यदि आपके पास कोई समाचार या फोटो है तथा आप भी किसी समस्या को शासन स्तर पर पंहुचाना चाहते हैं और किसी विषय पर लिखने के इच्छुक है,तो आपका स्वागत है ईमेल करे- writing.daswani@gmail.com, Mob No.-+919425070052

Monday, December 26, 2011

नए साल की बधाई के लगेंगे पैसे


बीएसएनएल ने एसएमएस सुविधा पर शर्त थोपी
सीहोर। यह खबर उन बीएसएनएल मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब हो सकती है जो नए साल का बधाई संदेश फ्री में भेजने की तैयारी कर रहे है। बीएसएनएल ने अपने उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए नई शर्त थोप दी है। ज्ञातव्य है कि बीएसएनएल मोबाइल के उपभोक्ताओं द्वारा रिजार्च कर एक माह अथवा पन्द्रह दिन के लिए एसएमएस करने की सुविधा प्राप्त की जाती है जिसका लाभ कई उपभोक्ताओं द्वारा लिया जा रहा है। पर गत दिवस बीएसएनएल ने इस सुविधा को प्राप्त कर रहे उपभोक्ताओं को एसएमएस करके जानकारी दे दी है कि जो उपभोक्ता फ्री एसएमएस रिजार्च कर रहे है वो 31 दिसम्बर और 1 जनवरी को इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे यदि वो इन दो दिनों में एसएमएस करते है तो उसका चार्ज उन्हें देना पड़ेगा । उपभोक्ता हैरान परेशान होकर अपने को ठगा सा महसूस कर रहे है।

Sunday, December 18, 2011

नागरिकों की समस्या सुनने उनके बीच पहुंचें श्री मेवाड़ा

सीहोर। सीहोर नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा ने अपने भ्रमण कार्यक्रम के तहत शहर के वार्ड क्रं-9 एवं वार्ड क्रं-22 में नागरिकों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याऐं सुनी । नपाध्यक्ष श्री मेवाड़ा लगातार शहर में भ्रमण कर नागरिकों की समस्याऐं सुन रहें हैं श्री मेवाड़ा को अपने बीच पाकर नागरिक उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करा रहें हैं जहाँ कुछ समस्यओं का मौके पर निराकरण हुआ वहीं नाली और रोड निर्माण के निर्देश नगर पालिका अध्यक्ष श्री मेवाड़ा ने अधिकारियों को दिये । इसी कड़ी में नगरपालिका अध्यक्ष श्री मेवाड़ा शहर के वार्ड क्रं-9 के चाणक्यपुरी क्षेत्र में पहुंचे और नागरिकों की समस्याऐं सुनकर उन्हे हल कराने के निर्देश अधिकारीयेां को दिये । श्री मेवाड़ा इसी बीच मण्डी क्षेत्र के वार्ड क्रं-22 में इन्द्राकालोनी ाी  पहुचें एंव वहाँ नागरिकों से उनकी समस्याऐं जानी नागरिकों की मांग पर नपाध्यक्ष श्री मेवाड़ा ने शीतला माता मंदिर से ब्लाक वाला रोड तत्काल स्वीकृत कर रोड बनाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर श्री नरेश मेवाड़ा के साथ वार्ड पार्षद प्रतीक पालिवाल, श्रीमति गोपीबाई खुशाल सिंह ,विपिन सास्ता, गोपाल ठाकुर,राधेश्याम यादव तेजपाल ठाकुर अर्पित तिवारी हेमंत सोनी राजू जोशी,ओमप्रकाश काका जी ,ज्ञानसिंह रमेश महेश महेश्वरी लखन गोर नाना भाई हरीश कौशल शंकर यादव अजय दिनकर सहित वार्ड वासि उपस्थित रहे।

Tuesday, December 13, 2011

नागरिक बैंक में शोक सभा आयोजित

सीहोर । शहर के वरिष्ठ समाजसेवी तथा सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के संचालक पंडित मदन मोहन शर्मा मद्दी गुरू के आकस्मिक निधन पर सीहोर नागरिक बैंक में शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें बैंक अध्यक्ष प्रकाश व्यास काका, महाप्रबंधक राजेंद्र सिंह सिसौदिया सहित बैंक संचालक मंडल के समस्त सदस्य तथा बैंक कर्मचारी उपस्थित थे ।
नागरिक सहकारी बैंक के सभागार में आयोजित शोक सभा में सर्वप्रथम दो मिनिट का मौन रख कर स्व. शर्मा को श्रद्धाँजलि प्रदान की गई । इस अवसर पर बोलते हुए बैंक अध्यक्ष श्री प्रकाश व्यास काका ने कहा कि पंडित मदन मोहन शर्मा का आकस्मिक निधन न केवल बैंक के लिये बल्कि पूरे शहर के लिये अपूरणीय क्षति है । बैंक महाप्रबंधक राजेंद्र सिंह सिसौदिया ने पंडित मदन मोहन शर्मा को समाजसेवा के कार्यों में हमेशा अग्रणी तथा तत्पर रहने वाला निरूपित किया । इस अवसर पर बैंक के संचालक मंडल के सदस्यगण उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश वर्मा,  उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला बातव,  कैलाश चन्द्र अग्रवाल, कमल किशोर झँवर, प्रदीप गौतम, राजेंद्र शर्मा, पंकज खत्री, राधेश्याम शर्मा, अनिल पालीवाल, नरेन्द्र सिंह सिसौदिया, प्रकाश चन्द्र राठौर, डॉ. मो. अनीस खान तथा  बैंक के कर्मचारी गण बालमुकुंद पालीवाल,  सतीश शर्मा,  हरगोविंद सिसौदिया,  अजय तिवारी,  सुनील कुमार भालेराव,  राजेश पुरोहित,  शिवकुमार राय,  विजय कुमार जैन,  पवन कुमार जैन,   श्यामदयाल मेहता,  गिरजेश कुमार व्यास, श्रीमती प्रेमलता सक्सेना,  रामकिशन मेवाड़ा,  संजय कुमार जोशी,  मनोहर सिंह राय,  ओमप्रकाश नापित आदि उपस्थित थे ।

Sunday, December 11, 2011

सांईबाबा की निकली पालकी,हुआ भंडारे का आयोजन


भजनों की गूंज से हुए मंत्र मुग्ध, 51 से अधिक पुरस्कार वितरित
बाबा के विशेष श्ऱृंगार से मोहित हुए श्रद्धालु
सीहोर। चाणक्यपुरी स्थित श्रीसांई मंदिर मिनी शिर्डी धाम की स्थापना के दो वर्ष पूर्ण होने तथा गुरू दात्रेय जंयती के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रमों से पूरे क्षेत्र का माहौल भक्ति भरा नजर आया। राजधानी से आई भजन गायक मंडली के स्वरों पर सांई बाबा के भक्तों ने जमकर नृत्य किया वहीं 51 से भी अधिक पुरस्कार वितरित किए गए। रविवार को बाबा की पालकी यात्रा में महिलाओं एवं पुरुषों ने भागीदारी की। हवन में शामिल होने के बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस विशेष अवसर पर बाबा का विशिष्ट श्रृंगार किया गया था जो लोगों को मोहित कर गया।
मिनी शिर्डी धाम मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होने तथा गुरू दात्रेय जंयती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में भजन संध्या का आयोजन किया गया था जिसमें राजधानी के प्रसिद्ध कलाकारों ने ऐसा समा बांधा कि लोगों ने चन्द्र ग्रहण की रात में बाबा की भक्ति नृत्य के माध्यम से की। लक्ष्मी शाक्य ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत की बाद में मिनी चंचल मनीष देवलिया, हेमन्त कुशवाह राजू भाग्या, ज्योति दुबे आदि ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति से समा बांध दिया।
पुरस्कार वितरण
दीपावली पर बाबा के मंदिर को रंगोली से तथा कलश से सजाने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कलश सजाओ प्रतियोगिता में पहले सात स्थान पर रहने वाली प्रतिभागी पायल आजाद, निशा राठौर, जानवी संधानी, निमिषा भारद्वाज, रेणुका बार्क, श्रीमती सुनीता सोनी, निकिता आजाद तथा रंगोली में प्रथम तीन स्थान पर रहने वाली प्रियंका गुप्ता, मेधा नरवरे, ज्योति विश्वकर्मा को पुरस्कार प्रदान किए गए। इनके अलावा करीब 51 प्रतिभागियों को लक्की ड्रा के माध्यम से पुरस्कार प्रदान किए गए। यह पुरस्कार अमर राजपाल, राजेन्द्र उपाध्याय, पंकज काबरा, सुदर्शन राय, पदम जैन आदि समाज सेवियों की ओर से प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण समाज सेवी अखिलेश राय तथा गजेन्द्र सिंह सिसोदिया द्वारा वितरित किए गए।
पालकी यात्रा
रविवार की सुबह पालकी यात्रा का आयोजन किया गया। स्थानीय कोतवाली चौराहा स्थित हरदौल लाला मंदिर से पालकी यात्रा प्रारंभ हुई जिसमें महिलाए और युवतियां सिर पर कलश लिए चल रही थी जबकि पुरुषों तथा युवकों ने सिर पर श्रद्धा और सबूरी के सफेद रुमाल बांधे थे, विभिन्न स्थानों पर पुष्प  वर्षा कर पालकी यात्रा का स्वागत किया गया। मंदिर में बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया था। यहां पर यज्ञ का का आयोजन भी किया गया। दोपहर में भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। मंदिर समिति की ओर से नवनीत ठकराल और शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने आभार माना।

Saturday, December 10, 2011

नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा पर हमले का प्रयास

सीहोर। नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा पर आज एक नपा कर्मचारी ने हमले का असफल प्रयास किया जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम से लोगों के साथ साथ नगर पालिका कर्मचारी भी हतप्रभ रह गए है सभी द्वारा इसी निंदा की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार शनिवार को  जब नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा अपने घर से नगर पालिका के लिए निकल रहे थे तभी एक सफाई दरोगा वहां आ गया उसके द्वारा जीपीएफ भी राशि को लेकर अपनी समस्या बताई गई जिसका निराकरण के आश्वासन पर वो संतुष्ट नहीं हुआ और उसने अपने पास रखे चाकू से उन पर हमले का प्रयास किया लेकिन श्रीमेवाड़ा और उनके साथ के लोगों की सजगता के कारण वो अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाया जिसे बाद में कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया पुलिस मामले की जांच कर रही है।

व्यापारी दिलीप कौशल का निधन


सीहोर। शहर के प्रसिद्ध व्यवसायी दिलीप कौशल को निधन कल रात हद्वय गति रुक जाने से बड़वानी में हो गया उनके निधन पर व्यापारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
अमर टाकीज के पास स्थित रतलामी स्वीट्स के संचालक रहे दिलीप कौशल पहले मंडी दीप में उसके बाद बड़वानी में अपना कारोबार करने लगे थे बीती रात बड़वानी में उनका हद्वय गति रूक जाने से निधन हो गया। दिलीप कौशल कवि स्व. रामलाल कौशल अनाड़ी के पुत्र तथा राजू नमकीन केन्द्र के संचालक भाजपा नेता किशोर कौशल के अनुज थे।

वरिष्ठ समाजसेवी पंडित मदनमोहन शर्मा मद्दी गुरू का निधन


सीहोर । शहर के वरिष्ठ समाजसेवी पंडित मदन मोहन शर्मा का भोपाल मेमोरियल अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया । मद्दी गुरू के नाम से लोकप्रिय श्री शर्मा सर्व ब्राह्मण हितकारिणी संस्था के संरक्षक तथा सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के संचालक थे । उन्हें शुक्रवार को अचानक ह्रदयाघात के बाद भोपाल ले जाया गया था जहाँ उपचार के दौरान ही उनका निधन हो गया । सौ य तथा मृदुभाषी मद्दी गुरू के निधन का समाचार आते ही शहर में शोक की लहर फैल गई । कई सारी संस्थाओं से जुड़े पंडित शर्मा के आकस्मिक निधन का समाचार आते ही हर कोई स्तब्ध रह गया । उनकी इच्छानुसार बैरागढ़ के सेवा सदन चिकित्सालय में नेत्रदान करवाया गया । जीवन भर समाजसेवा के कार्यों में लगे रहने वाले पंडित शर्मा के निधन के बाद उनके नेत्रों से दो नेत्रहीनों के जीवन में प्रकाश फैलेगा । उनका पार्थिव शरीर कल रविवार को भोपाल से उनके खजांची लाइन स्थित निवास लाया जायेगा जहाँ से सुबह दस बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली जायेगी तथा छावनी विश्राम घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा । नेत्रदान के क्षेत्र में कार्यरत संस्था सेवा ने शोक की इस घड़ी में भी पंडित मदन मोहन शर्मा की इच्छानुसार उनके नेत्रदान करवाने के परिजनों के निर्णय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है ।  पंडित शर्मा अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं ।

Thursday, December 8, 2011

सीता देवी मोदी का निधन, नेत्रदान करवाए गये


सीहोर । शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी शंकरलाल मोदी तथा कैलाशचंद्र मोदी की माताजी श्रीमती सीता देवी मोदी का ल बी बीमारी के चलते निधन हो गया । मोदी परिवार ने उनके नेत्रदान करवा कर समाजसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया । वे 83 वर्ष की थीं । श्रीमती मोदी,  ओम मोदी, राजेन्द्र मोदी, पंकज और मोहित की दादीजी थीं । जिला चिकित्सालय में नेत्र विशेषज्ञ डॉ एस के जैन तथा नेत्र सहायक प्रभात जैन ने श्रीमती मोदी के नेत्र प्राप्त किये जिन्हें सेवा सदन चिकित्सालय बैरागढ़ भेज दिया गया जहाँ दो नेत्रहीन व्यक्तियों को इन्हें प्रत्यारोपित किया जायेगा । शहर में पिछले पन्द्रह सालों से चल रहे नेत्रदान अभियान को मोदी परिवार की इस पहल से काफी बल मिलेगा साथ ही श्रीमती मोदी के नेत्रों से दो नेत्रहीन अब दुनिया को देख पाएंगे । नेत्रदान प्रेरणा अभियान चला रहे सेवा के संयोजक कमल झंवर, प्रकाश व्यास काका, कैलाश अग्रवाल, राजेंद्र शर्मा,  पंकज पुरोहित आदि ने श्रीमती सीता देवी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मोदी परिवार द्वारा शोक की घड़ी में भी समाजसेवा के कर्तव्य का निर्वाहन करने तथा दो नेत्रहीनों के जीवन में उजाला फैलाने के लिये मोदी परिवार की सराहना की है । उल्लेखनीय है कि पिछले पन्द्रह सालों से शहर में नेत्रदान प्रेरक कमल झंवर द्वारा नेत्रदान अभियान चलाया जा रहा है, अभियान के चलते अब शहर में स्वप्रेरणा से नेत्रदान की स्थिति बनती जा रही है । शहर के प्रतिष्ठित परिवारों द्वारा इस अ िायान में इस प्रकार की अनुकरणीय पहल द्वारा योगदान दिया जा रहा है । इन सबके चलते प्रदेश में नेत्रदान के मामले में सीहोर अब दूसरे स्थान पर आ गया है । श्रीमती मोदी का अंतिम संस्कार आज छावनी विश्राम घाट पर किया गया जिसमें बड़ी सं या में शहर के  व्यवसायी शामिल हुए ।

Wednesday, November 2, 2011

तहसीलदार और नपाध्यक्ष ने गाए गीत

सेवा निकाय कार्यक्रम में दिखाई प्रतिभा
सीहोर। शहर के अतिक्रमण अभियान के दौरान अपने सख्त रुप से लोगों से रुबरु होने वाली तहसीलदार अलका इक्का ने बुधवार की रात को नगर  निकाय सेवा दिवस के रंगारंग कार्यक्रम के दौरान गीत गाकर अपनी विशिष्ट प्रतिभा से लोगों को हैरान कर दिया। दो नवम्बर को नगर पालिका द्वारा सेवा निकाय दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसके दौरान बुधवार की रात को  रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन्हीं कार्यक्रमों की श्रृंखला के दौरान तहसीलदार अलका इक्का ने अपनी समधुर आवाज में पसीने पसीने हो गए गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी तारतम्य में नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने भी देश भक्ति गीत प्रस्तुत कर वाह वाही लूटी      

