि अन्य विभाग के कर्मचारी भी लोगों की समस्या सुने और उसका एक दिन में ही निराकरण करें। कलेक्टर संदीप यादव द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के उपरांत यहां पर नगरपालिका, बिजली विभाग, तहसील कार्यालय के भी आवेदन लिए जाए तथा इन विभागों के कर्मचारियों को रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बैठने के निर्देश दिए गए। एक बजे तक आवेदन प्राप्त करने के बाद इनकी ही ड्यूटी लगाई गई थी कि वे अपने कार्यालय में जाकर संबधित की समस्या का समाधान कराकर शाम पांच बजे से पहले उसे कागजात सौंपे। तब ऐसा लग रहा था कि यहां पर लोगों की भीड़ एकत्रित होगी पर ऐसा नहीं हुआ, लोगों द्वारा आवेदन पत्र जमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही है पिछले एक सप्ताह में यहां आवेदन पत्र नहीं आया है, लोगों के मोहभंग पर से अधिकारी कर्मचारी हतप्रभ है।

आते तो है...

समाधान एक दिन में फिलहाल नपा, तहसील और बिजली घर के कर्मचारी बैठ रहे हैं, लेकिन आवेदनों के अभाव में यह समय के पहले ही चले जाते है । यदि कोई आता है तो कार्यालय में मौजूद कर्मचारी द्वारा इन्हें सूचना दे दी जाती है,लेकिन फिलहाल ऐसी स्थिति निर्मित नहीं हुई है। बहरहाल, सभी को आवेदन पत्र नहीं आने पर आश्चर्य है। देखना यह है कि समाधान एक दिन के प्रति लोगों का विश्वास कब तक और किस प्रकार जागृत होता है।



Thursday, November 18, 2010

फोरम का अंकुश

विद्युत शिकायत निवारण फोरम करा रहा है आंकलित खपत के बिल कम
सीहोर,बिजली विभाग पर विद्युत शिकायत निवारण फोरम ने अंकुश लगाना प्रारंभ कर दिया है जिससे विभाग को आंकलिक खपत के बिलों को सुधार कर देने पर विवश होना पड़ रहा है। हालांकि विभाग द्वारा अभी भी उपभोक्ताओं को नियमों में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है पर फोरम की सक्रियता आड़े आने लगी है। इन दिनों बिजली विभाग की मनमानी का शिकार शहरी और ग्रामाीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को होना पड़ रहा है। न तो बिजली जाने का कोई समय निर्धारित है और न ही बिजली आने का समय तय है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कटौती के साथ-साथ विद्युत के भारी भरकम और मनमानी भरे बिलो से हर उपभोक्ता परेशान है। खास तौर से इन दिनों बिजली विभाग ने आंकलित खपत के नाम पर उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने का कार्य प्रारंभ किया हुआ है। उपभोक्ता विभाग और नियामक आयोग की सलाह मानकर यदि बिजली का उपयोग बचत करने की दृष्टि से कम करना भी शुरु कर दे तो भी विभाग के अधिकारियों को नागवार गुजरता है और वे उन पर आंकलित खपत नियामक आयोग की आड़ लेकर थोप रहे है। अकेले सीहोर शहर में हजारों उपभोक्ताओं को आंकलित खपत के बिल थोपे जाकर लाखों रुपए की वसूली किए जाने का कार्य जोरों पर चल रहा है। बताया जाता है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सौ में से नब्बे से भी अधिक उपभोक्ताओं को आंकलित खपत के बिल सौंपे जा रहे है। यदि उपभोक्ता के यहां पर तीस यूनिट की खपत हुई है तो उसे भी डेढ़ गुना बिल अधिक दिया जा रहा है। बिल मीटर रीडिंग को आधार न मान कर उसकी आंकलित खपत निकालकर बिल दिया जा रहा है। ऐसे ही बिलों पर विद्युत शिकायत निवारण फोरम ने अंकुश लगाना शुरु कर दिया है विगत दिवस उपभोक्ता राजेन्द्र कुमार को 83 यूनिट की राहत प्रदान की गई। उपभोक्ता द्वारा शिकायत फोरम में दर्ज कराई गई थी कि उन्हें आंकलित खपत का बिल दिया जा रहा है बताया जाता है कि उपभोक्ता ने आवेदन पत्र लगाया और बिजली विभाग के अधिकारी निर्धारित पेशी दिनांक पर बिल सही करके ले आए। फोरम के अध्यक्ष आरके शर्मा, सदस्य रोहित पाराशर, सुभाष मंडलोई ने बिजली विभाग द्वारा 83यूनिट की राशि 552 रुपए अगले बिल में कम करने के निर्देश जारी किए। उपभोक्ता राजेन्द्र कुमार सहित अन्य एक दर्जन से भी अधिक उपभोक्ताओं को इस तरह की आंकलित खपत से राहत दिलाने का कार्य फोरम द्वारा किया गया है। आंकलित खपत पर फोरम द्वारा लगाए जा रहे अंकुश से सीहोर के आला अधिकारियों की नींद उड़ती नजर आ रही है क्योंकि उपभोक्ताओं द्वारा तेजी के साथ आंकलित खपत के आवेदन लगाए जा रहे है चूंकि विभाग पूरी तरह से आंकलित खपत के बिल बनाकर अपना टारगेट पूरा कर रहा है यदि इसी प्रकार से बिलों की राशि कम होने लगेगी तो उनके टारगेट पर निश्चित रुप से प्रभाव पड़ने लगेगा जिससे वे आंकलित खपत के बिलों को स्थानीय स्तर पर ही कम करके देने का प्रयास भी कर रहे है।
विभाग कर रहा उलझाने का प्रयास

बिजली विभाग में आंकलित खपत पर जिस प्रकार से फोरम द्वारा अंकुश लगाने के प्रयास किया जा रहा है उससे विभाग में हड़कम्प का वातावरण मचा हुआ है। अब उनके द्वारा उससे बचने का प्रयास किया जाकर विद्युत नियामक आयोग की आड़ ले रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि उपभोक्ता ने जितना लोड स्वीकृत कराया है, बिल उसके अनुरुप ही प्रदान किया जाएगा। यदि उपभोक्ता बिजली का उपयोग कम करता है तो उसे स्वीकृत लोड के अनुरुप बिल भरना होगा और दोनों में अंतर है तो बिल रीडिंग से लिया जाएगा। लेकिन शहर में ऐसे कई उपभोक्ता है जिन्होंने तत्कालीन अधीक्षण यंत्री श्री रजपाल के कार्यकाल में बिजली विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में अपने लोड बढ़वा लिए थे तब बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि लोड बढ़वाने से कोई अतिरिक्त भार उपभोक्ता पर नहीं बढ़ेगा।

फोरम ने कहा

ऐसे हैरान परेशान उपभोक्ताओं को विद्युत शिकायत निवारण फोरम ने परामर्श दिया है कि यदि उनका बिल वास्तव में अधिक आ रहा है तो उन्हें परेशान होने की जरुरत नहीं है उन्हें अपने द्वारा स्वीकृत कराए गए लोड की जांच करा लेना चाहिए यदि उनके घर अथवा प्रतिष्ठान पर लोड कम है तो विभाग को लोड कम कराने के लिए सादे कागज में आवेदन दिया जाए जिससे उनका बिल कम आने लगेगा यदि विभाग लोड कम नहीं करता है तो फोरम से शिकायत कराई जा सकती है।
तीन प्रतियों में की जा सकती है शिकायत