मध्‍यप्रदेश स्‍थापना दिवस के कार्यक्रम में सेंट एन्‍स स्‍कूल की छात्रा पंखुरी के कत्‍थक नृत्‍य को  मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने खूब सराहा ।

Tuesday, November 1, 2011


संतश्री की शहादत पर किया रक्तदान
जरुरतमंदों की सहायता बरकरार रखना प्रेरणादायी- डा. शर्मा
सीहोर। मानवता के मसीहा हिन्द सिंध के सरताज संत अमरशहीद संत कंवरराम साहिब की शहादत दिवस पर मंगलवार को सिंधी समाज के करीब एक दर्जन से भी अधिक लोगों ने रक्तदान कर संत श्री के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने दो मिनिट का मौनधारण संतश्री को श्रद्धासुमन भी अर्पित किए।
मनावता के मसीहा संत कंवरराम साहिब हिन्दू धर्म की रक्षा करते हुए एक नवम्बर को शहीद हुए थे, उनकी इस शहादत को पूरे विश्व में श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। इसी क्रम में सीहोर सिंधी समाज, एसएसडीमंडल और संत सखी बाबा आसूदाराम सेवा समिति के सदस्यों सहित युवा समाज सेवियों ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचकर स्वेच्छा से रक्तदान किया। मंगलवार को रमेश आहूजा, उनकी पत्नी शशि आहूजा, नंदकिशोर संधानी, चन्द्रकांत दासवानी, वासदेव जादवानी, राजेन्द्र दासवानी, रतन आसुदानी, जयंत दासवानी, मंयक दासवानी, राजकुमार सुंदरानी, हीरानंद बेलानी सहित युवा समाज सेवी सतीश सोनी, अर्जुन सोनी, विमलेश तथा वीरेन्द्र व्यास ने रक्तदान किया। अमरशहीद संतकंवर राम की शहादत दिवस पर गत वर्ष भी करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने रक्तदान किया था। मंगलवार को ब्लड बैंक में जिला अस्पताल के आरएमओ डा. अनिल शर्मा तथा मेडिकल विशेषज्ञ डा. बीके चर्तुेवेदी विशेष रुप से उपस्थित थे। डा. शर्मा  ने संतश्री के बलिदान को याद  करते हुए कहा कि संतश्री के बताए रास्ते पर चलकर जरुरतमंद लोगों की मदद करने की परम्परा को बरकरार रखना प्रेरणादायी है। डा. चर्तुेवेदी ने कहा कि हर संत द्वारा समाज के हर व्यक्ति की मदद करने का आव्हान किया जाता है क्योंकि पीडि़त मानवता की सेवा ही ईश्वर की सर्वोपरि भक्ति मानी जाती है और आज जरुरत मंदों के लिए रक्तदान कर ईश्वर की भक्ति ही की गई है बेहतर तो यही रहेगा कि आप  सदा ऐसे कार्य करते रहे। ब्लड बैंक अधिकारी डा.पी आरमो ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

Thursday, September 29, 2011

एयरटेल में शिकायत करने के लिए प्रश्नपत्र हल करना पड़ता है
कस्टमरकेयर पर सवालों की छड़ी
20 दिन में भी नहीं हो पा रहा शिकायत का निराकरण

सीहोर। इन दिनों एयरटेल फोन की शिकायत दर्ज करने के लिए उपभोक्ताओं को एक तरह से एक लंबा चौड़ा प्रश्न पत्र हल करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। इन प्रश्नों के उत्तर नहीं देने वाले उपभोक्ता की शिकायत दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया जाता है। शिकायत के निवारण की स्थिति यह है कि 20 दिन मेें भी उसका समाधान नहीं हो पा रहा है।
इन दिनों एयरटेल लैंड लाइन के उपभोक्ताओं को काफी कठिन प्रक्रिया से गुजरने पर विवश होना पड़ रहा है। किसी भी लैंडलाइन के उपभोक्ता को शिकायत दर्ज कराने के लिए पहले 198 पर फोन लगाना पड़ रहा है जो काफी देर तक तो लगता ही नहीं है और यदि लग जाता है तो उनके बीस से अधिक  प्रश्नों को सुनने के बाद 121 नम्बर लगाने का परामर्श दिया जाता है वहां पर इसी प्रकार के प्रश्नों को सुनने के बाद अपना नम्बर डायल करने का परामर्श दिया जाता है जिसमें करीब पन्द्रह से आधे घंटे का होल्ड रखने के बाद कस्टमर केयर के अधिकारी से बात कराई जाती है जहां पर अधिकारी आपकी शिकायत सुनने के पहले सवाल पर सवाल दागता जाता है, पहले फोन नम्बर एसटीडी कोड सहित जाना जाता है उसके बाद आपका एकाउंट नम्बर जो आमतौर पर उपभोक्ता को याद नहीं रहता है, उसके बाद घर का पूरा पत्ता जिस पते पर बिल आता है पूछा जाता है, उसके बाद आपके द्वारा आखिर बिल किस तारीख को किस तरह से जमा किया गया है उसकी जानकारी मांगी जाती है इनमें से यदि आपका एक भी सवाल गलत हो गया तो आपकी शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी। इतने सारे सवालों का जवाब देने के बाद आपको शिकायत नम्बर दिया जाएगा जिसके निराकरण आलम यह है कि 07562- 406298 के उपभोक्ता द्वारा 8 सितम्बर को शिकायत दर्ज कराई गई है उसका निराकरण आज तक नहीं हो पाया है। रोजाना फोन लगाने के बाद उपभोक्ता को उन्हीें सवालों के जवाबों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। प्रश्न यह उत्पन्न होता है कि जब किसी उपभोक्ता की शिकायत के लिए इतनी बड़ी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा तो निजी कंपनी की सेवाओं का लाभ ही क्या? आश्चर्य का विषय तो यह है अधिकारियों द्वारा इस दिशा में ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।

Monday, September 12, 2011

हिन्दु उत्सव समिति ने किया अखाड़ों और झांकियां का स्वागत


सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी अनंत चतुर्दश के पावन अवसर पर हिन्दु उत्सव समिति के अध्यक्ष सतीश राठौर की अध्यक्षता में कोतवाली चौराहे पर विशाल मंच के माध्यम से अनेक झांकियों और आधा दर्जन से अधिक अखाड़ों के उस्तादों का स्वागत और सम्मान किया गया।रविवार की रात को आजाद मित्र मंडल, छावनी गणेश उत्सव समिति, गंज उत्सव समिति, छावनी युवा संगठन, युवा शक्ति क्लब, मंडी गणेश उत्सव समिति, सब्जी मंडी गांधी क्लब सहित अन्य झांकियों और वीर विजय अखाड़ा, वीर बजरंग अखाड़ा, महाराणा प्रताप अखाड़ा सहित अन्य अखाड़ों के उस्तादों, खलीफाओं और कलाकारों का सम्मानजनक रूप से सम्मान कर नवाजा गया। इस मौके पर प्रमुख रूप से हिन्दु उत्सव समिति के अध्यक्ष सतीश राठौर, हरीप्रसाद तिवारी, हीरालाल साहू, मोहन चौरसिया, दिलीप राठौर, राकेश श्रीवास्तव, हरि पालीवाल, प्रदीप समाधिया, मुकेश यादव, घनश्याम यादव, मनोज दीक्षित मामा, मोहन राठौर, जयदीप नेहलानी, अखिलेश चौरसिया, पप्पू धाड़ी, गोविन्द पहलवान, राजू जायसवाल, नरेश बेलानी, रमेश प्रजापित, मथुरा प्रसाद और आरसी अवस्थी आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।

राज्य स्तरीय कराते प्रतियोगिता में जीते दो मैडल

सीहोर। उज्जैन में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कराते प्रतियोगिता में मास्टर आफ ताओ एसोसिएशन आफ मार्शल आर्ट संस्था के आधा दर्जन कराते खिलाडिय़ों ने भाग लिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए संस्था के ग्रेड मास्टर लखन ठाकुर ने बताया कि प्रतियोगिता में भोपाल संभाग की ओर से खेलते हुए संस्था के जयंत बगोरिया ने गोल्ड मैडल और कुलदीप सोनी ने ब्राउंस मैडल पर कब्जा किया। इस अवसर पर अनेक खेल प्रेमियों ने कराते खिलाडिय़ों को उनकी सफलता के लिए बधाई दी है। जिसमें प्रमुख रूप से विधायक रमेश सक्सेना, क्लब के अध्यक्ष प्रमोद पटेल, अखिलेश राय, एसडीएम इच्छित गढपाले, अनीस खान, खेल अधिकारी आनंद स्वामी, कराते कोच विमला ठाकुर, सोनू शर्मा, नरेश वर्मा, ओम प्रकाश, स्वराज कावरे, अश्विन, मयंक, रति शर्मा, लाल सिंह, केएस बगौरिया, बीएस बगौरिया, संतोष रजक, नवीन, मधुसूदन, ऋम्क ठाकुर, मदन कुशवाहा, आशीष शर्मा, मनोज दीक्षित मामा, अशोक विश्वकर्मा, मोहन भारती और घनश्याम यादव आदि शामिल थे।

भागवत कथा मानव को देव बनाने के लिये है : पंडित अजय पुरोहित


कथा के अंतिम दिन उमड़ा जन सैलाब
सीहोर ज्ञान का फल धन या प्रतिष्ठा नहीं परमात्मा से मिलन है । विद्या का उपयोग केवल धनोपार्जन के लिये ठीक नहीं है । भक्त अपनी विद्या का उपयोग भगवत प्राप्ति के लिये करते हैं । राजा परीक्षित शुकदेव जी से कहते हैं कि गुरूदेव कृष्ण कथा को सुनकर तृप्ति नहीं हो पा रही है । वह वाणी धन्य है जो भगवान का गुणगान करती है । वही हाथ सगाा हाथ है जो भगवान की सेवा करता है । वही मन सगाा मन है जो स्थावर जंगम सभी में व्याप्त प्रभु का स्मरण कराता है । वही कान सगो कान हैं जो भगवान की पवित्र कथा का श्रवण करते हैं । निकटस्थ ग्राम छतरपुरा में जागीरदार परिवार द्वारा स्व. मदनलाल जी जागीरदार की स्मृति में करवाई जा रही भागवत कथा में अंतिम दिन की कथा सुनाते हुए महामंडलेश्वर पंडित अजय पुरोहित ने कहा कि सम्पत्ति और शक्ति का सदुपयोग करने वाला देव है तथा इनका दुरुपयोग करने वाला दैत्य है । भागवत कथा मानव को देव बनाने के लिये है । समय शक्ति और सम्पत्ति का सदुपयोग करना चाहिये । मनुष्य अपना बहुत सा समय व्यसन में नष्ट कर देता है । यदि परमात्मा ने तुम्हें अधिकार दिया है तो सदुपयोग करने का दायित्व भी तुम्हारे ही ऊपर है । पंडित पुरोहित ने सुदामा की कथा सुनाते हुए कहा कि आत्म संपत्ति, शक्ति तथा विद्या का सदुपयोग सुदामा जी ने किया परिणाम स्वरूप उन्हें भगवान ने ऐश्वर्यशाली बनाया । अंतिम दिन की कथा में पंडित अजय पुरोहित ने कहा कि यह शरीर तो मलिन है इस शरीर से ब्रह्म संबंध हो नहीं सकता । शरीर तो दुर्गन्ध युक्त है अत: देव तो इससे दूर भागते हैं । मन को ईश्वर से जोडऩा पड़ेगा । काल सभी के सिर पर मंडराता है यदि इससे बचना है तो ईश्वर की शरण में जाना पड़ेगा । सभी में प्रभु का अंश है ऐसा मान कर व्यवहार करने से मन भक्तिमय बन जायेगा । जड़ चेतन एक हैं सभी जड़ चेतन ईश्वर मय हैं ऐसा मानने से पापों से बचा जा सकता है । और मन को शान्ति मिलना संभव है । कथा के अंतिम दिन आस पास के हजारों श्रद्धालुगण उमड़ पड़े ।



सेंट एनिस फुटबाल टीम पहुंची सेमीफाइनल में

अंडर-16 कोकाकोला कप फुटबाल प्रतियोगिता
सीहोर। सेंट एनिस विद्यालय के फारवर्ड जोड़ी जितेन्द्र और आशीष के दो-दो शानदार गोलों की मदद से जिला स्तरीय फुटबाल प्रतियोगिता के एक तरफा मुकाबले में रुकमणी विद्यालय झरखेड़ा को 6-0 के विशाल अंतराल से हराकर प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया है।उक्त जानकारी देते हुए जिला फुटबाल एसोसिएशन के प्रवक्ता मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि चर्च मैदान पर जिला फुटबाल एसोसिएशन के तत्वाधान में जारी अंडर-16 कोकाकोला कप फुटबाल प्रतियोगिता में करीब एक दर्जन से अधिक जिले की विभिन्न विद्यालयों की टीमों ने भाग लिया था। सोमवार को प्रतियोगिता का मैच सेंट एनिस और रुकमणी विद्यालय झरखेड़ा के मध्य खेला गया। इस एक तरफा मुकाबले में सेंट एनिस की ओर से जितेन्द्र और आशीष ने दो-दो और धर्मेन्द्र और पृथ्वी ने एक-एक गोल किया। इस तरह सेंट एनिस विद्यालय प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंच गई। सोमवार को आयोजित इस मैच के निर्णायक वैभव उदासी, रूपेश, अक्षय, मनोज अहिरवार, रवि श्रीवास्तव और विपिन थे।

प्रतियोगिता का सेमीफाइनल आज
मंगलवार को प्रतियोगिता के दो सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाऐंगे। जिसमें पहला मुकाबला सेंट एनिस और नूतन क्लब और आवासीय खेलकूद संस्था और रुकमणी विद्यालय फुटबाल टीम के मध्य रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।





Saturday, September 3, 2011

सीहोर मे सनसनीखेज डकैती


करीब दस लाख का माल ले गए आधा दर्जन बदमाश
परिवार के मुखिया को भोपाल रिफर किया
सीहोर। शनिवार की सुबह स्थानीय इंदौर नाका स्थित एक आवास पर आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने योजनाबृद्ध तरीके से हमला बोलते हुए करीब दस लाख का माल लूट लिया। बदमाशो ने परिवार के मुखिया और उनके पुत्र के साथ जमकर मारपीट की जिससे मुखिया के सिर पर गंभीर चोट आने पर उन्हें भोपाल रैफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश के लिए चारों तरफ जाल बिछा दिया पर अभी तक किसी प्रकार का सुराग नहीं लग सका है। इस सनसनी खेज घटनाक्रम के कारण शहर में चिंता का माहौल भी देखा जा रहा है।
पुलिस से मिली से जानकारी अनुसार शनिवार की सुबह करीब चार बजे स्थानीय इंदौर नाका क्षेत्र स्थित मंत्री पेट्रोल पंप के सामने रहने वाले समाज सेवी गोपाल विजयवर्गीय के मकान पर बदमाशों ने धावा बोला। बताया जाता है कि बदमाशो ने पहले श्री विजयवर्गीय के घर के बाहर तैनात रहने वाले चौकीदार के हाथ बांध दिए उसके मुहँ पर भी कपड़ा बांध दिया जिससे वो आवाज नहीं कर सके। बदमाश वहां से सीधे उनके एक कमरे के बाहर पहुंचे जहां पर उन्होंने एक कमरे के दरवाजे में किसी नुकीले चीज से छेद किया जिसके सहारे से भीतर से सांकुल खोलकर भीतर प्रवेश किया।
बताया जाता है कि इस बड़े मकान में बदमाशों ने सबसे पहले गोपाल विजयवर्गीय के कमरे में प्रवेश किया और उनकी पत्नी समाज सेविका श्रीमती शशि विजयवर्गीय के गले से सोने की चैन खींच ली जिस पर श्री विजयवर्गीय ने प्रतिकार करने के लिए अपना लायसेंस शस्त्र निकाल लिया पर बदमाशों ने उनके शस्त्र को छीन लिया पर उनके साथ बेदर्दी के साथ मारपीट करना शुरू कर दी जिससे उनके सिर पर चोंट आ गई पर, यह आवाजे सुनने के बाद उनका पुत्र मधुर विजयवर्गीय आ गया और उसने भी विरोध प्रकट करने का प्रयास किया तो बदमाशों ने उसके साथ भी मारपीट करना शुरू कर दी, बदमाशों की संख्या और तेवर देखते हुए मधुर ने बदमाशों से मारपीट करने की जगह माल ले जाने का आग्रह किया  जिस पर बदमाशों ने मधुर और उसकी पत्नी श्वेता तथा उसकी माता  शशि तथा पिता गोपाल विजयवर्गीय को एक कमरे में बंद कर दिया उनको कमरे में बंद करने के बाद बदमाशों ने उनके घर से करीब दस लाख रुपए के माल पर हाथ साफ कर दिया। विजयवर्गीय परिवार के सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बदमाशों ने उनके यहां से करीब तीन से चार लाख रूपए नकद और छह से सात लाख रूपए के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया।
मोबाइल लगाया
बताया जाता है कि बदमाशों ने घर की महिलाओं के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की और चारो को जब कमरे में बंद किया तो मधुर विजयवर्गीय ने फिर साहस का परिचय देते हुए थाने फोन लगाने का प्रयास किया पर फोन नहीं लग सका इसके बाद उन्होंने अपने परिचित लोगों को फोन बड़ा बाजार और चाणक्यपुरी क्षेत्र में लगाया जिस पर उन्होंने कोतवाली में जानकारी दी बताया जाता है कि पुलिस जवान गए तो सही पर मकान की लोकेशन उन्हें नहीं मिली उसके बाद जब फोर्स आया तो बदमाश अपना कार्य करके जा चुके थे। पुलिस को उनके जाने की दिशा  में भी गलत जानकारी मिली जिससे भी उनका पीछा नहीं किया जा सका।
चौकीदार के पैर खुले थे
पुलिस को पूरे घटनाक्रम पर एक बात गले नहीं उतर रही है कि चौकीदार के पैर क्यों खुले थे और पैर खुले थे तो वो भागा क्यों नहीं। पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास कर रही है। पुलिस कप्तान केडी पाराशर सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  सुनील मेहता तथा एसडीओपी योगेश्वर शर्मा और पुलिस बल पहुंचा और घेराबंदी की पर इन पंक्तियों के लिखे जाने तक किसी प्रकार का कोई सुराग नहीं लग सका है।
 मुखिया भोपाल रिफर
परिवार के मुखिया श्री गोपाल विजयवर्गीय को सिर पर गंभीर चोट होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भोपाल ले जाया गया है जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
संख्या पर संदेह
बदमाशों की संख्या पर संदेह बना हुआ परिजनों के अनुसार जो बदमाश भीतर घुसे थे उनकी संख्या पांच से अधिक नहीं थी पैरो के निशान भी घर के बाहर इतने ही लोगों के मिले है जबकि चौकीदार का कहना है कि संख्या आठ दस से अधिक रही होगी। बदमाश लुंगी चड्डी पहने हुए थे तथा कुछ ने शर्ट भी पहन रखी थी जिससे भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि यह कार्य चड्डीधारी गिरोह का है अथवा कंजरों का, पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस प्रकार से महिलाओं के साथ मारपीट नहीं की गई है उससे कंजरों पर संदेह किया जा रहा है। बदमाशों ने घटना स्थल पर पत्थरों का भी उपयोग किया है जो आमतौर पर चड्डीधारी गिरोह किया करते है। बताया जाता है कि बदमाश लाठी फर्से से लैस थे जिसका उन्होंने पिता प़ुत्र के साथ मारपीट में उपयोग किया है।
कमजोर दरवाजा
पुलिस को इस बात पर शक है कि घटनाक्रम में किसी जुड़े हुए व्यक्ति का भी हाथ हो सकता है क्योंकि बदमाशों ने भीतर घुसने के लिए जिस दरवाजे का उपयोग किया है वो उनके मकान का सबसे कमजोर दरवाजा ही माना जा रहा है जिस प्रकार से उसमे छेद किया गया है उसमें केवल एक उंगली ही जा सकती है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।
आग की तरह फैली
यह घटनाक्रम सुबह होते ही पूरे शहर में आग की तरह फैल गया जिससे न केवल पुलिस बल्कि आम लोगों की नींद भी उड़ गई। देखना यह है कि पुलिस द्वारा किए जाने वाले प्रयास कितने कारगर हो पाते है।
बाबा रामदेव रूके थे
देश भर की यात्रा के दौरान जब बाबा रामदेव सीहोर आए थे तो वे श्री विजयवर्गीय के इसी आवास पर रुके थे। रात्रि विश्राम के बाद आवासीय स्कूल मैदान कार्यक्रम में भाग लिया था।

Friday, August 26, 2011

पंकज सुबीर को शब्द साधना जनप्रिय सम्मान



शीर्ष साहित्यकारों की उपस्थिति में सीताराम येचुरी प्रदान करेंगे सम्मान

सीहोर जे सी जोशी स्मृति साहित्य सम्मान के तहत इंडिपेंडेंट मीडिया इनिशिएटिव सोसायटी द्वारा दिया जाने वाला चौथा शब्द साधक जनप्रिय सम्मान नई दिल्ली में देश के दिग्ग्ज साहित्यकारों की उपस्थिति में सीहोर के कथाकार पंकज सुबीर को उनके उपन्यास ये वो सहर तो नहीं के लिये प्रदान किया जायेगा । ये उपन्यास भारतीय ज्ञानपीठ से पिछले साल प्रकाशित हुआ है । इस उपन्यास के लिये पंकज सुबीर को भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा उस वर्ष का युवा पुरस्कार भी दिया ्रया था । यह उपन्यास देश भर में काफी चर्चित रहा है तथा एक वर्ष के अंदर ही भारतीय ज्ञानपीठ को इसका दूसरा संस्करण प्रकाशित करना पड़ा है । एक वर्ष में इस उपन्यास को देश का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण साहित्यिक पुरस्कार प्राप्त हुआ है । शब्द साधना जनप्रिय सम्मान के तहत पंकज सुबीर को 21 हजार रुपये सम्मान राशि, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र दिया जाये्रा । इस अवसर पर चौथा शब्द साधक शिखर सम्मान हिन्दी के प्रख्यात कथाकार और हंस के संपादक श्री राजेन्द्र यादव को दिया जायेगा। ये सम्मान 27 अगस्त को दिल्ी के हिन्दी भवन में सायं पांच बजे आयोजित होने वाले वार्षिक आयोजन पाखी महोत्सव में दिये जाएंगे । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे वरिष्ठ वामपंथी राजनेता श्री सीताराम येचुरी, कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे देश के शीर्ष साहित्यकार तथा आलोचक डॉ. नामवर सिंह । विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि श्री अशोक बाजपेयी, तथा वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. निर्मला जैन उपस्थित रहेंगे । कार्यक्रम का संचालन गीतकार डॉ. कुमार विश्वास करेंगे उल्लेखनीय है कि इंडिपेंडेंट मीडिया इनिशिएटिव सोसायटी पिछले दस साल से हिन्दी साहित्य का प्रकाशन तथा अन्य सामाजिक गतिविधियां कर रही है । जिसमें दस साल से लगातार हिन्दी साप्ताहिक अखबार दि संडे पोस्ट के प्रकाशन के अलावा तीन साल से हिन्दी पत्रिका पाखी का भी प्रकाशन कर रही है । पाखी पत्रिका के नाम से ही हर वर्ष पाखी महोत्सव का आयोजन किया जाता है जिसमें देश के एक शीर्ष साहित्यकार तथा एक युवा साहित्यकार को सम्मानित किया जाता है । इसके अलावा सोसायटी ने कई जाने माने लेखकों की पुस्तकें भी प्रकाशित की हैं ।



Monday, August 8, 2011

कला प्रदर्शन देख निगाहें गई ठहर

हथेली पर सजे भगवान श्रीनाथजी एवं श्री गणेश
सीहोर। जिले के पहले आडियो विजुअल ब्ल्यू बर्ड स्कूल द्वारा शहर की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद़्ेश्य से आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता में कला प्रदर्शन देखकर लोगों की निगाहें ठहर गई। प्रतियोगियों की संख्या और प्रतिभा प्रदर्शन को देखते हुए प्रतियोगिताओं को तीन वर्ग में विभाजित किया जाकर पुरस्कार की संख्या दस से बढ़ाकर बाइस करनी पड़ी। मेहंदी प्रतियोगिता में हथेली पर बनाए गए भगवान श्रीनाथजी, श्री गणेश जी, श्री कृष्ण के रुप को देखकर लोग मोहित हो उठे।
ब्ल्यू बर्ड स्कूल के सभागार में आयोजित की गई इस प्रतियोगिता में कुल अस्सी प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसको देखते हुए प्रतियोगिता को तीन वर्ग में विभाजित किया गया। 13 से 15 आयु वर्ग में 22 प्रतियोगियों में से पहले पांच स्थान पर गरिमा राजपूत, दीप्ति जोशी, निमिषा भारद्वाज, प्रज्ञा सिलोरिया, शानू सेन रही। 16 से 20 वर्ष आयु वर्ग में 37 प्रतियोगियों ने भाग लिया जिसमें प्रथम दस स्थान पर नुपूर सिंह, शीतल जैन, आफरीन खान, जानकी राठौर, साक्षी सोमानी, पुनीता बाहेती, आरती आर्य, शिल्पी सोनी, ज्योति विश्वकर्मा, अमीता दुबे तथा 21 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 21 प्रतियोगियों ने भाग लिया जिसमें से प्रथम सात स्थानों पर प्रीति राठौर, श्वेता सोनी, शालिनी माहेश्वरी, रूपाली बियाणी, नीलम सोडानी, अंजना बियाणी तथा रफत परवीन रही। पहले प्रतियोगिता में दस पुरस्कारों की घोषणा की गई थी पर जिस प्रकार से प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए भारतीय संस्कृति के प्रति अपना लगाव प्रकट किया उससे पुरस्कार बढ़ाकर बाइस कर दिए गए।
दिखा धर्मनिरपेक्षता का वातावरण
श्रावण मास में भाई बहन के पवित्र त्यौहार के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रतियोगिता में धर्म निरपेक्षता का उदाहरण भी देखने को मिला। मुस्लिम बहनों ने मेहंदी प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ मेहंदी लगाकर पुरस्कार भी जीते। मुस्लिम बहनें भी मेहंदी लगवाने में आगे रही।
बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
शहर के बच्चे किसी से कम नहीं है कि तर्ज पर बच्चों ने भी शानदार मेहंदी लगाकर बड़ों को चौंका दिया। तेरह से पन्द्रह वर्ष के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने भाग लेकर कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के अलावा महेंदी लगवाने के लिए पधारी महिलाओं एवं युवतियों ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से त्यौहार का आनंद दोगुना हो जाता है खास तौर से उस समय जब सभी समाज के लोग उसमें भागीदारी कर रहे हो। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभी के प्रति आभार चेयरमेन बसंत दासवानी ने व्यक्त किया।

Tuesday, June 7, 2011

जिदंगी आसान भी बन सकती है- सांई साधराम






संत श्री का सीहोर में जोरदार स्वागत
सीहोर। मनुष्य तमाम प्रकार की उलझनों में जी रहा है ऐसा नहीं है कि उसकी जिंदगी आसान नहीं बन सकती है पर मनुष्य उस रास्ते पर चलने का प्रयास नहीं कर रहा है। इसके लिए मनुष्य को अपने जीवन में से असत्य का निकालना होगा यदि वो ऐसा कर लेता है तो उसकी राह में कांटे आएंगे ही नहीं। यह बात सोमवार की रात को टाउन हाल में एसएसडी मंडल, सखी बाबा आसूदाराम सेवा समिति तथा सिंधी समाज के सत्संग कार्यक्रम में रहड़की के संत सांई साधराम साहिब ने उपस्थित जनसमूह से कही।
सांई साधराम साहिब ने कहा कि यदि हमारी जिंदगी से असत्य निकल जाता है तो जिदंगी आसान बन जाती है क्योंकि एक असत्य कई प्रकार के पाप कराता जाता है और हमें उसका पता ही नहीं चलता कि हमने अपनी जिदंगी गलत राह की ओर मोड़ दी है। उन्होंने कहा कि सत्य को कभी याद रखने की जरुरत नहीं रहती जबकि असत्य बार याद रखने के चक्कर में गलती पर गलती कराता रहता है। संतश्री ने कहा कि हम जिस बात को कर रहे है अथवा कह रहे है उस पर अमल करने का प्रयास भी करे तभी हमारा जीवन सफल हो सकता है आम तौर पर देखा जाता है कि आदमी समझा तो काफी बेहतर तरीके से लेता है पर जब उस पर अमल करने की बारी आती है तो वह फेल हो जाता है हमें ऐसी परिस्थितियों से बचना होगा। उन्होंने कहा कि हमे सदैव अपने अवगुणों को त्यागने के लिए तत्पर रहना होगा तभी प्रभु प्राप्ति की ओर हमारे कदम अग्रसर होंगे। इससे पहले संतश्री ने सांई सतरामदास जी एवं अमरशहीद संत कंवर राम साहिब के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में नपा अध्य नरेश मेवाड़ा सहित सिंधी समाज के लोगों सहित अन्य समाज के लोगों ने भागीदारी कर दर्शन लाभ प्राप्त किए।

Saturday, June 4, 2011

संत श्री का आगमन सोमवार को

सीहोर। युवा संत हजूरी रुप सांई साधराम साहिब का शुभआगमन सीहोर में सोमवार को होने जा रहा है। उनके आगमन की सूचना से लोगों में अपार उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। संत श्री के स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां की जा रही है। इस अवसर पर सीहोर के अलावा भोपाल, इंदौर, देवास तथा आष्टा से भी श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। एसएसडी मंडल, संत सखी बाबा आसुदाराम सेवा समिति और सिंधी समाज के सदस्यों ने बताया कि रहड़की के संत सांई सतराम दास जी के गादीसर युवा संत सांई साधराम साहिब 6 जून सोमवार की रात साढ़े नौ बजे सीहोर पधार रहे है। संतश्री राजधानी भोपाल के कार्यक्रम में शरीक होने के बाद सीहोर के कार्यक्रम में शरीक होकर लोगों के दर्शन देेंगे। संतश्री प्रवचन के उपरांत लोगों के कष्टों को दूर करने के लिए भी उपाय बताएंगे जिसका लाभ प्राप्त करने के लिए सीहोर के अलावा   अलावा भोपाल, इंदौर, देवास तथा आष्टा से भी श्रद्धालुजन के आने की संभावना है।  स्थानीय बस स्टैंड के समीप टाउन हाल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। संत श्री सीहोर में कार्यक्रम में शरीक होने के बाद 7 और 8 जून को इंदौर तथा 9 जून को उजैन तथा 10 जून को देवास में कार्यक्रम में शामिल होंगे।  संत श्री के आगमन को लेकर सिंधी समाज के लोगों में व्यापक उत्साह का वातावरण देखा जारहा है। एसएसडी मंडल, संत सखी बाबा आसुदाराम सेवा समिति और सिंधी समाज के सदस्यों ने  सभी धर्म प्रेमी जनता से संतश्री के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान गंगा का आनंद प्राप्त करने की अपील की है। 