विद्युत शिकायत निवारण उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आरके शर्मा ने कहा है कि फोरम का प्रयास है कि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके, कोई भी उपभोक्ता अपनी शिकायत तीन प्रतियों में कर सकता है। उन्हें अपनी शिकायत विद्युत शिकायत निवारण फोरम, पुराना पावर हाउस चांदबड़ भोपाल भेजनी है जिस पर अधिकारियों को भोपाल बुलाकर उनका निराकरण उपभोक्ता के समक्ष किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों का विश्वास फोरम के प्रति तेजी के साथ बढ़ने का एक कारण यह भी कि फोरम बिना किसी भूमिका के उपभोक्ता को न्याय दिला रहा है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने भी स्वीकार किया कि इन दिनों सबसे ज्यादा शिकायतें आंकलित खपत की आ रही है जिस उपभोक्ता का स्वीकृत लोड कम है उसके बाद भी यदि आंकलित खपत को बिल दिया जा रहा है तो हाथों हाथ उसका निराकरण किया जा रहा है और यदि स्वीकृत लोड अधिक हुआ है तो उसे जांच कराने की सलाह दी जाकर उसे भी कम कराया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को बिल की राशि अधिक न भरने पर विवश होना पड़े।

पुलिस के लिए चुनौती बने कंजर अपराधी

 बोवनी के समय किसानों पर अड़ीबाजी, ग्रामीण क्षेत्र में दहशत बरकरार पुलिस से नेपा ने उठाया किसानों का भरोसा
सीहोर ,जिले में एक बार फिर कंजर अपराधियों की सक्रियता बढ़ने से बोवनी के समय किसान दहशत में हैं। अनेक किसानों का बहुमूल्य सामान यह अपराधी बलपूर्वक ले गए और निश्चित नेपा मिलने के बाद सार्वजनिक स्थान पर सामान छोड़कर जा रहे हैं। किसानों को डरा-धमकाकर उनसे कंजर अपराधी सालों से नेपा वसूली करते रहें हैं। हर बार फसलों की बोवनी और कटाई के समय कंजरों काआतंक गांव-गांव में फैल जाता है, इस बार भी ऐसा ही हो रहा है, जिसमें नेपा न देने वाले किसानों के सामान को चुराया जा रहा है और उसको वापस देने के लिए राशि ऐंठी जा रही है। आश्चर्यजनक बात यह है कि नेपा देने वाले किसान पुलिस में शिकायत तक दर्ज नहीं करा रहे हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम लालाखेड़ी निवासी शंकरलाल आत्मज मांगीलाल चौकीदार के रुप में अरुण कालोनी निवासी आमोन शारडा आत्मज हनुमानदास माहेश्वरी के भोपाल-इन्दौर राजमार्ग पर स्थित वेअर हाउस पर कार्य करता है। बुधवार की रात को भी वो अपने कार्य पर तैनात था रात करीब दो बजे चार बदमाश वेअर हाउस पर आ धमके और आते ही उन्होंने चौकीदार के साथ मारपीट करना शुरू कर दी वो कुछ समझ पाता इनमें से दो लोगो ने उसे पकड़ लिया तथा दो अन्य ने वहां पर रखे ट्रेक्टर क्रमांक एमपी37 एम 4858 तथा एमपी 37 ए 2026 को ट्राली से अलग किया और आराम के साथ ही दोनों उसे वेअर हाउस से निकालकर ले गए। घटना के बाद क्षेत्र में पहले तो लोगों ने समझा था कि मामला साधारण रूप से घटित होने वाले अपराध का रहा होगा लेकिन मंगलवार को ग्राम अमलाहा के नजदीक यह दोनों ट्रैक्टर अज्ञात व्यक्ति छोड़कर चले गए। इसके बाद क्षेत्र में लोगों को यह एहसास होते देर नहीं लगी कि नेपा देने के बाद ही यह वापस भेजे गए होंगे। कई सड़कों पर है
कंजर अपराधियों की दहशत
कहने को तो बीते दो दशकों से आष्टा और जावर क्षेत्र में कंजरों ने नेपा वसूली का अपना राज स्थापित किया हुआ है, लेकिन कुख्यात अपराधी नरेन्द्र कंजर की मौत के बाद इन अपराधियों के सक्रियता काफी हद तक कम हो गई थी, लेकिन भोपाल इंदौर रोड पर पुलिस की रात्रिकालीन गश्त के नियमित न होने के कारण कंजरों ने ट्रक कटिंग शुरू कर दी। इस मार्ग पर फिर से कंजर अपराधियों की दहशत कायम हो गई है। वहीं आष्टा शुजालपुर मार्ग पर भी इन अपराधियों की आवाजाही से लोग रात के समय आने जाने में भय खाते हैं। कंजर अपराधियों ने विगत दो साल से मंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदबड़ से कालापीपल की ओर जाने वाले मार्ग पर अपना मूवमेंट किया है। रात में कई लोगों का वाहनों से पीछा करने, वाहन छिनने की कोशिश, लूट-पाट आदि की सूचनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। दिन में भी यह अपराधी अपनी सक्रियता दिखाने लगे हैं। सुबह-सुबह जब किसान अपनी फसल को लेकर मंडी में नीलामी के लिए ट्रैक्टर-ट्राली से ले जाता है तो चलती गाड़ी में से यह अपराधी सोयाबीन की बोरी को नीचे गिरा लेते हैं। टैक्टर वापस आएं है, मामले में नेपा की अशंका में जांच जारी है।

केडी पाराशर,

पुलिस अधीक्षक

Wednesday, November 17, 2010

जैन मुनियों की अगवानी

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा ने शहर में पधारे जैन मुनियों की अगवानी की

...और मुँह चिढ़ाती निकल गई ट्रेन


सीहोर लंबे अंतराल के बाद यहां पर टेÑनों के स्टापेज के लिए समाजवादी पार्टी द्वारा आंदोलन का शंखनाद किया गया पर न तो उनके आंदोलन को जनता को समर्थन मिल पाया और न ही अधिकारियों ने उन्हें भीतर प्रवेश करने दिया जिससे रोजना की भांति ट्रेन मुहँ चिढ़ाते हुए निकल गई और लोग हैरान रह गए। जिला मुख्यालय पर टेÑनों का नहीं रुकना लोगों के लिए लंबे समय से परेशानी का सबब बना हुआ है जिसको लेकर लोगों द्वारा लगातार मांग भी की जाती रही है पर इस मामले में कोरे आश्वासन ही मिले है। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिज्ञ दलों द्वारा ट्रेन के स्टापेज की मांग को लेकर आंदोलन की धमकी भी दी जाती रही है पर सब कोरे वादे ही साबित होते रहे है।

पर सोमवार को समाजवादी पार्टी की ओर से आंदोलन का शंखनाद किया जाकर ट्रेन स्टापेज कराने का प्रयास किया। पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष नौशाद खान और उनके साथियों द्वारा शहर के एक-एक दुकानदार के पास जाकर आंदोलन में शरीक होने का आग्रह किया गया था। यहीं नहीं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से भी पूरे शहर को आंमत्रण दिया गया था उनकी तैयारियों को देखकर ऐसा लग रहा था कि व्यापक जनसमर्थन मिलेगा पर सोमवार को ऐसा कुछ नहीं हो सका।

केवल पार्टी के ही लोग

टेÑन रोको आंदोलन में केवल पार्टी के ही पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद थे उनसे ज्यादा तो पुलिसबल और अधिकारी वर्ग तथा पत्रकार मौजूद थे। न तो शहर से जनसामान्य ने और न ही अप डाउनर्स द्वारा इस आंदोलन में कोई सहयोग दिया गया।

बाहर ही रोक लिया

पुलिस बल और अधिकारी वर्ग बड़ी संख्या में मौजूद था जिसके कारण समाजवादी पार्टी के लोगों के मुख्य द्वार के पहले ही रोक लिया गया जिससे उनमें निराशा का वातावरण बन गया। कुछ उत्साही कार्यकर्ताओं ने पुलिस और अधिकारियों के घेरे को तोड़ने का प्रयास भी किया पर उसमें वो सफल नहीं हो पाए। विरोध स्वरुप इन्होंने रेल विभाग और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर गुस्से का इजहार किया। सपा पदाधिकारियों को अपर कलेक्टर आरएस बघेल द्वारा समझाने का प्रयास भी किया गया पर वो मनाने के लिए तैयार नहीं थे।

रोजाना की भांति

यहां से रोजाना निकलकर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन आज अपने निर्धारित समय से करीब आधा घंटा देरी से चल रही थी ऐसा माना जा रहा था कि जिस प्रकार के इंतजाम किए गए है उससे उसे औपचारिक रुप से निकलने दिया जाएगा पर ऐसा नहीं हो पाया इधर सपा के लोग अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे उधर रोजाना की भांति वो आज भी मुहँ चिढ़ाती हुई निकल गई लोग और अधिकारी उससे देखते ही रह गए।

ज्ञापन सौंपा

ट्रेन निकल जाने के बाद रेलवे स्टेशन मास्टर विनय सिंह को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि यदि एक माह के भीतर टेÑन का स्टापेज नहीं किया गया तो पुन: आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय सपा के नौशाद खान,इंदिरा भील, संजय सोनी, माखन गुर्जर, शोहब सलाम, बाबू भाई आदि मौजूद थे। यहां पर अपर कलेक्टर आरएस बघेल, एसडीएम सुभाष द्विवेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता, एसडीओपी शिव वर्मा, तहसीलदार यूएम सिद्विकी आदि अधिकारी मौजूद थे। - आज सुबह आठ बजे से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल प्लेट फार्म दो पर तैनात किया गया था यहां पर दो व्रज वाहन भी ऐहतियात के तौर पर खड़े किए गए थे।

- सपा के करीब एक दर्जन पदाधिकारी यहां पर मौजूद थे जिन्होंने बाद में झंडे और कैप तथा बैनर भी मंगवा लिए थे। बीच-बीच में यह नारेबाजी भी कर रहे थे।

- कई लोग सपा के लोगों की उपस्थिति कम देखकर हंस रहे थे तो कई लोग उनके इस प्रयास की यहकर प्रशंसा भी कर रहे थे कि किसी ने तो प्रयास किया।

- कानून का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस के कई जवान अधिकारियों की ही मौजूदगी में पटरियों से आना जाना कर रहे थे जबकि आम लोगों ने ब्रिज का उपयोग किया।

- सपा के आंदोलन से स्टेशन पर मौजूद हर आम और खास समर्थन में था पर कोई भी उनके साथ खड़ा होने को तैयार नहीं था जिस पर सपा में भी आर्श्चय था।

- ऐसा माना जा रहा था कि ट्रेन को रोकने के लिए सपा के साथ डेली अप डाउनर्स तो जरुर आएंगे पर यहां पर कोई आया ही नहीं आज वो देरी से ही आए।

- स्टेशन पर बड़Þी संख्या में पुलिस बल के साथ महिला पुलिस को तैनात किया गया था पर उनकी जरुरत महसूस नहीं हुई जिस पर उन्होंने राहत की सांस ली।

- स्टेशन मास्टर जब ज्ञापन लेने के लिए आए तो लोगों को लगा कि कोई अधिकारी रतलाम से आया है पर गणवेश में होने के कारण वो पहचान में नहीं आ रहे थे।

- आज पुलिस को पहली बार लोगों की असुविधा की तरफ भी ध्यान गया क्योकि दो नम्बर प्लेट फार्म पर शेड नहीं होने के कारण उन्हें भी धूप में खड़े रहना पड़ा।

- इस पर लोगों की प्रतिक्रिया था कि काश जो अधिकारी छावं भी तरफ खड़े हुए है वे भी यदि इधर खड़े होते तो लोगों को उन्हें भी हमारी परेशानी पता चलती।

- यहां मौजूद अधिकारियों को लोगों ने स्टेशन अधिकारियों की मनमानी की भी जानकारी देते हुए मांग की कि यहां पर फोन सेवा पुन: प्रारंभ कराई जाए। इंटरसिटी एवं अन्य टेÑनों के स्टापेज को लेकर भाजपा विधायक रमेश सक्सेना द्वारा भी प्रयास किए जा रहे है। इसी सिलसिले में पिछले दिनों उनके द्वारा किए गए पत्र व्यवहार पर रेल मंत्रालय द्वारा जानकारी भी मांगी गई है। जानकारी अनुसार टेÑनों के स्टापेज को लेकर उनके द्वारा अशासकीय संकल्प भी विधानसभा पटल पर रखा जा रहा है।

हुई पुनरावृति

आज के सपा आंदोलन में पूर्व भाजपा सासंद सुशीलचन्द्र वर्मा के कार्यालय में किए गए ट्रेन रोको आंदोलन की पुनरावृति हुई। उस समय जब श्री वर्मा ट्रेन के स्टापेज कराने के लिए आंदोलन करने आए थे तब जनता का कोई समर्थन नहीं मिला था जिस पर उन्होंने स्टेशन पर ही नाराजगी जाहिर की थी। अधिकारियों को रवैया सुधारने के निर्देश दिएजिला कलेक्टर संदीप यादव ने सोमवार को आयोजित साप्ताहिक बैठक में उन अधिकारियों की अच्छी खासी खबर ले डाली जो शुक्रवार की शाम गायब होकर सोमवार को प्रकट होते हैं। ऐसे अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे अपनी आदत सुधार ले।

Monday, November 15, 2010

सभी को नेत्र ज्योति का ध्यान रखना जरूरी : बघेल


सीहोर शासन की मंशानुरूप शासकीय विद्यालयों के अध्यनरत कक्षा एक से 12 वीं तक अध्यनरत विद्यार्थिर्यो का नेत्र परिक्षण शाला स्तर पर होने के बाद   स्वाथ्य केन्द्र  पर किया गया। दृष्टि दोष होने वाले विद्यार्थियों को चश्मों का वितरण किया गया। शालेय  शिक्षा  विभाग  एवं   स्वास्थ्य  विभाग  के  सहयोग  से  नेत्र  परिक्षण  के पश्चात रविवार को विद्यार्थियो  को चश्मे ं वितरित किए गए। स्वाथ्य विभाग के प्रमुख सचिव एवं शासन की मंशानुरूप शासकीय विद्यालयों के अध्यनरत कक्षा एक से 12 वीं तक अध्यनरत विद्यार्थिर्यो का नेत्र परिक्षण शाला स्तर पर होने के बाद   स्वाथ्य केन्द्र  पर किया गया। दृष्टि दोष होने वाले विद्यार्थियों को चश्मों का वितरण किया गया।  नयरीय क्षेत्र   के  विद्यार्थियों  को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में एडीएम एस एस बघेल की उपस्थिति में चश्में वितरित किए गए। श्री बघेल ने  अपने उदबोधन में कहा कि  सभी को अपनी नेत्र ज्योति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही उन्होने जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक को  निर्देशित किया कि नेत्र परीक्षण का चार्ट प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य रूप से लगा होना चाहिए।  ताकि सुविधानुसार शिक्षक विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण कभी भी कर सके । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एएल मरावी  ने भी नेत्र रोग एवं मधुमेह की रोकथाम हेतु उपयोगी जानकारी दी। जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र  शर्मा ने इस अवसर पर नेत्र परीक्षण कार्यक्र म की विस्तृत  जानकारी दी। जिला अंधत्व निवारण समिति के डा. उमेश श्रीवास्तव ने भी नेत्र  रोगों के  बचाव के बारे में विस्तार से बताया। चश्मों का वितरण अंधत्व विभाग समिति के सौजन्य से कराया गया। संचालन जिला समन्वयक जूनियर रेडक्रास शैलेन्द्र सिंह चन्देल तथा आभार डीपीसी मीना रावत ने किया। कार्यक्रम में शाला प्रभारी प्राचार्य श्रीमती ज्योत्सना शर्मा, डा. हेमलता राठौर, नुसरत खां, डीके राय, गणेश शर्मा, रामवृक्ष भारद्वाज उपस्थित रहे।