Friday, June 3, 2011

एक साल में ही दूसरा संस्करण प्रकाशित

 प्रकाशन के पहले ही आधी किताब बुक 
सीहोर। भारतीय ज्ञान पीठ नवलेखन पुरस्कार से सम्मानित लेखक पंकज पुरोहित सुबीर का उपान्यास ये वो सहर तो नहीं... का दूसरा संस्करण भारतीय ज्ञान पीठ  ने प्रकाशित कर दिया है। किसी युवा लेखक के लिए यह पहला अवसर है कि जब एक साल के भीतर ही उसकी उपान्यास का दूसरा संस्करण प्रकाशित किया गया है। इसके अलावा एक विशेष बात यह भी है कि दूसरे संस्करण के प्रकाशन के पहले ही आधी उपान्यास पहले से बुक है। ज्ञातव्य है कि शहर के साहित्यकार पंकज पुरोहित सुबीर की उपान्यास ये वो सहर तो नहीं... का प्रकाशन भारतीय ज्ञान पीठ  ने कर उन्हें भारतीय ज्ञान पीठ के नवलेखन पुरस्कार से वर्ष 2010 से नवाजा था। देश की राजधानी में उन्हें यह पुरस्कार एक भव्य और गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया था। पंकज सुबीर का यह उपान्यास पूरे देश में चाव के साथ पढ़ा गया तथा देश के नाम चीन साहित्यकारों ने सराहना की है। लेखक ने सन् 1857 के क्रांतिकारी $गदर और सन् 2007 के प्रशासनिक $गदर को जिस खूबी से बखान किया उसकी देश भर में व्यापक स्तर पर सराहना की गई। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आम और खास ने पंकज सुबीर की उपान्यास की सराहना की, उपान्यास की डिमांड  बढऩे पर भारतीय ज्ञान पीठ ने एक साल के भीतर ही इसका दूसरा संस्करण प्रकाशित किया है। यह पहला अवसर है जब किसी युवा लेखक के उपान्यास का मात्र एक वर्ष के भीतर ही दूसरा संस्करण प्रकाशित किया गया हो, दूसरा संस्करण प्रकाशन के पहले उसकी आधी प्रतियां बुक हो चुकी है।

Wednesday, June 1, 2011

सीहोर एक्‍सप्रेस का 1 जून का अंक पढ़ने के लिये नीचे तस्‍वीर पर क्लिक करें

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Wednesday, May 25, 2011

सीहोर एक्‍सप्रेस का 25 मई का अंक पढ़ने के लिये नीचे चित्र पर क्लिक करें

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Thursday, May 19, 2011

रिर्जेवेशन आधा दिन होने के कारण यात्रियों को होना पड़ता है परेशान

 अभी भी भोपाल पर निर्भरतासीहोर। ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन पर सुविधा प्राप्त होने के बाद भी राजधानी पर निर्भर होना पड़ रहा है। जिसके कारण न केवल लोगों का समय खराब हो रहा है बल्कि उनको आर्थिक रुप से भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस समय शादी का सीजन प्रारंभ हो चुका है जिसका असर चारो तरफ नजर आने लगा है, मई और जून माह में शादियों की अधिकता के कारण बाजार में रौनक ओर भी बढ़ेगी, शादियों की अधिकता का असर सबसे अधिक प्रभाव ट्रेन रिर्जेवेशन कांउटर पर नजर आ रहा है। अभी से विभिन्न ट्रेनों की रिर्जेवेशन मिलना मुश्किल कार्य हो रहा है। रेलवे स्टेशन पर अन्य दिनों की तुलना में रिर्जेवेशन कांउटर पर काफी भीड़ नजर आ रही है, रिर्जेवेशन कराने के लिए अधिकृत समय कम होने के कारण लोगों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीहोर में दोपहर में तीन बजे तक ही रिर्जेवेशन हो पाते है पहले यह समय दोपहर दो बजे तक ही था जिसे बढ़ाकर तीन बजे तक किया गया जबकि अन्य शहरों में यह समय रात आठ बजे और रात दस बजे तक का है, ऐसे में सीहोर में रिर्जेवेशन कराने के लिए केवल आधा दिन होने के कारण अभी भी भोपाल पर ही निर्भर रहना पड़ता है। दोपहर तीन बजे तक तो फिर भी रिर्जेवेशन हो जाते है पर उसके बाद यदि उसे कैंसिल करवाना होते है तो यात्रियों को भोपाल ही जाना पड़ता है जिससे कारण उन्हें आर्थिक रुप से नुकसान उठाना पड़ता है, लोगों का कहना है कि सीजन के समय तो विभाग को रिर्जेवेशन कांउटर का समय बढ़ाकर कम से कम रात आठ बजे किया जाना चाहिए।

Wednesday, May 18, 2011

बाबा रामदेव आएंगे

सीहोर। जिला पतजंलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास की आवश्यक बैठक गत दिवस संपन्न हुई। जिसमें योगाचार्य बाबा रामदेव के आगमन की तैयारियों की समीक्षा की जाकर कार्य सौंपे गए। पतजंलि योग समिति मीडिया प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि योगाचार्य स्वामी रामदेव के आगामी 31 मई को आवासीय खेलकूद विद्यालय ग्राउंड पर आयोजित होने वाले नि:शुल्क शिविर की तैयारियां की जा रही है। आवासीय खेलकूद विद्यालय मैदान पर सुबह पांच बजे से साढ़े सात बजे तक बाबा रामदेव लोगों को योग का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस दौरान हरिद्धार से आए चिकित्सकों द्वारा भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। यहां पर विभिन्न स्टाल लगाए जाएंगे।

Tuesday, May 17, 2011

बेमौसम रुठों को मनाए जाने की कवायद

सीहोर। वैसे तो रूठों को मनाने की कवायद का सबसे सही मौसम चुनाव होते हैं लेकिन बेमौसम जब बारिश हो सकती है तो रूठों को क्यों नहीं मनाया जा सकता। दरअसल कांग्रेस में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद जिले में भी परिवर्तन को आवश्यक माना जा रहा है। इसी के चलते पुराने कांग्रेसी नई साज सज्जा कर स्वयं के लाइम लाइट में आ जाने को लेकर आश्वस्त हैं और इसी के चलते वह उन रूठों को मनाने में लगे हुए हैं जिन्हें उन्होंने कभी ना कभी कोई दर्द दिया था। इसे माने तो वह कहावत ही पुरानी नजर आती है कि तुम्ही ने दर्द दिया है दवा भी तुम्ही देना। अब तो यह कहा जाना चाहिए कि तुम्हें तो दर्द दिया था हमने अब दवा ऐसी दो कि ताज अपने ही सिर सजे और वह भी आपके ही सहयोग से।
एक नजर इधर भी ....बात जब रूठों को मनाने की चल ही रही है तो भाजपा भी इस काम में पीछे नहीं है। लेकिन भाजपा में रूठों को मनाने की कवायद प्रदेश की राजधानी में चल रही है लेकिन इन रूठों की सूची में सीहोर के नाम भी प्रमुखता से शामिल हैं। बस इन रूठों को मनाने का जिम्मा स्थानीय पदाधिकारियों को मिलने वाला है। यह वह रूठे हैं जो लगभग छह साल पहले दीदी के चक्कर में भाजपा का दामन छोड़ गए थे। हालांकि इस सूची में सबसे ऊपर भाजपा उनका नाम है जो कभी दीदी के खासों की गिनती में आते हैं। यह भी भाजपा में सम्मानजनक वापसी के इच्छुक हैं। सवाल उठता है कि क्या रघुनंदन शर्मा की तरह या प्रहलाद पटेल की तरह?
इंतजार तो इन्हें भी है....नगर पालिका चुनाव में किसी ने कुछ पाया तो किसी ने कुछ खोया। इसी चुनाव ने उन नेताओं की आशाओं पर भी तुषारापात किया था जो ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में शामिल थे। क्या कहें भैया किस्मत भी एक ऐसी चीज ऊपर वाले ने बनाई है जो साथ दे तो वाह और साथ छोड़ दे तो आह ही मुंह से निकलती है। ऐसा ही वाकया ब्लाक कांग्रेस पद पर आसीन होने की उम्मीद लगाए नेताओं के साथ घटा है। अब नपा चुनाव के बाद बंधी आस की डोर प्रदेश नेतृत्व में हुए बदलाव ने खींच दी। जानकार मानते हैं कि पहले प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार होगा और बाद में जिले में नई नियुक्ति होगी इसके बाद ही खाली ब्लाक अध्यक्ष पद की शोभा बढ़ाने के लिए योग्य उम्मीदवार का चयन किया जाएगा। यह तो बातें हैं बातों का क्या...? देखते हैं आगे आगे होता है क्या?
खुसुर फुसुर शुरू ....चुनावों के दौर से निपटने के बाद राहत की सांस भी ठीक से नहीं ले पाए प्रशासनिक अमले के सामने जनगणना करने की चुनौती आ गई। शिक्षा विभाग के अमले ने इस चुनौती से निपटकर परीक्षाएं कराई तो अब मंडी के चुनाव नजदीक बताए जा रहे हैं। तारीख की घोषणा भर होना बाकी है। इसी आधार पर जिले की मंडियों के अध्यक्ष पदों से लेकर संचालक बनने वालों की जोड़ तोड़ शुरू हो गई है। पहले संपन्न हुई मंडी चुनाव की कार्रवाई ने जितने लोगों के दिलों में इच्छाएं जगाई थी अब उन इच्छाओं ने अपना ठिकाना बदल लिया है यानी कि अब वही इच्छाएं दूसरे दिलों में धड़क रही हैं। खासकर इच्छाओं ने ही कानों कान खुसुर पुसुर शुरू की है। इस खुसुर पुसुर से भी जानकार संभावित उम्मीदवारों के नामों के टोह ले रहे हैं। फिर भी नामांकन जमा करने वालों की में शामिल होने वाले नाम ही अंतिम कहे जाएंगे। लेकिन अनुमान के घोड़े दौड़ाए जाना भी तो जरूरी हैं।
राजनीति भारी साबित हुई  भारत जैसे धर्म प्राण देश में धर्म के आगे सब कुछ बौना नजर आता है। खासकर जिस देश की राजनीति भी धर्म के आधार पर चलती हो वहां राजनीति का धर्म पर भारी साबित होना किसी अजूबे जैसा लगता है। ऐसा ही अपवाद जिला मुख्यालय पर घटित हुआ।
१८५७ में आजादी की पहली लड़ाई हो या १९४७ में देश के बंटवारे की बात या फिर आजाद देश में १९८९ में धर्म के आधार पर कांग्रेस को सत्ता से दूर करने में मिली सफलता हो। धर्म हर क्रांति या बदलाव का आधार बना है। जब धर्म पर राजनीति भारी नजर आने लगे तो जानकारों का चौंकाना स्वभाविक है। वाकया कुछ इस प्रकार घटा कि एक ओर राजनीति हल्कों में जिले के गौरव कहे जाने वाले प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का नगर आगमन हुआ तो दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय संत के रूप में सुविख्यात आसाराम बापू का नगर में प्रवेश हुआ। संयोग की बात यह है कि दोनो हस्तियों का नगर में प्रवेश लगभग एक ही समय में हुआ। प्रदेश के मुखिया का जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री की गद्दी संभालने के बाद सातवां  दौरा था तो संत श्री का नगर में द्वितीय आगमन।
दोनों के मंच के सामने उपस्थित होने वाले जनसमुदाय की संख्या का अनुमान लगाएं तो संत के दर्शन करने वालों में महज डेढ़ दो सौ लोगों का समूह एकत्रित रहा लेकिन शिवराज की सभा सुनने वालों की संख्या हजारों में रही। जनसमूह की संख्या ने ही इस चर्चा को जन्म दिया कि राजनीति धर्म पर भारी नजर आ रही है। लेकिन तर्क देने वालों की भी कमी नहीं है जिन्होंने यह बताया कि सीएम की स्वागत की अपील करने वालों ने प्रचार प्रसार के मामले में संत श्री के अनुयायियों को पीछे छोड़ दिया था इस कारण भीड़ का अंतर नजर आया। मामले में एक तर्क यह भी चर्चा में रहा कि जितने लोग सीएम को सुनने गए थे सभी के पास यह भी सूचना थी कि संत आसाराम जी भी आज नगर में आ रहे हैं। पुलिस के वायरलेस पर चल रहे संदेश तो यही गवाही देते हैं। खैर बात है राजनीति के धर्म पर भारी होने की तो एक झलक यह भी देखें। सीएम अपनी सभा के दौरान जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांगों पर शासन के खजाने का मुंह खोल कर विकास की नई इबारत लिखे जाने की घोषणाओं पर घोषणाएं कर रहे थे तो शायद इतनी तालियां नहीं सुनाई दे रही थी जितनी हर्ष की किलकारियां संत श्री के आशीर्वाद मिलने पर बापू श्री के कार्यक्रम में सुनाई दे रही थी।जहां वह अपने हाथ से कुछ सामग्री भक्तों के बीच वितरण कर रहे थे और हर भक्त अपने को धन्य महसूस कर रहा था।  इस वाकये से इस बात को बल मिलता है के अभी भी धर्म ही राजनीति पर भारी है लेकिन दोनों आयोजनों में एकत्रित जनसमूह इस बात को बता रहा है कि राजनीति धर्म पर भारी होने लगी है।