सक्रियता और निष्क्रियता


 सीहोरनगर पालिका चुनाव को लेकर सरगर्मी जारी है  मतदाता सूची में नाम बढ़वाने का कार्य किया जा रहा है जिसको लेकर सक्रियता और निष्क्रियता का दौर दिखाई दे रहा है। कहीं नेता सक्रियता बनाए हुए है तो कहीं निष्क्रियता दिखाई दे रही है। नगर पालिका चुनाव को लेकर सरगर्मी पर का दौर प्रारंभ हो चुका है और आरक्षण के बाद वार्ड पार्षद का सपना संजोने वाले नेताओं ने टिकिट बांटने वाले नेताओं के अलावा मतदाताओं के पास भी हाजरी लगना शुरू कर दी है। यहां पर इन दिनों मतदाता सूची में नाम बढ़वाने का कार्य भी निर्वाचन शाखा द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है। शहर के सभी 35 वार्डों में शिक्षकों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। 35 वार्डों में यह कार्य प्रतिदिन चल रहा है, जो 22 नवम्बर तक लगातार जारी रहेगा, लेकिन इस कार्य को कहीं पर गंभीरता से लिए जा रहा है, तो कहीं गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। पार्षद का चुनाव लड़ने के उन दावेदारों की सक्रियता नजर आ रही है, जो अपना टिकिट पक्का मान रहे हैं और जिन्होंने आरक्षण प्रक्रिया के चलते अपना वार्ड बदला है। अपने वार्ड से दूसरे वार्डों में मतदाताओं को ले जाने का कार्य इन लोगों द्वारा किया जा रहा है। यही कारण है कि कहीं पर नाम बढ़वाने के लिए लोग सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, तो कहीं पर निष्क्रियता बनी हुई है। जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 17 और वार्ड क्रमांक 5 में नाम बढ़ाने के लिए नेता सक्रिय हैं। इसी प्रकार चाणक्यपुरी क्षेत्र में भी टिकिट के दावेदार सक्रिय नजर आ रहे हैं। सभी लोग अपने-अपने स्तर पर इस कार्य को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। पार्टी स्तर पर भी कांग्रेस और भाजपा के पदाधिकारी सक्रियता दिखाते हुए निर्वाचन शाखाओं से जानकारी प्राप्त करते हुए नजर आ रहे हैं। उनके द्वारा जानकारी ली जाकर अपने कार्यकर्ताओं से आव्हान किया जा रहा है कि 22 नवम्बर तक दोपहर तीन बजे तक पहले नाम बढ़वाएं उसके बाद अगले तीन दिन तक दावे आपत्ति लगाकर अपनी सक्रियता को प्रदर्शित करें। ऐसा माना जा रहा है कि सोमवार से सभी दलों के नेता कार्यकर्ता इस दिशा में सक्रियता रखकर नाम बढ़वाने का कार्य करेंगे।
तीन दिन बाद पेशी
जो लोग वार्ड में अपने नाम बढ़वाने के लिए फार्म जमा करा रहे है उन्हें तीन बाद की तारीख दी जा रही है। इस तारीख पर उन्हें तहसील कार्यालय पर पहुंचकर पेशी करना होगी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के समक्ष दी जाने वाली जानकारी के बाद ही मतदाता सूची में नाम बढ़ने की कार्रवाई और नाम निरस्त होने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा मतदाता सूची के योग में यदि आधा प्रतिशत से अधिक नाम जुड़ जाते है तो उस मतदाता सूची  में बढ़ गए नामों की जांच होगी यह कार्य वार्ड में जाकर किया जाएगा। फिलहाल तो नाम बढ़वाने आने वाले लोगों को तहसील कार्यालय में जाने के लिए पेशी की तारीख दी जा रही है। 22 नवम्बर के बाद तीन दिन तक दावे आपत्ति लगाए जा सकेंगे।

Sunday, November 14, 2010

महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्ध्य दिया।

सीहोर। शनिवार की सुबह सूर्य उदय के पहले ही भोजपुरी समाज के लोगों की भीड़सीवन नदी तट पर जमा हो गई थी।

खाद के लिए किसानों को होना पड़ रहा है परेशान,



रोजाना बन रही विवाद की स्थितिपुलिस ने संभाली कमान 
जिला मुख्यालय पर इन दिनों किसानों को खाद लेने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। रोजाना बन रही विवाद की स्थिति के चलते शनिवार को पुलिस को कमान संभालना पड़ी तब जाकर राहत मिली। शनिवार को मंडी स्थित खाद वितरण केन्द्र पर एक बार फिर हंगामें की स्थिति बन गई जिसके कारण पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस के आने के बाद ही किसान शांत हुए।
इन दिनों किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अमृत रुपी मावठा गिरने के कारण किसानों को खाद की जरुरत महसूस होने लगी है पर खाद आसानी के साथ नहीं मिल पाने के कारण इनकी मुश्किल बढ़ गई है सोसायटी में खाद न होने के कारण हर किसान बाजार से मंहगे दामों पर खाद खरीदने की स्थिति में नहीं है यही कारण है मंडी के खाद वितरण केन्द्र पर पिछले तीन दिनों से किसानों की लाइन बढ़ती ही जा रही है। दो दिनों से तो जल्दी नम्बर आने के लिए महिलाएं कतार में लग रही है पर उसके बाद भी नम्बर आने में काफी समय लग रहा है। यहां पर पहले पांच बोरी खाद का वितरण किया जा रहा था पर शनिवार को दो बोरी का वितरण किया जाने लगा। शुक्रवार की तुलना में लाइन में लगने वाली महिलाओं की संख्या दो गुनी हो गई थी।
शनिवार को तो यहां पर स्थिति सबसे ज्यादा बिगड़ गई जब किसानों में वितरण व्यवस्था से नाराज होकर मंडी गेट पर ही हंगामा खड़ा कर दिया किसानों ने मंडी का मुख्य द्वार ही बंद कर दिया था उनका कहना था कि हमें पर्याप्त मात्रा में खाद दिया जाए ताकि हमारी पूर्ति हो सके। विवाद बढ़ने की स्थिति में पुलिस बल वहां पर आया और किसानों को समझा कर उन्हें बमुश्किल शांत कराया तब जाकर यहां पर खाद वितरण का कार्य प्रारंभ हो सका। पुलिस की मौजूदगी के बाद भी कतार में लगे किसानों के बीच कई बार विवाद की स्थिति बन गई जिसे भी पुलिस द्वारा बार-बार शांत कराया जाता रहा।

बारिश का पानी मंदिर और सड़कों पर भराया

 सीहोर.शनिवार को एक बार फिर इन्द्र देवता की मेहरबानी से किसानों के चेहरे खिले हुए नजर आए उनके द्वारा पर्याप्त पानी गिर जाने से अब बोवनी की भी तैयारियां भी शुरू कर दी गई है।
गुरुवार और शुक्रवार की ही भांति शनिवार को भी आसमान पर दोपहर बाद काले घने बादलों का डेरा छा गया और करीब तीन बजे के बाद जमकर बारिश हुई। तेज बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भरा गया जिससे न केवल पैदल चलने वाले लोगों बल्कि दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी  का सामना करना पड़ा। स्थानीय तहसील चौराहे पर निकासी की व्यवस्था न होने के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा स्थानीय न्यू बस स्टैंड पर स्थित हनुमान मंदिर पर पानी भरा जाने के कारण भक्त जनों में आक्रोश का वातावरण बन गया। मंदिर के पीछे सड़क का निर्माण हो जाने के बाद यहां बारबार मांग किए जाने के बाद भी नाली का निर्माण नहीं किया गया है जिससे बारिश का पानी मंदिर में आ जाता है और मंदिर में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नपा से व्यवस्था दुरस्त करने की मांग की है।

Saturday, November 13, 2010

शिक्षक पर गिरी बिजली

 शाहगंज,आकाशीय बिजली गिरने से एक शिक्षक की दर्दनाक मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गया। जिसे भोपाल के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। शिक्षक की मृत्यु से गांव और शाला परिवार में शोक का वातावरण निर्मित हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गादर के माध्यमिक शाला में पदस्थ 40 वर्षीय शिक्षक लखन आत्मज प्रेमनारायण अहिरवार अपनी बाइक से गुरुवार की शाम को जब वापस अपने गांव रिछोड़ा लौटा रहा था। तभी आकाशीय बिजली गिरने से वह बाइक सहित दूर जा फिंकाया। बताया जाता है कि यहीं पर धान काटने के लिए आए गोर्वधन आत्मज शिवप्रसाद पर भी बिजली गिर गई। दोनों को गंभीर अवस्था में सीधे भोपाल के नर्सिंग होम में भर्ती किया गया। जहां पर शिक्षक लखन अहिरवार की मृत्यु हो गई। जबकि गोर्वधन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। शिक्षक की असमायिक मृत्यु से गांव सहित शाला परिवार में शोक का वातावरण निर्मित हो गया है।

11 साल में 4 बार बरसे

  सीहोर,सुबह घने कोहरे के बाद दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश से किसानों में शुक्रवार को भी प्रसन्नता का माहौल देखा गया। पिछले 11 सालों में यह चौथा अवसर है जब नवम्बर माह में बारिश हुई है।
गुरुवार की भांति शुक्रवार का भी दिन किसानों के लिए खुशियों के साथ आया। शुक्रवार को सुबह से ही सड़कों पर घना कोहरा छाया हुआ था जिससे स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों को लाइट का उपयोग करने पर विवश होना पड़ा। गुरुवार की बारिश के बाद सभी तरफ प्रसन्नता का माहौल देखा गया लोगों को गर्मी और उमस भरे वातावरण से निजात मिली। शुक्रवार की दोपहर तीन बजे के बाद एक घंटे  बारिश हुई। वर्ष 2000 से 2010 तक  यह चौथा अवसर है जब नवम्बर माह में बारिश हुई है। इससे पहले वर्ष 2002 में 7 एमएम, वर्ष 2008 में 22 एमएम और वर्ष 2009 में सबसे अधिक 94 एमएम बारिश हुई थी जबकि गुरूवार को 13 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।  नवम्बर में 12 तारीख को बारिश का संयोग रहा है। 2002 में, 2009 तथा 2010 में 12 तारीख को ही बारिश हुई। नवम्बर में सबसे अधिक 2009 में 93.8 एमएम तथा सबसे कम 2002 में 7 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।  गुरूवार को बुदनी और नसरुल्लागंज को छोड़कर जिले में सभी जगह बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश इछावर में 33 एमएम तथा आष्टा में सबसे कम 9 एमएम एवं सीहोर में 23 एमएम वर्षा दर्ज की गई।  गुरूवार की बारिश सहित सीहोर जिले में 28.53 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जबकि गत वर्ष इस अवधि में 37.76 इंच वर्षा दर्ज की गई थी।  अभी तक सीहोर में 22.63, आष्टा 25.36, नसरुल्लागंज में 35.84, बुदनी में 37.31, इछावर में 23.5 इंच वर्षा हुई है।

Friday, November 12, 2010

शक के आधार पर मौत के घाट उतारने वाले पुलिस के शिकंजे में

 सीहोर,धनतेरस पर नसरुल्लागंज के ग्राम डिमावर में भाजपा नेता 42 वर्षीय शिवकुमार आत्मज आत्माराम यादव की हत्या का खुलासा गुरूवार को पुलिस द्वारा किया गया है। इस हत्याकांड में लिप्त उनके पड़ोसियों को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों ने यह हत्या शंका के आधार पर की थी। ग्राम डिमावर निवासी पूर्व उप सरपंच तथा भाजपा नेता शिवकुमार यादव की धनतेरस के दिन कुल्हाड़ी मारकर निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई थी। धोखे से पीछे से किए गए प्रहार में श्री यादव की गर्दन भी अलग हो गई थी। शाम के समय जब क्षत-विक्षत अवस्था में श्री यादव का शव बरामद किया गया था, तब से ही गांव में तनाव का वातावरण बन गया था। पुलिस अधीक्षक केडी पाराशर के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम गठित की गई थी, जिसमें बुदनी एसडीओपी प्रशांत चौबे, थाना प्रभारी रमेश सिंह रघुवंशी, बुदनी थाना प्रभारी एनएस दामले, लाड़कुई के सहायक उपनिरीक्षक विजय सिंह तथा सीहोर मंडी थाने के आरक्षक जितेन्द्र को शामिल किया गया था। घटना दिनांक से ही पुलिस का डेरा ग्राम डिमावर में डाला हुआ था। लगभग दो सौ लोगों से पूछताछ की जाकर उनके बयान लिए गए थे, लेकिन कोई भी पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी देने में समर्थ नहीं पाया गया। जिसके कारण ही आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर बने हुए थे। बताया जाता है कि गुरूवार को पुलिस ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मृतक शिवकुमार यादव के पड़ोसी देवीप्रसाद जादौनी के पुत्र ओमप्रकाश तथा दीपक उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को इस बात का संदेह था कि मृतक उनके परिवार पर बुरी नजर रखता है। पिछले कई दिनों से ओमप्रकाश और दीपक के मन में यही बात घुल रही थी। जिसे उन्होंने मौका देखकर धनतेरस के दिन हत्याकांड में तब्दील कर दिया। बताया जाता है कि जिस समय हत्या की गई, उस समय मृतक अपने खले में था। खले का दरवाजा आगे से बंद था। उसे अकेला पाकर यह दोनों पीछे से खले में प्रवेश कर गए और कुल्हाड़ी से वार कर उसकी गर्दन अलग कर दी। नसरुल्लागंज पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी को बाथरूम के समीप झाड़ियों से बरामद किया है।

गांव छोड़ जाना बना आधार
आरोपी ओमप्रकाश जादौनी तथा दीपक उर्फ गोलू जादौनी घटना दिनांक से ही गांव छोड़कर भाग गए थे। तभी से ग्रामीणों और पुलिस का शक उन पर चल रहा था। ग्रामीणों को तो इस बात का पूरा यकीन था कि शिवकुमार यादव की हत्या इनके द्वारा ही की गई है। इसी का परिणाम था कि आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घर पर तोड़फोड़ कर दी थी। ग्रामीणों के भरोसे पर पुलिस भी चल रही थी, लेकिन कोई चश्मदीद गवाह सामने नहीं आ रहा था। पुलिस ने इस मामले में लगभग दो सौ लोगों से पूछताछ की। गत दिवस एक चश्मदीद गवाह द्वारा दिए गए बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। हालांकि आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं पर भाजपा नेता का परिवार अभी भी सदमे में चल रहा है।