Monday, May 16, 2011

इधर मुख्यमंत्री गए उधर डम्फर भी चला गया

सीहोर। पिछले पन्द्रह सालों से उपेक्षित पड़ी सड़क को बनाने का कार्य होली के पहले जब प्रारंभ होने लगा तो लोगों के चेहरों पर खुशियों का वातावरण देखा गया पर उन्हें इस बात की भी उम्मीद नहीं थी कि यह सड़क खुशियां कम परेशानियां अधिक प्रदान करेगी। धीरे-धीरे करके सड़क का कार्य छूटे हुए करीब दो माह का ही समय होने का आया है। इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री आभार प्रदर्शन करने के लिए सीहोर पधारे तो अचानक लोगों के चेहरों पर फिर से खुशियों की चमक दिखाई देने लगी और ठेकेदार द्वारा अचानक डम्फर पर डम्फर कार्य करने के लिए जुटा दिए गए जिससे लोगोंं का लगा कि अब कार्य निपट जाएगा। पहले तो मुख्यमंत्री का इस रोड से निकलना ही तय नहीं था पर जैसे ही उनका इस रोड से आना तय हुआ कार्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर कर दिया गया उनके आने का इतना फायदा हुआ कि पूरे रास्ते में दोनों तरफ मार्ग चौड़ा करने के लिए जो नालियां खोद दी गई थी वो न केवल दुकानदारों के लिए बल्कि यहां से निकलने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी उसे ताबड़तोड़ में भरवा दिया गया जिस प्रकार से मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना को लेकर कार्य की गति प्रारंभ हुई थी उससे यही लग रहा था कि इस बार कार्य पूरा होकर स्थायी राहत मिलेगी पर ऐसा हुआ नहीं इधर मुख्यमंत्री का राजधानी की ओर प्रस्थान हुआ नहीं कि उधर ठेकेदार द्वारा अपने डम्फर तुरंत ही दूसरी साइड पर भेज दिए गए जिससे जो उम्मीद बंधी थी वो टूटकर रह गई लोगों में एक बार फिर निराशा के भाव देखे जा रहे है अभी यह कोई बताने वाला नहीं है कि सड़क का निर्माण कब तक और किस प्रकार से पुन: प्रारंभ होगा। जिस प्रकार से कार्य की गति चल रही है उससे लोगों के माथे पर इस बात की भी चिंता की लकीरे देखी जा रही है कि यदि बरसात के पहले सड़क का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो बारिश से उत्पन्न होने वाली मुसीबतों से भी निपटना आसान नहीं होगा।
सीवन अभियान फिर फिस्सजिस प्रकार से सीवन नदी की सफाई को लेकर एक बार फिर चिंता प्रकट की जाकर श्रेय लेना का प्रयास प्रारंभ किया गया था उससे लगने लगा था कि इस बार कार्य काफी अच्छा चलने की संभावना थी पर जैसा कि हर बार होता आया है कि श्रेय लेने के चक्कर में ही सीवन को कभी जीवन नहीं मिला है श्रेय लेने वाले लोगों द्वारा अपना अभियान केवल फोटो खींचने और वाही वाही लेने तक ही सीमित रहता है यही कारण है कि सीवन को जीवन मिलने के पहले ही उसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगता है इस बार जिस प्रकार से प्रयास किए गए थे उससे लगता नहीं था कि सीवन का कार्य गति नहीं पकड़ पाएगा पर हुआ वही जो हर बार होता है। खैर जिन्होंने भी सीवन को जीवन देने का संकल्प लिया है और दिलवाया है उनके पास अभी भी आधी मई और आधा जून पड़ा है वो इस दौरान वाकई कार्य कर और करवाकर  अपनी वजनदारी को साबित कर सकते है ताकि बारिश के दौरान तो नदी लबालब बनी रहे ताकि लोगों को कुछ राहत मिले, बरहाल देखना यह है कि यह सीवन का अभियान प्रचार प्रसार से दूर रहकर कुछ गति भी पकड़ पाता है या फिर अगले साल एक बार फिर श्रेय लेने के अभियान का इंतजार किया जाएगा। 
कार्रवाई की रस्म अदायगी पूरा शहर पीने के पानी की समस्या से जूझता हुआ नजर आ रहा है ऐसे में मकान निर्माण के कार्य लोगों को हैरान परेशान किए हुए है, लगातार जब मीडिया द्वारा ध्यान आकृष्ट कराया गया तो कुछ लोगों के यहां पर कार्रवाई कर उन लोगों के मकान पर जप्ती की कार्रवाई की गई उसे मात्र रस्म अदायगी माना जाए तो शायद अतिश्योक्तिपूर्ण ही माना जाएगा क्योंकि जहां जहां पर भी यह कार्रवाई की गई उसके आसपास भी मकान बनने का सिलसिला बिना किसी रोकटोक के चलता रहा कई मकानों पर तो बड़ी बड़ी छत भी डलती रही और अभी भी बिना किसी रुकावट के वहां पर कार्य चल ही रहा है ऐसे में उन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा है जिन्होंने अपने मकान का कार्य जनहित को देखकर स्वयं ही बंद कर दिया है। ऐसे में अपने मकान के आसपास मकान बनते देख इन लोगों को हैरान परेशान होना स्वभाविक ही है। लोगों का कहना है कि इस दिशा में सक्रियता के साथ कदम उठाए जाने की जरुरत है ताकि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उन्हें तो कम से कम से इस बात की शिकायत नहीं हो कि जो कार्रवाई की गई है वो पक्षपात पूर्ण रही है। देखना यह है कि आने वाले दिनों में किस प्रकार से कदम उठाए जाते है या फिर सब कुछ यूं ही चलते रहने दिया जाएगा।
एक बार फिर साबित किया भाजपा विधायक रमेश सक्सेना ने सीहोर जिले के सहकारी क्षेत्र में एक बार फिर अपनी दमदारी साबित करते हुए साफ कर दिया है कि सहकारी क्षेत्र में किसी भी दल के पास उनका कोई विकल्प नहीं है जो उनका मुकाबला कर सके। जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक अध्यक्ष पद पर विधायक रमेश सक्सेना की धर्मपत्नी श्रीमती उषा सक्सेना की नियुक्ति के बाद उनके समर्थकों के चेहरों पर खुशियां देखी गई। जिला सहकारी बैंक के प्रारंभ से ही विधायक रमेश सक्सेना का दबादबा कायम बना हुआ है।
पानी के लिए मशक्कत जैसे गर्मी अपने शबाव पर आती दिखाई दे रही है वैसे वैसे लोगों को पीने के पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि नपा द्वारा अपने स्तर पर प्रयास किए जा रहे है और वार्ड में भी पानी भिजवाने का कार्य टैंकरों के माध्यम से किया जा रहा है पर यह टैंकर पर्याप्त साबित नहीं हो रहे है लोगों को अभी भी पीने के पानी का इंतजाम करने के लिए भटकना पड़ रहा है। आने वाले दिन भी गर्मी के लिहाज से काफी कष्टदायक रहेंगे ऐसे में व्यवस्थाओं पर सभी की निगाह रहेगी।

Sunday, May 15, 2011

शिक्षिकाएं सीखेंगी जूडो

सीहोर। इस बार गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद शिक्षिकाओं के हाथों में कलम तो होगी ही साथ ही साथ उनके कलम वाले हाथ छात्राओं को आत्म रक्षा के गुर भी सिखाएंगे, जिसके लिए पहले शिक्षिकाओं को विधिवत ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी, इस ट्रेनिंग के दौरान शिक्षिकाओं को जूडो, कराटे तथा ताईक्वांडो सिखाया जाएगा, शिक्षिकाएं यह ट्रेनिंग प्राप्त करने के बाद इसका प्रशिक्षण अपने-अपने स्कूल में पढऩे वाली छात्राओं को प्रदान करेगी जिससे वो अपनी आत्म रक्षा वो स्वयं कर सकेगी। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी अनुसार प्रदेश के सभी स्कूलों में अध्ययनरत् बालिकाओं को शारीरिक रुप से स्वस्थ्य और आत्मरक्षा के उद्ेश्य से शिक्षिकाओं को मास्टर रिसोर्स परसन उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम सीहोर में भी 18 मई से 27 मई तक आवासीय खेलकूद संस्था में आयोजित किया जा रहा है। जिसको लेकर विभाग द्वारा तैयारियां की जा रही है।
इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शिक्षा विभाग के दिशा निर्देश में सभी स्कूलों की शिक्षिकाओं को आत्मरक्षा  के गुर सिखाने के उद्ेश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आवासीय स्कूल में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें शिक्षिकाओं को जूडो, कराटे तथा ताईक्वांडो का प्रशिक्षण बाहर से आने वाले प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया जाएगा। नौ दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शिक्षिकाओं को इस बात का भी प्रशिक्षण विशेष रुप से प्रदान किया जाएगा कि वो कैसे अपने स्कूल की छात्राओं को यह प्रशिक्षण प्रदान करे जिससे वो अपनी आत्म रक्षा कर सके। स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के परिपालन में विभाग द्वारा जोरदार तैयारियां की जा रही है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया जाकर शिक्षिकाओं तथा शिक्षकों को दायित्व सौंपे जा रहे है। आत्मरक्षा अभियान के अंर्तगत किए जा रहे कार्यक्रम का लाभ कितना और किस प्रकार से मिलता है वो तो आने वाले समय में ही पता चल सकेगा पर इतना जरुर है कि यदि यह प्रशिक्षण पूूरी गंभीरता और लगन के साथ शिक्षिकाएं सीख लेती है तो छात्राओं को इसका लाभ जरुर मिल सकता है। परिणाम की चिंता किए बिना विभाग द्वारा तैयारियां की जा रही है। 

Saturday, May 14, 2011

बदला रही सर्विस लाइन

सीहोर। बिजली विभाग द्वारा लगातार किए जा रहे फेरबदल के चलते इस बार शहर में सर्विस लाइन बदलने का कार्य जोरों पर किया जा रहा है। इस बार बदली जा रही सर्विस लाइन से लोग उतने संतुष्ट नजर नहीं आ रहे है। बिजली विभाग द्वारा व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे है जिसमें पहले मीटर बदले गए उसके बाद मीटर घरों के बाहर लगाए गए इसके अलावा हर मोहल्ले में ख्ंाभों पर भी मीटर लगाए गए जिससे मोहल्ले में होने वाली बिजली चोरी का पता लग सके, इसके पहले बिजली चोरी को रोकने के उद्ेश्य से विभाग द्वारा केबल भी बदली गई थी जिसका कई मोहल्लों में विरोध भी हुआ था। व्यवस्था सुधार की दिशा में इस बार विभाग द्वारा सर्विस लाइन भी बदली जा रही है जिसमें पुरानी सर्विस लाइन के बदले में नई पीली सर्विस लाइन को डाला जा रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है विभाग द्वारा किए जाने वाले इस कार्य से उपभोक्ता उतने संतुष्ट नजर नहीं आ रहे है। जिन मकानों में सर्विस लाइन बदली गई उनका कहना है कि सर्विस लाइन बदल दिए जाने के बाद से उतना वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है जितना पहले मिला करता था। जबकि बिजली विभाग का कहना है कि यह लोगों की अवधारणा है ऐसा कुछ नहीं है ऐसा कुछ भी नहीं है इसका वोल्टेज पर असर नहीं होगा।  बहरहाल अभी तो यह कार्य प्रगति पर चल रहा है देखना यह है कि आने वाले दिनों में इसके क्या परिणाम सामने आते है। 

Friday, May 13, 2011

घटता बढ़ता रहेगा तापमान

इस सप्ताह भी हो सकती है बारिश सीहोर। इस सप्ताह तापमान घटता बढ़ता रहेगा और बीच में दो दिन बारिश की भी संभावना व्यक्त की गई है। तापमान के लिहाज से बीता सप्ताह भी उतार चढ़ाव भरा बना रहा सोमवार को भी बारिश से मौसम में उमस का वातावरण देखा गया। मौसम विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम तापमान 28, शनिवार को अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम 28, रविवार को अधिकतम 40 और न्यूनतम 28, सोमवार को अधिकतम 40 और न्यूनतम 27 मंगलवार को अधिकतम 40 और न्यूनतम 29 डिग्री रहेगा। जबकि  शनिवार और रविवार की दोपहर में बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। हवाओं की गति सत्रह से उन्नीस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बनी रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

Wednesday, May 11, 2011

जनसंपर्क विभाग ही अनजान

मामले की शिकायत जनसंपर्क मंत्री और जनसंपर्क आयुक्त से
सीहोर। जिला जनसंपर्क विभाग द्वारा बरती जा रही कथित लापरवाही से पत्रकारों में आक्रोश का वातावरण देखा जा रहा है। पत्रकारों की सूची में कथित रुप से हेरफेर किए जाने के मामले की शिकायत जनसंपर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा तथा जनसंपर्क आयुक्त से जिले के पत्रकार क्लब द्वारा की गई है।  इन दिनों जिला जनसंपर्क विभाग द्वारा बरती जा रही कथित लापरवाही चर्चाओं का केन्द्र बिंदु बनी हुई है। विभाग द्वारा जारी की जानी वाली सूची से विभाग के अधिकारी ही अनजान बने हुए है। बताया जाता है कि पिछले दिनों जनसंपर्क विभाग द्वारा नगर पालिका परिषद को प्रदान की गई सूची में कई ऐसे अखबारों का जिक्र किया गया है जो सीहोर से लंबे समय से प्रकाशित नहीं हो रहे है इसके अलावा कई ऐसे लोगों को भी पत्रकार सूची में शामिल किया गया है जिन्होंने कभी पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य किया ही नहीं है। ऐसी सूची पर आपति प्रकट की जाकर मामले की जानकारी जब जिला जनसंपर्क कार्यालय से चाही गई तो वहां मौजूद अधिकारी द्वारा बताया गया कि सूची तो नगर पालिका को हमारे द्वारा उपलब्ध कराई गई है पर वो सूची कार्यालय के कर्मचारी द्वारा तैयार कराई गई है जिसको अपडेट कराया जाना है, अपडेट कराए जाने के प्रश्न पर उनका कहना है कि साहब नए आए है  उनको इस मामले की जानकारी दी जाएगी। प्रश्न यहां पर उत्पन्न होता है कि नगर पालिका को सूची उपलब्ध कराने से पहले अधिकारियों द्वारा उसे चैक क्यों नहीं किया गया, कई वर्षों से सूची को अपडेट नहीं करने के इस मामले की जानकारी पत्रकार  क्लब द्वारा जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा  तथा जनसंपर्क आयुक्त से की गई है।
पत्रकार क्लब के जिला अध्यक्ष चन्द्रकांत दासवानी और जिला सचिव अमित कुईया द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है एक तरफ तो शासन पत्रकारों को सुविधाएं मुहैया कराने की बात कर रहा है दूसरी तरफ सीएम के गृह जिले में ही जनसंपर्क कार्यालय इस तरह से कार्य कर रहा है तो शासन की जानकारी जनता तक पहुंचाने के मामले में वो कितना गंभीर होगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
जनसंपर्क विभाग का कमाल अधिकारी गए पर नाम बरकरार
सीहोर। जिला जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक एलआर सिसौदिया का तबादला हो जाने के बाद भी जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा उनका नाम बरकरार रखा जाना आश्चर्य का विषय बना हुआ है। पिछले दिनों पत्रकारों को ई मेल पर उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी एलआर सिसौदिया के मेल आइडी से ही भेजी गई जबकि श्री सिसौदिया को सीहोर से गए हुए काफी दिन हो चुके है। ऐसा नहीं है कि सीहोर जिला जनसंपर्क विभाग की खुद की मेल आइडी नहीं है पर विभाग द्वारा उनके जाने के भी कई दिनों बाद तक श्री सिसौदिया की मेल आइडी का उपयोग किया जाना पत्रकारों में जनचर्चा का विषय बना रहा। बीच में तो जानकारी प्रेषक के रुप में भी उनके नाम का ही उपयोग किया जा रहा था जिसकी ओर पत्रकारों द्वारा जब ध्यान आकृष्ट कराया गया तो नाम परिवर्तन कर नए अधिकारी के सरनेम का उपयोग किया जाने लगा पर मेल आइडी पुराने अधिकारी की उपयोग की जाती रही।

सीहोर एक्‍सप्रेस का 11 मई 2011 का अंक पढ़ने के लिये नीचे क्लिक करें

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Tuesday, May 10, 2011

अमेरिका की बेवसाइट सीहोर में बनी

सीहोर की गूंज सात समन्दर पार पहुंचीसीहोर। राजधानी की निकटता के कारण कई बार सीहोर के लोगों को अत्याधुनिक साधनों का उपयोग करने के लिए वहीं ताकना पड़ता था पर अब ऐसा कहा जा सकता है कि वो गुजरे जमाने की बात हो गई, न केवल राजधानी बल्कि विदेश के लोग भी सीहोर की सेवाएं लेना पसंद करने लगे है। इस बात को एक बार फिर सीहोर के युवा बेव डिजाइनर समीर ठाकुर द्वारा अपनी प्रतिभा के दम पर प्रमाणित किया गया है।
युवा बेव डिजाइनर समीर ठाकुर ने हाल ही में अमेरिका निवासी साहित्यकार की बेव साइट विभोम का निर्माण किया है। अमेरिका निवासी साहित्यकार डा. सुधा ओम ढींगरा की इस बेव साइट की डिजाइन समीर ठाकुर द्वारा बनाई गई है जिसमें डा. सुधा ओम ढींगरा की साहित्य रचना का समावेश किया गया है। इस साइट के निर्माण होने से साहित्य प्रेमी अब डा.सुधा ओम ढींगरा की पत्रिका चेतना आन लाइन भी पढ़ी जा सकेगी। कौन सी जमीन अपनी कहानी संग्रह तथा माँ ने कहा था कविता से पूरी दुनिया के साहित्यकारों के समक्ष अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली डा.ढींगरा की बेव साइट विभोम बनाने वाले समीर ठाकुर का कहना है कि उनके द्वारा पहली बार किसी विदेश में रहने वाले साहित्यकार की बेव साइट डिजाइन की गई है इसके बाद उन्हें अन्य साहित्यकारों द्वारा आफर दिया गया है जिसकी तैयारी की जा रही है।

सांई साधराम का शुभ आगमन

सीहोर,। रहड़की के संत सांई सतराम दास जी के गादीसर हजूरी रुप युवा संत सांई साधराम साहिब का शुभ आगमन 11 मई को कल्याण उल्लास नगर में हो रहा है। एसएसडी मंडल से मिली जानकारी अनुसार 11, 12 और 13 मई को युवा संत सांई साधराम साहिब अमर शहीद संत कंवरराम साहिब के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस तीन दिनी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पूरे देश से लोग दर्शन करने के लिए पहुंचेगे। इस कार्यक्रम के उपरांत संत श्री का पूरे देश भ्रमण का कार्यक्रम बनने की संभावना है जिसमें भोपाल और सीहोर आने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।