मारपीट कर दो ट्रेक्टर लूटकर ले गए बदमाश

 सीहोर.चार बदमाशों ने एक बार फिर भोपाल-इन्दौर राजमार्ग पर उत्पात मचाते हुए वेअर हाउस के चौकीदार के साथ मारपीट करते हुए दो ट्रेक्टर लूटकर ले गए। पुलिस ने लूट का प्रकरण कायम कर लिया है पर आरोपियों को सुराग नहीं लग सका है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार ग्राम लालाखेड़ी निवासी शंकरलाल आत्मज मांगीलाल चौकीदार के रुप में अरुण कालोनी निवासी आमोन शारडा आत्मज हनुमानदास माहेश्वरी के भोपाल-इन्दौर राजमार्ग पर स्थित वेअर हाउस पर कार्य करता है। बुधवार की रात को भी वो अपने कार्य पर तैनात था पर उसे इस बात की कल्पना भी नहीं थी कि उसके साथ आज अनहोनी होने वाली है। बताया जाता है कि रात करीब दो बजे चार बदमाश वेअर हाउस पर आ धमके और आते ही उन्होंने चौकीदार के साथ मारपीट करना शुरू कर दी वो कुछ समझ पाता इनमें से दो लोगो ने उसे पकड़ लिया तथा दो अन्य ने वहां पर रखे ट्रेक्टर क्रमांक एमपी37 एम 4858 तथा एमपी 37 ए 2026 को ट्राली से अलग किया और आराम के साथ ही दोनों उसे वेअर हाउस से निकालकर ले गए। पुलिस के अनुसार दोनों बदमाश ट्राली छोड़कर ट्रेक्टर ले गए पर इन्होंने सावधानी बरती कि करीब दो घंटे तक बाकी के दोनों आरोपियों ने चौकीदार को बंधक बनाए रखा ताकि उनके दोनों साथी पुलिस की गिरफ्त से दूर निकल जाए तथा चौकीदार किसी को सूचना नहीं दे सके। करीब दो घंटे के बाद दोनों आरोपी भी चौकीदार को डराधमकाते हुए भाग खड़े हुए संभवत: वो भी किसी वाहन से भाग गए। चौकीदार ने उनके जाने के बाद स्वयं को मुक्त किया तथा मंडी थाने में इस आशय की जानकारी दी पुलिस भी मौके पर गई पर आरोपी उनकी पहुंच से काफी दूर निकल गए थे। पुलिस बहराल लूट का मामला दर्ज कर चौकीदार से ही पूछताछ कर रही है, वो भी हुलिया बताने की स्थिति में नहीं है पर उसका कहना है कि वे आष्टा की तरफ ही गए है। देखना यह है कि मंडी पुलिस इस लूट के मामले की तह तक कब तक पहुंच पाती है।

दस लाख की लूट का भी सुराग नहीं
एक सप्ताह में भोपाल-इन्दौर राजमार्ग पर लगातार यह दूसरी बड़ी वारदात हुई है। इससे पहले दीपावली के पहले इन्दौर से रीवा की ओर जा रहे ट्रक को रोककर चार बदमाशों ने करीब दस लाख रुपए के सोयाबीन तेल पर हाथ साफ कर दिया था। यह लोग ट्रक के चालक और क्लीनर को भी पकड़ कर ले गए थे तथा बाद में जंगल के रास्ते में छोड़ दिया था। जावर पुलिस ने चालक की शिकायत पर लूट का अपराध कायम किया था पर आज तक आरोपियों का तो दूर बल्कि ट्रक का भी सुराग नहीं लगा सकी है। इस घटना के आरोपी पकड़ में आते इससे पहले बदमाश करीब चार लाख रुपए से अधिक मूल्य के टेÑक्टर लूटकर ले जाने में सफल हो गए। इन वारदातों से राजमार्ग से निकलने वाले वाहन चालकों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है।

बिजली कार्यालय पर जड़ा ताला

 सीहोर,बिजली अव्यवस्था से परेशान ग्रामीणों ने गुरूवार को निकटवर्ती ग्राम थूना कला के सब स्टेशन कार्यालय से कर्मचारियों को बाहर कर वहां ताला जड़ दिया गया। निकटवर्ती ग्राम थूनाकला के बिजली विभाग के सब स्टेशन का गुरुवार की सुबह लगभग एक दर्जन गांव के ग्रामीणों ने घेराव कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने इस कार्यालय में बैठे कर्मचारियों को बाहर कर वहां ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब बिजली ही नहीं है तो कर्मचारियों का क्या काम है। ग्राम थूनाकला सहित जामली, पाड़ली, पाचामा, डोडी, तज, अमरोद, नयापुरा, अब्दुलापुरा, चोंटी आदि गांव के लोग बड़ी संख्या में गुरुवार की सुबह लगभग 11 बजे थूनाकला के बिजली सब स्टेशन पर पहुंच गए। इन ग्रामीणों ने सब स्टेशन पर कार्य कर रहे दोनों कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकलने को कह दिया। भीड़ देख कर्मचारी भी कुछ करने की स्थिति में नहीं थे, वह भी चुपचाप कार्यालय से बाहर आ गए। इनके कार्यालय से बाहर आते ही ग्रामीणों ने सब स्टेशन पर ताला जड़ दिया। सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी। यह सभी इस बात से आक्रोशित थे कि उन्हें न दिन और न ही रात बिजली मिल रही है। ग्रामीणों का कहना था कि मध्यरात्रि को तीन बजे से सुबह नौ बजे तक विद्युत प्रवाह का समय निश्चित है, इसी प्रकार शाम को तीन बजे से रात को नौ बजे तक बिजली का समय निर्धारित है लेकिन बिजली कभी भी न तो समय पर उपलब्ध रहती है और न ही उसका समय तय है। जिसके कारण सभी ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि बिजली विभाग की मनमानी का नतीजा है कि ग्रामीणों को 24 घंटे में 4 घंटे ही बिजली मिल रही है। उसका भी समय तय न होने के कारण उपयोग नहीं हो पा रहा है। गत माह भी उन्होंने घेराव प्रदर्शन किया था, उस समय भी अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था लेकिन सुधार कुछ नहीं हुआ। इसलिए आज कार्यालय की तालाबंदी कर दी गई। उत्तेजित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के विरूद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रगट किया। सुबह 11 बजे प्रारंभ हुए घटनाक्रम के बाद कोतवाली से पुलिस दोपहर एक बजे पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। स्थिति विकट होती देख जिला मुख्यालय से एसडीएम सुभाष द्विवेदी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों ेसे चर्चा करते हुए कहा कि तालाबंदी किसी समस्या का हल नहीं है। एसडीएम की समझाइश पर ग्रामीणों का गुस्सा कुछ शांत हुआ और उन्होंने ताला खोल दिया। लेकिन विभाग के प्रति ग्रामीणों की नाराजगी लगातार जारी रही। एसडीएम के दिशा निर्देश पर बिजली अधिकारियों ने बातचीत की जाना तय किया गया। इसी तारतम्य में कार्यपालन यंत्री अशोक श्रीवास्तव और सब स्टेशन के इंजीनियर जुबेर इकबाल ने आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा कि बिजली की व्यवस्था ऊपर से ही संचालित हो रही है। हम कुछ करने की स्थिति में नहीं है। इसके बाद इन अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वह उनकी समस्या से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे। इसके लिए इनके द्वारा प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है, जिसमें आठ-आठ घंटे विद्युत प्रवाह जारी रखने का आग्रह किया गया है। इधर शराब के नशे में धुत एक ग्रामीण द्वारा बार-बार डीपी में आग लगाए जाने की बात कही जा रही थी, जिसे कोतवाली पुलिस ने पकड़ लिया। इसके अलावा यह संयोग ही माना जा रहा है कि पिछली बार भी जब थूनाकला सब स्टेशन का घेराव किया गया था, उस दिन भी बारिश हुई थी और आज भी बारिश हुई। बहरहाल, ग्रामीणों के आक्रोश को तो जैसे-तैसे शांत कर लिया गया है। देखना यह है कि बिजली विभाग के आला अधिकारी इस दिशा में क्या कुछ सकारात्मक कदम उठा पाते हैं। आज की स्थिति देखकर यही लग रहा था कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ी घटना भी यहां हो सकती है।

बालिका की संदिग्ध मौत

आंगनवाड़ी केन्द्र पर लगा था टीका, पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
सीहोर.दो माह की मासूम बालिका की संदेहास्पद स्थिति में मृत्यु का मामला प्रकाश में आने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है, ताकि मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सके। बालिका के परिजनों ने आंगनवाड़ी केन्द्र पर टीके लगने की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी है। कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय शिक्षक कालोनी निवासी ओमप्रकाश आत्मज माखनलाल दर्जी की दो माह की बेटी खुशी की गत दिवस मृत्यु हो गई। मध्यरात्रि को जब इन्हें अपनी बालिका मृत अवस्था में मिली तो उन्हें संदेह हुआ कि सुबह ही उनकी बेटी को आंगनवाड़ी केन्द्र पर टीका लगाया गया है। कोतवाली पुलिस को इस आशय की सूचना दी,मृतिका के परिजनों द्वारा दी गई। चूंकि परिजनों ने आंगनवाड़ी केन्द्र में टीके लगने की जानकारी दी थी, इसी आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार का कोई तथ्य उजागर नहीं हुआ है। यह बात अवश्य स्पष्ट हुई कि खुशी को आंगनवाड़ी केन्द्र से टीका लगा था और रात बारह बजे तक वह एकदम ठीक थी। तीन बजे उसकी मृत्यु हुई है। जिस दिन खुशी को टीका लगा था, उस दिन लगभग एक दर्जन अन्य बच्चों को भी उसी आंगनवाड़ी केन्द्र पर टीका लगा था। खुशी की मृत्यु का स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के उपरांत ही हो सकेगा।

प्रताड़ना से खाया था

 इछावर पिछले दिनों विवाहिता द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने मृतिका के पति तथा सास-ससुर के विरूद्ध दहेज हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। मायके वालों के बयान के उपरांत प्रकरण दर्ज हुआ है। उल्लेखनीय है कि निकटवर्ती ग्राम खजूरिया घेंघी निवासी 23 वर्षीय रीना बाई पत्नी चंदर सिंह द्वारा जहर खाकर आत्महत्या कर ली गई थी। इछावर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच कार्य शुरू किया। नवविवाहिता की संदेहास्पद मौत के मामले में जांच कार्य एसडीओपी आष्टा द्वारा किया गया। बताया जाता है कि मृतिका के परिजनों और अन्य लोगों के बयान के उपरांत यह पाया गया कि रीनाबाई को उसके पति चंदर सिंह, सास राजल बाई तथा ससुर देवीसिंह द्वारा दहेज कम लाने की बात को लेकर मानसिक व शरीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। घटना के एक दिन पहले ही रीना के साथ मारपीट की गई थी। जिससे तंग आकर उसने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। जांच कार्य पूरा होने पर इछावर पुलिस ने रीना के पति सहित सास-ससुर के विरूद्ध भादवि की धारा 304-बी के अंर्तगत प्रकरण कायम कर लिया है।

Wednesday, November 10, 2010

राजनेताओं के तीखे तेवर

शाहगंज के मामले में सीएम और केन्द्रीय मंत्री ने तेवर बदले, अधिकारियों को लगाई फटकार
सीहोर/शाहगंज शाहगंज के मामले में राजनीतिज्ञों के तीखे तेवर अधिकारियों के गले की फंस बनते नजर आ रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने अलग-अलग मामलों में निर्देश जारी किए है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जैत दौरे के बाद अधिकारियों की वीडियो कान्फ्रेसिंग में क्लास ली है। जिसका परिणाम क्षेत्र में मंगलवार को नजर आया। सभी अधिकारी चौकन्ने होकर कार्य करते दिखाई दिए। उधर केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आदिवासियों को इंसाफ दिलाने का निर्देश दिए हैं। सड़क का मामला गर्मायाभाईदूज पर्व पर अपने गांव आए सीएम शिवराज सिंह चौहान से जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान सहित ग्रामीणों ने शाहगंज डहोटा मार्ग का कार्य उचित तरीके से न होने की शिकायत की गई थी। ग्रामीणों ने सीएम को बताया कि यह सड़क गुणवत्ता पर खरी नहीं उतर रही है। चूंकि सीएम स्वयं इसी मार्ग से आए थे, तो उन्हें भी शिकायत में प्रमाणिकता नजर आई। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई थी। सीएम के जाने के बाद सभी यह मान रहे थे कि यह मामला भी शांत हो जाएगा, लेकिन सोमवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए अपनी तीखी नाराजगी जाहिर की। जिससे अधिकारियों में हड़कंप का वातावरण निर्मित हो गया है। मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने इस मार्ग की स्थिति का जायजा लिया। बताया जाता है कि इस सड़क को दोबारा बनाए जाने की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। दोपहर तक चले निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को भी यह बात भली भांति समझ में आ गई कि ग्रामीणों की नाराजगी उचित है। बहरहाल, आज दिनभर शाहगंज क्षेत्र में यह मामला गर्माया रहा। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कहा है कि लापरवाह अधिकारियों पर इस तरह नकेल कसना जरूरी है। आदिवासियों के पट्टे का मामला गर्मायाशाहगंज के ही ग्राम खटपुरा के भैरों प्लांट जंगल में आदिवासियों के पट्टे का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। इस मामले में केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वनभूमि के पट्टे दिलाए जाने के निर्देश दिए हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री भूरिया द्वारा मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र में उल्लेखित किया गया है कि ग्राम खटपुरा के मंसूर सिंह भील तथा अन्य आदिवासियों ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परम्परागत वन निवासी अधिनियम 2006 के तहत काबिज आदिवासियों को भू अधिकार पत्र दिए जाने के संदर्भ में एवं वन भूमि से बेदखल की कार्रवाई की शिकायत की है, श्री भूरिया ने उल्लेखित किया है कि वन क्षेत्र की भूमि पर यह आदिवासी तीस वर्षों से आज तक लगातार काश्तकारी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है तथा उस वन भूमि पर निवासरत हैं। पत्र में यह भी लिखा गया है कि वन विभाग के पत्र 21 जनवरी 2008 के आलोक में नियमों का उल्लघंन कर वन अधिकारियों की मिलीभगत से बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। जबकि नियमानुसार वर्षों से काबिज इन आदिवासियों को वन भूमि पर पट्टे शीघ्र दिए जाने चाहिए। पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि कलेक्टर एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रकरण में कार्रवाई चल रही है तथा पट्टों का वितरण शीघ्र किया जाएगा

एक लाख से अधिक का माल ले उड़े चोर

सीहोर.जिला मुख्यालय पर चोरों की गतिविधियों से लोगों को चिंता होने लगी है। बीती रात चोरों ने एक ही कालोनी में दो आवासों के ताले तोड़ दिए। एक सूने आवास से चोर लगभग एक लाख रुपए का माल ले जाने में सफल हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है। सोमवार की रात चोरों ने एक बार फिर धमाल मचाया। स्थानीय शुगर फैक्ट्री चौराहे पर स्थित विवेकानंद कालोनी चोरों ने दो स्थानों पर धावा बोला पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है, पर चोरों का सुराग नहीं लग सका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला कोषालय में पदस्थ रामबाबू सक्सेना सोमवार की शाम को अपने विवेकानंद कालोनी स्थित मकान पर ताला लगाकर रायसेन गए थे। उन्हें मंगलवार की सुबह सात बजे पड़ोसियों द्वारा सूचना दी गई कि मकान के ताले टूटे हुए हैं। बताया जाता है कि चोर मकान से 35 हजार रुपए नकद तथा सोने चांदी के जेवरात सहित लगभग एक लाख रुपए का माल ले गए हैं। उनके मकान का एक ताला घर के बाहर और दूसरा ताला छत पर मिला है। पुलिस ने खोजी कुत्तों की भी मदद ली लेकिन वह भी कुछ नहीं कर सके। चोरों ने श्री सक्सेना के आवास के निकट रहने वाले प्रेस फोटोग्राफर संतोष कुशवाह के मकान के पिछले हिस्से के ताले भी तोड़े, लेकिन वह यहां से कुछ नहीं ले जा सके। दो स्थानों पर हुई चोरी से कालोनी में चिंता का वातावरण बन गया है।