खत्री बने योग समिति एवं न्यास के मार्गदर्शक

सीहोर। भारत स्वाभिमान न्यास के पूर्व जिला संयोजक एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवकी नंद खत्री को जिले की पतजंलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास में प्रदेश प्रभारी डॉ.पुष्पांजलि की अनुशंसा पर केन्द्रीय प्रभारी जयदीप आर्य ने जिले का मार्गदर्शक नियुक्त किया है। श्री खत्री की इस नियुक्ति पर जिला पतजंलि योग समिति अध्यक्ष डॉ.रामप्रताप सिंह, न्यास अध्यक्ष विष्णु परमार, समिति कार्यवाहक अध्यक्ष विकास महाजन, उपाध्यक्ष सुरेश बाबू राठौर, धीरेन्द्र श्रीवास्तव, महामंत्री संतोष शर्मा, तहसील अध्यक्ष सुरेश त्यागी, कोषाध्यक्ष किशन राठौर, मीडिया प्रभारी संतोष सिंह, रामस्वरूप गौर, आशा राठौर, आशा चौहान, अरुण श्रीवास्तव, रेणु श्रीवास्तव, ज्योत्सना शर्मा, रजनी राठौर सहित अनेक लोगों ने बधाई दी है।

विधायक और नपाध्यक्ष ने किया सड़क निरीक्षण

सीहोर। भोपाल नाका स्थित नव निर्मित सड़क का निरीक्षण सोमवार को विधायक रमेश सक्सेना और नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए पूर्व पार्षद माखन परमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल नाका से रेलवे क्रासिंग रोड पर यह के रहवासियों को हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए इस सड़क का निर्माण किया गया है। इस दौरान नगर पालिका के उपाध्यक्ष प्रदीप गौतम, कल्लू शर्मा, विनोद जैन, पप्पू यादव और बंटी राय आदि शामिल थे।
मिलकर घरेलू प्रतिभाओं को तराशना होगा-श्रीमती अमिता अरोरासीहोर। नगर में प्रतिभाओं की कमी नही है। हमें मिलकर घरेलू प्रतिभाओं को तराशना चाहिए। जिससे आने वाले समय में इनको उच्च स्तरीय मंचों पर जाने का मौका मिले। उक्त विचार नगर के रवीन्द्र भवन में आयोजित फैंशन जीस्ट महोत्सव 2011 के दौरान मु य अतिथि के रूप में मौजूद जनपद सदस्य श्रीमती अमिता अरोरा ने व्यक्त करते हुए कहे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि हरीश राठौर ने कहा कि शिक्षा, क्रिकेट और फैंशन में ही युवाओं को ध्यान देना चाहिए। क्रिकेट और फैंशन के क्षेत्र युवाओं के लिए सफलता का अहम दरवाजे खोल रहे है। इस क्षेत्र में ग्लैमर, शोहरत और दौलत की कमी नही है। रविवार को देर रात तक चले फैंशन जीस्ट महोत्सव 2011 में नगर के अशासकीय और शासकीय विद्यालयों के कई चयनित विद्यार्थियों में से मिस्टर सीहोर लवीन अरोरा, मिस सीहोर तनवी रैना, टैलेंट आफ सीहोर कौशल चौधरी और वाइस आफ सीहोर शिरौनी पालीवाल रही एवं मिस्टर हैंडसम विपिन सोनी और न्यू फैंसर आफ द ईयर गौरव सोनी को दिया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता, बबीता मैडम, विन्नी अरोरा, मनोज दीक्षित मामा, कार्यक्रम के आयोजक जीसान जफारी, शबाना जफारी, जैद अली, अश्विनी कपूर, संजय शर्मा, विनीत राठौर, ईशांन शर्मा, फाइम शेख आदि शामिल थे।

आज से शुरू होगी श्रीमद् भागवत कथा

सीहोर। जिला मु यालय के समीपस्थ ग्राम नापली में मंगलवार से श्रीमद् भागवत महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। जिले के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित मदन मोहन शास्त्री द्वारा यहां पर सुबह आठ बजे से दो बजे तक यज्ञ किया जाएगा। इसके अलावा शाम सात बजे से रात ग्यारह बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम नापली के सभी ग्रामीणों ने इस अवसर पर अधिक से अधिक सं या में आकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

Sunday, May 8, 2011

भगवान परशुराम के गगनभेदी जयकारों से गुंज उठा वातावरण

सीहोर। भगवान परशुराम जयंती पर्व के उपलक्ष्य में रविवार को सर्व ब्राह्मण समाज के तत्वाधान में नगर में विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। रामानुज मंडल उज्जैन के श्री युवराज स्वामी श्री माधव प्रपन्नाचार्य महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस विशाल शोभा यात्रा में सबसे पीछे भगवान परशुराम का रथ चल रहा था व भगवान परशुराम के वंशज हाथों में ध्वजा और फरसा लेकर जब शहर के मु य बाजारों से निकले तो पूरा शहर भगवान परशुराम के जयकारों से गूंज उठा।  उक्त जानकारी देते हुए समाज के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि नगर के खजांची लाइन स्थित सर्व ब्राह्मण समाज की धर्मशाला से आरंभ हुई इस शोभा यात्रा के शुभारंभ पर भगवान परशुराम की पूजा अर्चना की गई,  इस अवसर पर सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रकाश व्यास काका, चल समारोह के अध्यक्ष दीपक शर्मा और युवा अध्यक्ष वरुण शर्मा आदि वरिष्ठ विप्रजनों के नेतृत्व में यह शोभा यात्रा परशुराम के जयकारों के साथ गूंजती हुई चली। आगे-आगे घोडों पर सवार ब्राह्मण समाज के युवाओं ने भगवान परशुराम के जयकारों का नेतृत्व किया।  आम जनमानस के लिए शीतल व मीठे जल का प्रबंध किया गया था। शोभा यात्रा का विभिन्न बाजारों व चौराहों पर भव्य स्वागत किया गया। परशुराम वशंजों ने नृत्य व भजनों पर झूमते हुए यात्रा को संपन्न किया। शोभा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई यह यात्रा बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला में पर विशाल आरती हुई और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हो गया। इस अवसर पर रामानुज मंडल उज्जैन के युवराज स्वामी श्री माधव प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान परशुराम ने जहां लोगों को ज्ञान का पाठ पढ़ाने के लिए शास्त्रों का मर्म बताया वहीं मानवता की रक्षा के लिए शस्त्र भी उठाया। भगवान परशुराम ने धरती पर बढ़ रहे अत्याचारों से मानवता को मुक्त करवाया। वे बड़े पराक्रमी और अद्भुत ज्ञानवान व्यक्ति थे और अपनी इसी विद्वता के चलते उन्हें भगवान का दर्जा दिया गया। भगवान परशुराम विष्णु के अवतार थे।  श्री दीक्षित ने बताया कि गत छह मई को भगवान परशुराम जयंती समारोह का आरंभ किया गया था। सात मई को अग्रवाल धर्मशाला में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रविवार को आठ मई सुबह नौ बजे से रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके उपरांत यहां पर शाम पांच बजे चल समारोह आरंभ किया गया। वही बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल समाज धर्मशाला से यहां पर समाज की प्रतिभाओं का स मान किया गया।

रवाना होगे कराते प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ी

सीहोर। नगर के बीएसआई हेल्थ एंड स्पोट्र्स मैदान पर रविवार को प्रदेश के कोने-कोने से जूडो-कराते खिलाड़ी एक साथ जमा होकर आगामी ग्यारह मई को होने जा रहे चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ओपन कराते प्रतियोगिता के लिए जमकर पसीना बहाया। नौ मई को सुबह साढ़े तीन बजे रेलवे स्टेशन से नेपाल में होने जा रही कराते प्रतियोगिता में अपना प्रदर्शन करेंगे। यह सौभाग्य का विषय है कि नगर के इतिहास में पहली बार मास्टर आफ ताओ एसोसिएशन मार्शल आर्ट के मु य प्रशिक्षक लखन ठाकुर के मार्गदर्शन नेपाल में होने जा रही अंतर्राष्ट्रीय कराते प्रतियोगिता के लिए प्रदेश भर के कराते खिलाडिय़ों का विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए क्लब के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि प्रदेश के जूडो-कराते खिलाडिय़ों की घोषणा कर दी गई है। इस चालीस सदस्यीय कराते टीम मेंं सीहोर से जूडो-कराते के नौ वर्षीय प्रतिभाशाली कराते खिलाड़ी स्वराज कावरे, धर्मेन्द्र पचलासिया, रति शर्मा, निधि यादव, अंशुल श्रीवास्तव, भगवान सिंह राजपूत, भारत शर्मा, सोनू शर्मा, रवि सूर्यवंशी और जीवन वर्मा। संस्कार इंटरनेशनल स्कूल बिलकिसगंज के कुलदीप सोनी, सिद्दीकी खान, कृपाल मेवाड़ा, अभिषेक परमार, जयंत बगोरिया, अश्विन बगोरिया। होशंगाबाद के कैलाश यादव। गुना के सिद्धांत किरार। टिमरनी के रितेश तिवारी, युवराज बिल्लौर, समीर यादव, नागेश पटवारे। हरदा के इरफान खान, मिलन बरानी, शुभंम पंचारिया, अभय विश्रोई, पंकज विश्रोई, अंशुल। नीमच के मनोज सिंह लोधा, सैफाली लोधा, नवीन कुमार सेन और जय सिंह लोधा। छिंदवाड़ा के अमर वर्मा। विदिशा के जफर खान, वकार हुसैन, असर खान और अर्शी हुसैन को शामिल किया गया है। यह नौ मई सोमवार को मास्टर आफ ताओ एसोसिएशन मार्शल आर्ट के मु य प्रशिक्षक लखन ठाकुर, श्रीमती विमल ठाकुर के नेतृत्व में नेपाल रवाना होंगे।
मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँ
माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ
अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कु्छ भी नहीं होगा
मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है
मुनव्वर राना

शिक्षा विभाग से अब कोई नहीं लौटेगा प्यासा

निशुल्क प्याऊ का शुभारंभ
सीहोर। भीषण गर्मी में जहां लोग जलसंकट से जूझ रहे हैं। पानी के लिए मारा-मारी चल रही है। ऐसे समय में भोपाल नाका  पर स्थित जिला शिक्षा विभाग कार्यालय पर शुक्रवार को निशुल्क प्याऊ का शुभारंभ हुआ। जिला शिक्षा विभाग कार्यालय से अब कोई भी प्यासा नहीं लौटेगा। प्याऊ का शुभारंभ डीइओ धर्मेन्द्र शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर डीइओ श्री शर्मा ने कहा कि  जिला शिक्षा कार्यालय आने वाले लोगों सहित यहां से गुजरने वाले लोगों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। भारत स्काउट और गाइड संघ की तरफ और से  शुरू की गई प्याऊ से नि:सदेह लोगों को लाभ मिलेगा। समाज कल्याण की दिशा में भारत स्काउट का यह कार्य बाकई में सराहनीय है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से आवासीय स्कूल के प्राचार्य आरके बांगरे, गणेश शर्मा आदर्श शास्त्री, श्री निमजे आदि अनेक लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

आज घोषित होगा मिस्टर-मिस सीहोर

सीहोर। फैशन जीस्ट महोत्सव 2011 के तहत एक शालीनता पूर्वक कार्यक्रम के दौरान रविवार को शाम चार बजे रवीन्द्र भवन टाउन हाल में मिस्टर सीहोर, मिस सीहोर, टैलेंट आफ सीहोर और वाइस आफ सीहोर की घोषणा की जाएगी। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। शनिवार को चयनित विद्यार्थियों ने जमकर अभ्यास किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए सीमित के मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस अवसर पर एम टीवी के बाबर खां, मुमताज खां, मिस्टर इंडिया में टाप पांच रह चुके रफी मालिक और आयोजन समिति के जीसान जाफरी आदि के द्वारा उक्त नामों की मंच से घोषणा की जाएगी। नगर के सभी अशासकीय और शासकीय विद्यालयों के प्रतिभाशाली चालीस विद्यार्थियों का गत दिनों चयन किया गया। इसमें से मिस्टर-मिस सीहोर, टैलेंट आफ सीहोर और वाइस आफ सीहोर की घोषणा की जाएगी। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।

आज निकला जाएगा परशुराम जी का भव्य चल समारोह

दिन भर चले सांस्कृतिक कार्यक्रम
सीहोर। रविवार को रामानुज मंडल उज्जैन के श्री युवराज स्वामी श्री माधव प्रपन्नाचार्य महाराज के सानिध्य में दोपहर तीन बजे ब्राह्मण समाज की आन, बान और शान भगवान श्री परशुराम जी का भव्य चल समारोह नगर के छावनी स्थित खजांची लाइन सर्व ब्राह्मण समाज धर्मशाला से निकाला जाएगा। चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल पंचायत भवन बड़ा बाजार पहुंचेगा। इसके उपरांत महाआरती एवं प्रसादी वितरण के अलावा ब्राह्मण समाज के पार्षद और प्रतिभा सम्मान किया जाएगा। सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रकाश व्यास काका और चल समारोह के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने सभी से इस अवसर पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने की अपील की है।  समाज के मीडिया प्रभारी ने गुरू वशिष्ठ व परशुराम की भांति ब्राह्मणों से सक्षम बनने की अपील की। उन्होंने भगवान परशुराम के चरित्र, त्याग, साहस, शौर्य को जीवन में अपनाने पर बल दिया। राजनीतिक पार्टियों के आगे झुकने और उनकी शर्ते मानने के बजाय ब्राह्मण समुदाय को अपनी एकजुटता का परिचय देकर उन्हें ताकत का एहसास कराना चाहिए।  पिता जमदग्नि और माता रेणुका ने तो अपने पांचवें पुत्र का नाम राम ही रखा था, लेकिन तपस्या के बल पर भगवान शिव को प्रसन्ना करके उनके दिव्य अस्त्र परशु प्राप्त करने के कारण वे राम से परशुराम हो गए। परशु प्राप्त किया गया शिव से। शिव संहार के देवता हैं। परशु संहारक है, क्योंकि परशु शस्त्र है। राम प्रतीक हैं विष्णु के। इसलिए एकजुटता का प्रदर्शन करे।
शनिवार तीन दिवस कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सुबह नौ बजे से एक बजे तक किया गया। जिसमें समाज के नन्ने-मुन्ने बच्चों ने धरती पर रंगारंग कलरों से लोगों का मनमोह लिया। इसके अलावा यहां पर फैंसी ड्रेस और परशुराम मेले का आयोजन भी किया गया। रविवार को सुबह नौ बजे मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

भारत का राजनैतिक शुद्धिकरण करना है-जयदीप आर्य

केन्द्रीय प्रभारी जयदीप आर्य ने जिला योग समिति कार्यालय का शुभारंभ किया
सीहोर। विश्व में योग क्रांति का सूत्रपात करने करने वाले योगाचार्य स्वामी रामदेव भारत स्वाभिमान यात्रा के जरिए आम आदमी का तन-मन स्वस्थ कर राजनैतिक शुद्धि करण करने निकले है। इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। यह उद्गार शुक्रवार को इंग्लिशपुरा क्षेत्र स्थित सीहोर महाविद्यालय के निचले तल पर वैदिक
विधि से जिला पतंजलि समिति के कार्यालय का शुभारंभ करते हुए केन्द्रीय प्रभारी जयदीप आर्य ने व्यक्त किए। श्री आर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर वेद मंत्रों की ध्वनियों के बीच कार्यालय का शुभारंभ करते हुए कहा कि भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए हमें स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना होगा तथा ध्यान-प्राणायाम के जरिए सबल होकर मजबूत बनाना है। क्योंकि व्यक्ति से ही राष्ट्र मजबूत होता है। इस मौके पर प्रांत प्रभारी डॉ.
पुष्पांजलि शर्मा, विवेक उपाध्याय, डॉ.रामप्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी संतोष सिंह, डीएन खत्री, विष्णु परमार, सुरेश बाबू राठौर, किशन राठौर, विकास महाजन, सुरेश त्यागी, रेणु श्रीवास्तव, धीरेन्द्र सिंह, कमलेश याज्ञिक, ओम प्रकाश तिवारी, आशा राठौर, शैलेन्द्र चंदेल, संतोष शर्मा सहित बड़ी सं या में समिति के सदस्यगण शामिल थे।