Tuesday, November 9, 2010

नपं अध्यक्ष को भेजा जेल

सीहोर.इछावर के नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील राठी को गैर कानूनी रूप से रसोई गैस सिलेंडर के भंडारण के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश वेदप्रकाश द्वारा जेल भेजने के आदेश दिए गए। उनकी अपील को खारिज करते हुए न्यायायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के निर्णय को बरकरार रखने के आदेश दिए गए हैं। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वेदप्रकाश ने इछावर के बहुचर्चित मामले में वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील राठी की सजा बरकरार रखने के आदेश देते हुए उनकी अपील खारिज कर दी। अपील खारिज होेते ही श्री राठी को न्यायिक अभिरक्षा के अंतर्गत जेल भेज दिया गया है।अभियोजन के अनुसार वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील राठी के गोदाम से प्रशासनिक अधिकारियों ने वर्ष 2002 में गैर कानूनी ढंग से भंडारित किए गए रसोई गैस के 38 सिलेंडर जब्त करते हुए उनके विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था। इस मामले में 19 जुलाई 2010 को न्यायायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अनिल पाठक द्वारा सुनील राठी को छह माह के कारावास की सजा सुनाई थी। जिस पर श्री राठी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में फैसले के विरूद्ध अपील दायर की थी। जिस पर सत्र न्यायाधीश वेदप्रकाश द्वारा 25 अक्टूबर को दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को अपील खारिज कर दी गई। उन्होंने इछावर न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले को यथावत रखने के आदेश दिए। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक ओमप्रकाश मिश्रा ने पैरवी की।अपील खारिज होने के बाद श्री राठी को उपजेल सीहोर भेज दिया गया। पुलिस द्वारा उन्हें जेल लाया गया। बताया जाता है कि श्री राठी अब अपने अभिभाषक के माध्यम से अपील रिवीजन के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर जाएंगे।

और भी है मामले

यह मामला सुनील राठी के नगर पंचायत अध्यक्ष बनने के पहले का है, पर हाल में ही उनके विरूद्ध कोतवाली पुलिस ने ग्रामीण एवं भूमि विकास बैंक प्रबंधन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर शासकीय कार्य में व्यवधान का प्रकरण दर्ज किया है। जिस पर भी प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है।

क्या है मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 फरवरी 2002 में इछावर स्थित माधव गैस एजेंसी की ओर से विजेन्द्र तिवारी द्वारा इस बात की शिकायत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से की गई थी कि सुनील राठी द्वारा अवैध रूप से रसोई गैस का भंडारण किया जाकर उसका चोरी छुपे विक्रय किया जा रहा है। उनके पास न तो गैस की एजेंसी है और न ही किसी प्रकार का कोई लायसेंस है। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन एसडीएम अभय बेडेकर तथा सहायक खाद्य अधिकारी एसजेड नकवी व दल को जांच हेतु अधिकृत किया। श्री बेडेकर के दिशा निर्देशन में मारे गए छापे में सुनील राठी के गोदाम से 38 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जिसमें 16 गैस सिलेंडर भरे हुए थे तथा 22 खाली थे। इस मामले को पंजीबद्ध किया जाकर न्यायालय प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। इछावर के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अनिल पाठक ने सुनील राठी पर लगाए गए आरोपों को दोषसिद्ध पाते हुए उन्हें छह माह की सजा सुनाई थी। जिस पर श्री राठी ने जबलपुर से बुलवाए गए अभिभाषक के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालय में इस निर्णय के विरूद्ध अपील दायर की थी। जिस पर 25 अक्टूबर को सुनवाई की गई थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बहस के बाद निर्णय सुरक्षित रखा था। सोमवार को उन्होंने अपने निर्णय में सुनील राठी द्वारा लगाई गई अपील को खारिज करते हुए न्यायायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अनिल पाठक के निर्णय को बरकरार रखते हुए उन्हें न्यायायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। वर्तमान में सुनील राठी इछावर नगर पंचायत के निर्वाचित अध्यक्ष हैं और हाल ही में ही भूमि विकास बैंक में मतदाता सूची जबरन ले जाने के मामले में कोतवाली पुलिस में उनके खिलाफ शासकीय कार्य में व्यवधान का प्रकरण भी दर्ज किया था। जिस पर उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई थी।

सोने की र्इंट बेचने वाले दो बदमाश पुलिस के शिकंजे में

आष्टा.ग्रामीण को बच्चे की तबियत खराब होने का बहाना बनाकर सोने की जगह पीतल की ईंट थमाकर जाने वाले दो ग्रामीणो को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। यह दोनों ग्रामीण की सक्रियता से शिकंजे में फंसे। पुलिस ने ग्रामीण के सहयोग से दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरु कर दी है। उनसे अन्य मामलों में भी खुलासा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार इछावर के ग्राम गौराखेड़ी निवासी लखन आत्मज करण सिंह सैंधो के पास लगभग डेढ़ माह पूर्व ग्राम कांकड़खेड़ा निवासी आमीन खां बेलदार तथा ग्राम खजूरिया घेंघी निवासी कम्मू खां बेलदार आए और उससे कहा कि उनके पुत्र की तबियत खराब है। इलाज के लिए पचास हजार रुपए की जरूरत है। इसलिए एक लाख रुपए मूल्य की यह सोने की र्इंटें तुम पचास हजार रुपए में खरीद लो। बताया जाता है कि लखन सैंधो ने उनके पास की र्इंटों को देखा तो उसे भी लगा कि यह असली हैं। उसके द्वारा इस बात की असमर्थता व्यक्त की गई कि पचास हजार रुपए नहीं है। जिस पर दोनों ने उससे यह पूछा कि कितने रूपए हैं, जिस पर लखन सैंधो ने 15 हजार रुपए होने की बात कही। आमीन और कम्मू 15 हजार रुपए में ही यह र्इंट देने को तैयार हो गए। दोनों लखन सैंधों से 15 हजार रुपए लेकर चले गए। इधर जब लखन ने सुनार को यह माल दिखाया तो उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। उसने इस माल को 150 रुपए में भी खरीदने से इंकार कर दिया। बताया जाता है कि गत दिवस यह लोग लखन सैंधों के हाथ अलीपुर आष्टा में लग गए, जहां दोनों ने पैसे देने से साफ इंकार कर दिया, जिसपर लखन ने आष्टा पुलिस को सूचना दे दी। थाना प्रभारी हनुमंत सिंह और सहायक उपनिरीक्षक आरएस यादव ने इन्हें मौके पर जाकर गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों से पूछताछ की जा रही है।

डेढ़ माह से तलाश रहा था

ग्राम गौराखेड़ी निवासी लखन सैंधों खुद के साथ हुई धोखाधड़ी के बाद से ही दोनों आरोपियों को जगह-जगह तलाश कर रहा था। रविवार को जैसे तैसे उसे एक आरोपी का मोबाइल नंबर मिल गया। जिस पर उसने ग्राहक बनकर इनसे बातचीत की और इसका मुकाम आष्टा के अलीपुर क्षेत्र में तय किया। डेढ़ माह से इनकी तलाश कर रहा लखन सैंधों अपने पास आए मौके को किसी कीमत पर नहीं गंवाना चाहता था और वह उनके बताए स्थान पर जा पहुंचा। दोनों आरोपियों के पैरों से भी जमीन खिसक गई, जब उन्हें अपना पुराना ग्राहक नजर आया, लेकिन दोनों ने आत्मविश्वास का परिचय देते हुए उनसे किसी भी तरह से पैसे लेने से इंकार कर दिया। जिस पर लखन सैंधों ने बिना मौका गंवाए आष्टा पुलिस की मदद ली। आष्टा पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। यह दोनों किसी अन्य को शिकार बनाते, इससे पहले आष्टा पुलिस ने इन्हें धरदबोचा। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध भादवि की धारा 420 के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया है।