Wednesday, May 4, 2011

बरखेड़ा हसन में मनाया जश्न

सीहोर। लंबे वक्त के बाद जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष पद पर विधायक रमेश सक्सेना की धर्मपत्नी श्रीमती उषा सक्सेना को सर्व स मति से निर्विरोध अध्यक्ष पद पर चुने जाने पर विधायक रमेश सक्सेना के गृह ग्राम बरखेड़ा हसन में जीत की खुशी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर जोरदार आतिशबाजी के साथ मिठाई का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने जैसे ही जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पद पर श्रीमती उषा सक्सेना की जीत का समाचार मिला बधाई दी। बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से श्यामपुर मंडल अध्यक्ष देवेन्द्र सक्सेना, डा.रमेश राजपूत, प्रदीप सक्सेना, महेश शर्मा, अवध उस्ताद, श्यामबाबू शर्मा, सतीश धूत, विधासागर शर्मा, नंदकिशोर मालवीय, अनिल शर्मा, भगवती शर्मा, रमेश साहू, शाकिर अली, इब्बे हसन, असलम खां, लतीफ खां, प्रेम भारती, जमना लाल शाक्य, हेमसिंह भारती, रमेश सेन, ओम प्रकाश राजपूत, रामेश्वर राजपूत, गंगाराम राजपूत और सुरेश राजपूत आदि शामिल है।

सीखे आत्मरक्षा के गुर, नौ मई को रवाना होगा दल

सीहोर। शहर के बीएसआई हेल्थ एंड स्पोट्र्स मैदान पर आगामी ग्यारह मई को नेपाल में होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय जूडो-कराते प्रतियोगिता के लिए यहां पर जमा हुए कराते खिलाडिय़ों ने जमकर पसीना बहाया। सभी बच्चों में आगामी प्रतियोगिता में प्रदर्शन करने की ललक के साथ जूडो-कराते सीखने की ललक देखने लायक थी। यहां पर मौजूद बच्चे ने मास्टर आफ ताओ एसोसिएशन मार्शल आर्ट के मु य प्रशिक्षक लखन ठाकुर के मार्गदर्शन में एक साथ कराते के विभिन्न स्टेप्स जैसे मिडिल पंच, हुक पंच, स्टेट पंच, राउंड पंच, डबल पंच, बैक पंच, टू पंच, यूको ग्रीक पंच, हैमर पंच और लोअर पंच की पै्रक्टिस जी-जान से कर रहे थे। इस संबंध में जानकारी देते हुए क्लब के प्रवक्ता मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि बच्चों को जूडो-कराते की जो-जो कलाएं सिखाई जा रही थी। बच्चे उनको पूरे जोश के साथ सीख रहे थे और उसका आपस में अ यास कर रहे थे। यहां पर मौजूद क्लब की प्रशिक्षक श्रीमती विमला ठाकुर के मार्ग दर्शन में आज बेसिक की जानकारी दी। बेसिक में उन्हें सेफ पंच, मिडिल सेक्शन पंच, लोअर सेक्शन पंच, ब्लाक एल्बो टेक्निक की कला सिखाई और बालक-बालिकाओं ने इसमें पूरे जोश के साथ भाग लिया।  श्री दीक्षित ने बताया कि आगामी ग्यारह मई से नेपाल में होने जा रही ओपन अंतर्राष्ट्रीय कराते प्रतियोगिता के लिए बुधवार को नगर के बीएसआई मैदान पर सीहोर और बिलकिसगंज विद्यालय के कराते खिलाडिय़ों का जमघट लगना शुरू हो गया था। आगामी नौ मई को सीहोर के रेलवे स्टेशन पर मध्यप्रदेश की पूरी कराते टीम नेपाल के लिए रवाना हो जाएगी।

जीस्ट महोत्सव की तैयारियां शुरू

सीहोर। आगामी आठ मई को नगर के इतिहास में पहली बार होने जा रहे फैंशन जीस्ट रंगारंग समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई है। गत दिनों चयन प्रक्रिया के दौरान अनेक नगर के शासकीय और अशासकीय विद्यालय के करीब बारह सौ से अधिक छात्रों ने ट्रायल दिया। जिसमें से चालीस प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए क्लब के प्रवक्ता मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि आठ मई को नगर के बस स्टैंड स्थित रवीन्द्र भवन में मिस्टर-मिस सीहोर, टैलेंट आफ सीहोर और वाइस आफ सीहोर घोषित करने के लिए एक निर्णायक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें जिसान जाफरी, जैद अली, स्वेता जैन, अश्विनी कपूर और मुमताज अली को शामिल किया गया है। हाल में चयनित विद्यार्थियों में गायक वर्ग में विवेक दिलवरिया, शिरोनी पालीवाल, वंदना वर्मा, हर्षित शास्त्री, खुशबु त्यागी, अंशुल माथुर, मनीष पटेल, पूर्वा गुप्ता, अर्चना राठौर और उस्मान खान है। माडल वर्ग में चयनित विद्यार्थियों में गौरव सोनी, देवकी कीर, सोनम खजूरिया, पवी कीर, नीरज मेहरा, प्रीति देशमुख, आकाश सिंह, दीपक राठौर, तनवी रैना, शिवम ठाकुर को शामिल किया गया है। इसी प्रकार डांसर वर्ग में गोल्डी सेन, सन्ना खान, राहुल सोनी, पिं्रस दसनिया, शिवम ठाकुर, शिवा परोचे, गौरी शर्मा, कौशल चौधरी, देव मीना और दिव्या कीर शामिल है। अन्य दस विद्यार्थियों की घोषणा शीघ्र कर दी जाएगी। इन चालिस विद्यार्थियों में से मिस्टर-मिस सीहोर, टैलेंट ऑफ सीहोर और वाइस आफ सीहोर की घोषणा की जाएगी।

Tuesday, April 26, 2011

सीहोर एक्‍सप्रेस का 27 अप्रैल 2011 का अंक पढऩे के लिये क्लिक करें

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Thursday, April 21, 2011

मनुष्य का पतन होता है लोभ और माया से-संत कोकिल महाराज

सीहोर। नारद जी बहुत बड़े संत थे। किन्तु समाज की परिस्थितियों ने उनको भी नही छोड़ा। काम, क्रोध, मोह और लोभ सब पर विजय प्राप्त कर ली है। लेकिन माया के चक्कर में पढ़कर एक तपस्वी संत को भी गली-गली में नाचना पड़ा। तो हम तो साधारण मनुष्य है। मनुष्य का पतन लोभ और माया से होता है। उक्त उद्गार राष्ट्रीय संत कोकिल महाराज ने कथा के सातवें दिन शुगर फैक्ट्री चौराहा के पास स्थित बीएसआई मैदान पर चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब को संबोधित करते हुए कहे।
संत श्री मछली की आख के पास, जिह्वा के पास, नाक के पास, हाथ के पास, पेट के पास अर्थात उसके चारों तरफ जल ही जल है। ऐसे ही जीव के आसपास आनंद रूपी समुद्र भरा है। इसके बाद भी वह सुख शांति के लिए इधर-उधर भटकता फिरता है। हमें काम, क्रोध, मोह और लोभ को छोड़कर भगवान श्रीराम की भक्ति करनी चाहिए।  संत श्री कोकिल जी महाराज ने कहा कि मनुष्य का पतन होता है या तो लोभ से या भय से। यदि लोभी है तो वह भक्त नहीं हो सकता, यदि उसको भय है तो यह भक्त नहीं हो सकता। यदि लोभ भी है तो भय भी है तो ऐसा व्यक्ति ज्ञानी भी नहीं हो सकता। मनुष्य का पतन या तो लोभ से होता है या भय से। भगवान के भक्त को लोभ कैसा। रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास काम, क्रोध और लोभ से बचने के लिए राम नाम का आश्रय लेने की बात कहते हैं क्योंकि ये तीनों नरक के द्वार बताए गए हैं।  वस्तुत: इन तीन पर विजय प्राप्ति करने वाला ही भगवान को प्राप्त कर भवसागर से पार हो सकता है। भगवान शंकराचार्य कहते हैं कि भगवान भक्ति के मार्ग में ये तीनों बाधाएँ होती हैं। इसलिए दृढ़ वैराग्य एवं हरिनाम सुमिरन के अभ्यास द्वारा ही इन बाधाओं से मुक्ति मिलती है। मनुष्य ने शरीर पाकर आहार, आलस्य, निद्रा में समय खो दिया तो डलिया में आलू सडऩे की तरह ही हुआ। यदि जीवन को दूसरों के हित में लगा दिया, परोपकार में लगा दिया, भजन में लगा दिया तो भी शरीर नष्ट होगा लेकिन इस दशा में शरीर न रहने पर भी भगवान के यहाँ जगह मिलेगी।  इस संबंध में श्री मारुति नंद नवयुवक संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यहां पर हर दिन रात सात बजे से रात ग्यारह बजे तक नगर के बीएसआई मैदान पर संगीतमय श्रीराम कथा जारी है। संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान यहां पर श्रीराम जन्मोत्सव धूमधाम से संगीतमयी धुनों के साथ मनाया गया।

सीहोर एक्‍सप्रेस के 13 अप्रैल तथा 20 अप्रैल के अंक पढ़ें

सीहोर एक्‍सप्रेस के 13 अप्रैल तथा 20 अप्रैल के अंक पढ़ने के लिये नीचे तस्‍वीरों पर क्लिक करें

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Wednesday, April 20, 2011

मरणोपरांत कराए गए नेत्रदान दो परिवारों को मिलेगी रोशनी

झंवर के निधन पर शोक
सीहोर। वरिष्ठ समाज सेवी राधेश्याम झंवर का बुधवार की सुबह निधन हो गया। उनके परिजनों ने संकट की इस घड़ी में भी धैर्य का परिचय देते हुए  उनके नेत्रदान करवा कर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इससे पहले  उनकी माता जी के भी नेत्रदान कराए गए थे।  समाज सेवी राधेश्याम झंवर का बुधवार की सुबह हार्टअटेक के कारण निधन हो गया। उनके निधन के समाचार से छावनी क्षेत्र में शोक का वातावरण बन गया। शाम को चार बजे उनके चरखा लाइन स्थित निवास से शव यात्रा निकाली गई जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। इससे पहले उनके परिजनों ने श्री राधेश्याम झंवर के नेत्रदान करवाकर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके नेत्रों को संत हिरदाराम नगर भेजा गया है जहां पर यह दोनों नेत्र दो लोगों को प्रत्यारोपित किए जाएंगे जिससे उनके परिवारों में भी उजाला नसीब होगा।

पिछले कई महीनों से बूंद-बूंद पानी को मोहताज है ग्रामवासी

पीएचई की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण
सीहोर। एक तरफ तो सरकार लोगों तक आसानी से पेयजल की पूर्ति कराने के बंदोबस्त कर रही है। दूसरी तरह इसके विपरीत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नकारा नुमाइंदों की लापरवाही के कारण पानी होते हुए भी लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्राम बरखेड़ा हसन के इस संबंध में यहां के विकास विश्वकर्मा और लखन कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि दलित बस्ती और ग्राम के कुछ दूर स्थित डोरी वाले बाबा के स्थान पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कई माह पहले बोर कर दिए थे। इसके बाद इन बोर के स्थानों की सुध नही ली है। इस बार अल्प वर्षा के कारण कई जल स्त्रोतों ने दम तोड़ दिया है। जिसके कारण यहां पर रहने वाले करीब तीन सौ से अधिक लोगों को दूर-दराज के स्थानों पर जाकर पानी भरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों में लोक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लचर कार्य प्रणाली और अनदेखी के खिलाफ रोष है। यहां के लोगों का कहना है कि तीन दिन के अंदर बोर के स्थान पर हैंड पंप नही लगे तो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को विवश होना पड़ेगा। दलित बस्ती के लोगों का कहना है कि पिछले दो माह पूर्व यहां पर बोर हो गया था। बोर खनन के समय काफी मात्रा में पानी भी निकला था। लेकिन विभाग ने अभी तक यहां पर बोर खनन के बाद पीछे मुड़कर नही देखा है। जिसका खामियाजा अब लोगों को भीषण गर्मी के दिनों में बूंद-बूंद पानी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बोर खनन अब महज शो पीस साबित हो गया है।

कलियुग में भगवान श्रीराम के नाम का सहारा-संत श्री कोकिल जी महाराज

संगीतमयी श्रीराम कथा में झूमे श्रद्धालु
सीहोर। मनुष्य को दिनचर्या में से कुछ समय अवश्य ही प्रभु भक्ति में लगाना चाहिए। कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही भवसागर को पार करने में सहायक है। कलियुग में भगवान श्रीराम के नाम का सहारा, स्त्रियों के पतिव्रत धर्म की व्याख्या की। उक्त उद्गार शुगर फैकट्री चौराहा स्थित श्री मारुति नन्द नव युवक संगठन के तत्वाधान में जारी संगीतमय श्रीराम कथा के छठवे दिन यहां पर उपस्थित विशाल जन समुदाय को श्रीराम कथा सुनाते हुए राष्ट्रीय संत श्री कोकिल महाराज ने कहे।
संत श्री ने कहा कि स्त्रियों के लिए पति की सेवा ही सबकुछ है। इसी प्रकार भक्त के लिए भगवान की सेवा ही सब कुछ है। मनुष्य को मोह माया में फंसकर ईश्वर को नहीं भूलना चाहिए। संत श्री ने सेवा के महत्व को समझाते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। अपने पिता एवं माता की सेवा कर श्रवण कुमार ने दुनिया के समक्ष एक आदर्श स्थापित किया है। संसार के प्रत्येक बेटे को श्रवण कुमार जैसा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे को प्यार व बड़े को सम्मान देना रामराज की स्वस्थ परंपरा है। यह शरीर साधन का धाम है तथा मोक्ष का द्वार है। इस शरीर को विषय योग से हटाकर ईश्वर के संकीर्तन में लगाना चाहिए।  राम नाम संकीर्तन से जीवन में सुधार होता है। परमात्मा ने इस जगत में मानव को आकर्षक काया दी है। इस काया को आध्यात्मिक कर्मो में लगाना चाहिए। परमात्मा माया के बंधन से परे होता है।  इस घोर कलियुग में राम नाम रूपी संजीवनी ही व्यक्ति को दुखों के भवसागर से निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि भगवान सदैव अपने भक्तों के साथ होते हैं। इसलिए कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को विचलित नहीं होना चाहिए तथा परमात्मा को हमेशा याद रखना चाहिए। साथ ही कहा कि इतिहास साक्षी है कि ईश्वर ने कभी भी अपने भक्तों का अहित नहीं होने दिया। परिवार की मर्यादा टूट जाती है तब घर में दुखों का पहाड़ टूट जाता है घर में सभी लोगों में समन्वय बना रहे तो परिवार में सबको शांति मिलती है। अपने बच्चे को भगवान श्रीराम बनाना चाहते हो तो खुद दशरथ बनो।
भगवान श्री राम का वनवास
संगीतमय श्रीराम कथा के छठवे दिन भगवान श्रीराम के वनवास के बारे में यहां पर उपस्थित भक्तों और श्रद्धालुओं से कहा कि राम को चौदह वर्ष का वनवास माता कैकई के आदेश से राजा दशरथ ने दिया। कोई भी ऐसा आदेश प्रथम दृष्टि में दंड माना जाता है। राम, राजा दशरथ के सबसे बड़े बेटे थे। परम्परा के अनुसार उनका राजतिलक होना चाहिए था। राजतिलक की तैयारी भी थी, किन्तु इसी बीच दासी मन्थरा के षडयंत्र पूर्ण मंतव्य को सुन माता कैकई अपने पुराने वर के रूप में राम का वनवास मांग लेती हैं। और राजा दशरथ को न चाहते हुए भी विवश भाव से उसे स्वीकार करना होता है। राम राजा बनते-बनते वनवास के लिए सहर्ष प्रस्थान कर जाते हैं। इसे हम कया कहेंगे? यदि हमारे साथ ऐसा कुछ घटित हो तो हम उसे आज किस रूप में ग्रहण करेंगे? कया वनवास चले जाएंगे?कया दुनिया उसे दुर्भाग्यपूर्ण नहीं कहेगी? यह प्रश्न है। राम का वनवास सम्पूर्ण रामायण की सबसे महत्वपूर्ण घटना है। विचार कीजिए कि यदि राम चन्द्र को वनवास नहीं मिलता तो रामायण की कथा कया होती? कया यह कथा अपना दम नहीं तोड़ देती? राम के राज्याभिषेक के बाद तो जो भी कथा बनाई जाती, वह सिर्फ राजा राम की ही होती। कथा के छठवे दिन खनिज विकास निगम अध्यक्ष गुरु प्रसाद, भाजपा अध्यक्ष रघुनाथ भाटी, कांग्रेस के युवा नेतजा अखिलेश राठौर, आदि शामिल थे।

Tuesday, April 19, 2011

श्री हनुमान पूजा से पहले करें श्री राम का ध्यान संत कोकिल जी महाराज

सीहोर। हिन्दू धर्म में भगवान श्रीराम के लिए आस्था, भक्ति इतनी गहरी है कि हर व्यक्ति के बोल, व्यवहार और आचरण में राम नाम प्रगट हो ही जाता है। सामाजिक जीवन में देखें तो राम नाम के संबोधन से बोलचाल शुरू होती है। किसी शारीरिक कष्ट में मुंह से राम निकलता है या फिर किसी अमर्यादित बोल सुनकर या दृश्य देखकर राम-राम छूट जाता है। यहां तक कि किसी की मृत्यु होने पर राम के नाम का ही सहारा लेकर मृत देह की अंतिम यात्रा निकाली जाती है। शुगर फैक्ट्री स्थित बीएसआई मैदान पर श्री मारुति नंद नव युवक संगठन के तत्वाधान में जारी संगीतमय श्रीराम कथा के पांचवें दिन यहां पर आए बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं और भक्तों को भगवान श्रीराम के बारे में बताते हुए राष्ट्रीय संत कोकिल जी महाराज ने कहे।
संत श्री कोकिल जी महाराज ने कहा कि जिंदगी में हर व्यक्ति तन, मन और धन के सुखों की कामना करता है। किंतु इनके अलावा एक और इच्छा हर व्यक्ति दिल में रखता है। वह है ख्याति सरल शब्दों में नाम कमाना या बड़ा नाम बनाना। नाम की महिमा धर्म और लोक जीवन में खोजें तो राम का नाम धर्म, कर्म और परंपराओं में सबसे अधिक रचा-बसा है। इसलिए जानते हैं राम नाम की ख्याति में छुपे नाम बनाने और कमाने के सूत्र को।
श्री हनुमान पूजा से पहले करें श्री राम का ऐसा ध्यान संत श्री ने कहा कि  धार्मिक आस्था है कि जहां श्री राम का स्मरण होता है, वहीं उनके परम भक्त श्री हनुमान किसी न किसी रूप में उपस्थित हो जाते हैं। राम की भक्ति और सेवा से श्री हनुमान रामदूत कहलाए। हनुमान के कारण ही युग-युगान्तर से राम भक्ति आस्था को बल और भक्ति को शक्ति देने वाली मानी जाती है। राम भक्त हनुमान बल एवं ज्ञान के प्रतीक हैं। हनुमान जी का वज्रतुल्य शरीर उनके शारीरिक बल का प्रतीक है। वे बल, बुद्धि एवं ज्ञान के दाता हैं। हनुमान जी के प्रति श्रद्धा एवं प्रेम रखने वाले के संकट व कष्ट नजदीक नहीं आते। कलियुग में हनुमान भक्ति अनिवार्य है। आज के भोग प्रधान युग में मनुष्य चिंतातुर, निर्बल व रोगी हो चुका है। अतुलित बल धामा हनुमान जी का ध्यान करने से मनुष्य के रोग नष्ट हो जाएंगे और अथाह बल का संचार होगा।
सबके लिए हनुमान चालीसा संत श्री ने कहा कि हनुमान जी भगवान श्रीराम से वादा किया कि जब तक यह
संसार रहेगा तब तक मैं आपके भक्तों की रक्षा करूगा। हनुमान चालीसा चाहे स्त्री हो या पुरुष सबको चालीसा करना चाहिए। कही किसी वेद में नही कि माताओं को चालीसा नही करनी चाहिए।  राम जी ही हनुमान जी हैं और हनुमान जी ही राम जी हैंं। हनुमान जी को राम जी का ही रूप जानना चाहिए। हनुमान जी के शरीर रूपी मन्दिर में राम जी विराजमान हैं। राम जी और हनुमान जी दो जिस्म और एक जान हैं। राम जी की अथाह कृपा एवं दिव्य शक्ति का रूप ही हनुमान है। हनुमान जी लंका में विभीषण को बताते हैं कि मैं तो कपि चंचल हूं, मेरे दर्शन करने वाले को भोजन भी नसीब नहीं होता। राम जी की कृपा ने ही हनुमान जी को महान बलशाली एवं ज्ञानी बना दिया।

Monday, April 18, 2011

पेट्रोल पंप पर हादसा टला

खड़े ट्रक में आग लगी, फैली दहशत
सीहोर। सोमवार की दोपहर में इन्दौर नाका क्षेत्र स्थित मंत्री पेट्रोल पंप पर आए ट्रक में अचानक आग लग जाने से दहशत का वातावरण निर्मित हो गया। पेट्रोल पंप पर आग लगने से दोहरा खतरा उत्पन्न होता नजर आया जिसे लोगों की सजगता रहते टाल दिया गया। आग पर काबू पाए जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
प्राप्त जानकारी अनुसार इन्दौर नाका क्षेत्र में स्थित मंत्री पेट्रोल पंप पर आए ट्रक में रेडियटर गर्म हो जाने के कारण अचानक आग लग गई जिससे चौतरफा चिंता का वातावरण बन गया, एक तो पेट्रोल पंप दूसरा डीजल से भरे ट्रक में आग की लपटे देख लोगों ने साहस का परिचय देते हुए उस पर काबू पाने का प्रयास किया तब तक काफी भीड़ एकत्रित हो गई। पानी सहित रेत से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया जिस पर थोड़ी बाद काबू पाया जा सका। आग पर काबू पा लिए जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। इस घटनाक्रम को देख लोगों को भोपाल पेट्रोल पंप पर हुए हादसे की याद ताजा हो आई।

हनुमान जी का श्रद्धा के साथ स्मरण किया

सीहोर। सोमवार का भगवान श्रीराम के प्रिय शिष्य श्री हनुमान जी की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में सुबह से मंदिरों में विशेष श्रृंगार और अभिषेक किया गया रात से मंदिर समिति और सदस्यों द्वारा तैयारियां की जा रही थी। सुबह से ही श्रद्धालुजन मंदिर पहुंचने लगे थे। आकर्षक सजावट के साथ मंदिर में पूजन अर्चन किया गया। जन्म आरती के साथ प्रसाद वितरण किया गया। शाम को भी श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन लाभ प्राप्त किया। शाम को विभिन्न मंदिरों में भंडारे का आयोजन किया गया। यहां पर की गई नयनाभिरामी विद्युत सजावट लोगों को भा रही थी।

उमा शिव के विवाह में उमड़ा जनसैलाब

भगवान राम से ही है संपूर्ण संसार-पंडित कोकिल महाराज
सीहोर। भगवान श्रीराम से ही संसार है। इनके बिना सबकुछ अधूरा है। शुगर फैक्ट्री चौराहे स्थित बीएसआई मैदान पर जारी श्री मारुति नंद नव युवक संगठन के तत्वाधान में श्री राम कथा के चौथे दिन सोमवार की रात को राष्ट्रीय संत कोकिल महाराज ने कही। उन्होंने उपस्थित लोगों को शिव विवाह के लिए उमा के अद्वितीय तपस्या के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि माता उमा ने तपस्या के बल पर भगवान शिव को पति के रूप में पाया। उन्होंने भारतीय जीवन पद्धति में तप के महत्व को लोगों को बताया। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के प्रसंग को संत महाराज ने काफी सरल रूप से रेखांकित किया। संत कोकिल महाराज के मुख से शिव विवाह की कथा सुन कर श्रोता मंत्रमुग्ध होते रहे। महा शिवरात्र की पूर्व संध्या पर संत श्री ने भगवान शिव के मृत्यु के जीवन में बदल देने वाले अमूल्य जीवनवृत का वर्णन किया। भगवान श्रीराम से ही संसार है। इनके बिना सबकुछ अधूरा है। उन्होंने उपस्थित लोगों को शिव विवाह के लिए उमा के अद्वितीय तपस्या के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि माता उमा ने तपस्या के बल पर भगवान शिव को पति के रूप में पाया। उन्होंने भारतीय जीवन पद्धति में तप के महत्व को लोगों को बताया। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के प्रसंग को संत महाराज ने काफी सरल रूप से रेखांकित किया। संत महाराज के मुख से शिव विवाह की कथा सुन कर श्रोता मंत्रमुग्ध होते रहे। संत श्री ने भगवान शिव के मृत्यु के जीवन में बदल देने वाले अमूल्य जीवनवृत का वर्णन किया। प्रभु भक्ति के बिना सभी सुख निसार हैं। यदि मानव को सही अर्थों में इस भवसागर से मुक्ति पानी है तो उसे अपने को उस परम पिता परमेश्वर पर छोडऩा होगा। उसकी भक्ति से ही आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। भगवान राम का जीवन चरित्र अपने आप में एक उदाहरण है जो संसार मे रहकर भगवान बनने की अमर गाथा है। आज के युग में जिस राम राज्य की परिकल्पना के स्वप्न देखे जाते है वे केवल भगवान राम की तरह मर्यादा का जीवन जीने से ही संभव हैं। उन्होंने कहा कि एक बार संतुलित जीवन जीने का प्रयास तो किया ही जा सकता है, फिर उसका जो सुख मिलेगा उसका आप अंदाज ही नही लगा सकेंगे। उन्होंने संगीतमय प्रस्तुतियों से देर रात तक भक्तों को बांधे रखा। रामनाम की महिमा को भी संगीतमय रूप से प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर दिया। इस अवसर पर श्रीश्री 1008 राम जी बाबा कोकिल महाराज ने छोटे-छो उदाहरण देते हुए कहा कि मनोरंजन करने के लिए संसार में बहुत चीजें है। लेकिन मन भंजन करने के लिए सिर्फ सत्संग है। बच्चों को संस्कार वान बनाना चाहते हो तो अपने पवित्र संस्कारों को जाग्रत करो। बच्चों की तकदीर बनाना चाहते हो तो घर में लगी तसवीर बदल देना चाहिए। घर में भगवान राम-कृष्ण की तसवीर लगाने से बालक राम जैसा बनता है, अगर घर में हीरों-हीरोइन की तसवीर लगा दी तो बच्चे की तकदीर बिगड़ जाएगी। जिन्दगी जीना है तो हंसकर जीओ रो-रो कर जिन्दगी नही जीना चाहिए। आदमी के शरीर का महत्व बताते हुए संत श्री ने कहा कि आदमी के शरीर को लोग बेकार समझते है। यह वो शरीर है, जिसके लिए देवता तरसते है। इस अवसर पर संत श्री ने अनेक उदाहरण देकर मानव जीवन को अमूल्य बनाने की राह यहां पर आए भक्तों को बहुत सरल रूप से दी। शाम 7 से 11 बजे चलने वाली कथा में भक्तों की भीड़ देखते ही बनती है। संगीतमयी श्रीराम कथा आयोजन समिति ने अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं से शामिल होकर कथा सुन धर्मलाभ लेने की अपील की है।

देर रात तक निकाला मायरे का चल समारोह

नरसी भगत की तरह विश्वास होना चाहिए-पंडित प्रदीप मिश्रा
सीहोर। नानी बाई के मायरे की कथा का रविवार को भावपूर्ण समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन सांवरिया सेठ द्वारा नानी बाई का मायरा भरने का प्रसंग सुनाया गया। श्रद्धालु मार्मिक प्रसंग सुनकर भावुक हो उठे।  कथा वाचन ने भागवत आचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रोताओं को कार्यक्रम के अंत तक बांधे रखा। वही शनिवार को नगर के इतिहास में पहली बार धरती से आसमान तक आतिशबाजी और धरती पर रंग बिरंगी रंगोली के नजारे नजर आ रहे थे। मायरा चल समारोह में आगे-आगे महिलाएं और नागपुर की सुमित्रा ताई के नेतृत्व में आई महिलाओं ने आकर्षक रंगोली बनाई। गुजरात का गरबा दल, झाबुआ के आदिवासी नृत्य और राजस्थानी नृत्य के बीच भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर महिलाएं और पुरुष झूम रहे थे। डीजे और बाहर से आए संगीत के वाद्य यंत्रों ने माहौल को भक्तिपूर्ण कर दिया था। इस संबंध में जानकारी देते हुए समिति प्रवक्ता मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि रविवार को दोपहर कथा वाचक दौरान प्रदीप मिश्रा ने कहा कि नरसी भगत की तरह विश्वास हो तो श्रीकृष्ण को सांवरिया सेठ का रूप बनाकर आना पड़ता है। भक्तों के लिए ठाकुर तो गठड़ी तक उठा लेते हैं और मायरा भरने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि घरों में संस्कारों की कमी नहीं हो, इसके लिए ध्यान दिया जाना चाहिए। सास यदि बहू से अपना सम्मान करवाना चाहती है, तो उसे पहले बहू का सम्मान करना चाहिए। कथा समापन में श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते भाग लिया।
भरपूर मुनाफा देती है लक्ष्मी की सही पूजा
रविवार को विशाल कुबेर लक्ष्मी यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भक्तों को रात में जारी दीप यज्ञ के बारे में पंडित मिश्रा ने बताते हुए कहा कि रात में होने वाली पूजा में हर व्यक्ति के मन में एक भाव समान रूप से मौजूद होता है। वह है लाभ या मुनाफ़ा। खासतौर पर व्यावहारिक जीवन में आर्थिक फायदे की हर कोई इच्छा रखता है। इसके अलावा अपने हो या परायों से भी रिश्ते, भावनाओं के स्तर पर भी लाभ की अपेक्षा हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में रखता है। मानसिक लाभ के नजरिए से शांति भी हर किसी की चाहत होती है। किंतु ऐसे मुनाफे के लिए सांसारिक और व्यावहारिक दृष्टि से जरूरी है कि बुद्धि और धन का सही उपयोग हो। पंडित श्री मिश्रा ने आगे कहा कि धर्म शास्त्रों में बुद्धि और धन लाभ के लिए श्री गणेश और लक्ष्मी उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। सुख-समृद्धि और विघ्रनाश के लिए भी लक्ष्मी के साथ श्री गणेश की उपासना कुछ पर्व-विशेष पर परंपरा भी है। सच्चे मन और सहज भाव से शक्ति पूजा विशेष प्रभावी मानी जाती है। देवी पूजा में ही ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी की पूजा हर दरिद्रता को दूर कर भरपूर आर्थिक लाभ और समृद्धि देती है। किंतु इस दिन लक्ष्मी के साथ श्री गणेश का पूजन सुख-शांति में आने वाले सभी विघ्र-बाधाओं का नाश करने वाला माना गया है। लक्ष्मी और विनायक की प्रसन्नता के लिए ही शास्त्रों में लक्ष्मी के अनेक विशेष मंत्र भी बताया गया है, जो श्री यानि सुख-ऐश्वर्य देने वाले श्री गणेश का स्वरूप का स्मरण है माना जाता है।