यदि आपके पास कोई समाचार या फोटो है तथा आप भी किसी समस्या को शासन स्तर पर पंहुचाना चाहते हैं और किसी विषय पर लिखने के इच्छुक है,तो आपका स्वागत है ईमेल करे- writing.daswani@gmail.com, Mob No.-+919425070052

Friday, November 30, 2012


वल्लभ भवन विस्तार परियोजना के लिए वास्तुविद का चयन
स्थानाभाव को दूर करने की ठोस पहल
आने वाले वर्ष में मंत्रालय के वर्तमान भवन को नया स्वरूप देने की विधिवत् शुरूआत हो जाएगी। वर्तमान वल्लभ भवन की विस्तार परियोजना के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा वास्तुविद के चयन की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) को वास्तुविद के चयन का जिम्मा सौंपा गया था। पर्यावरण एवं जल संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया ने प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण से वल्लभ भवन विस्तार परियोजना के संबंध में चर्चा की। श्री मलैया ने वास्तुविद के चयन के बाद आगामी कार्यवाही के लिए राजधानी परियोजना एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है। चयनित वास्तुविद द्वारा वर्तमान वल्लभ भवन तथा उससे लगे सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवनों को ध्यान में रखते हुए कांसेप्ट डिजायन को तैयार किया गया है। यह डिजायन इन भवनों की निर्माण कला से साम्य रखती है। वर्तमान वल्लभ भवन का उद्घाटन 4 अप्रैल 1965 को हुआ था। उस समय 23 शासकीय विभाग थे। वर्तमान में 57 विभाग के साथ ही मुख्यमंत्री सहित 33 मंत्री के कक्ष हैं और कार्यरत अधिकारियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। मंत्रालय में अधिक स्थान की जरुरत को देखते हुए वल्लभ भवन परिसर में अतिरिक्त भवन के निर्माण का विचार किया गया। वास्तुविद के चयन के लिए पाँच सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति में प्रमुख सचिव वित्त, प्रमुख सचिव लोक निर्माण, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन, प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण तथा मुख्य वास्तुविद लोक निर्माण विभाग शामिल थे। एप्को में रजिस्टर्ड सभी वास्तुविद फर्म से सहमति बुलाई गई थी। ऐसी फर्म की संख्या 100 से अधिक थी। जिन फर्मों से सहमति प्राप्त हुई थी उनमें से ऐसी वास्तुविद फर्मों का चयन किया गया जिन्हें कम से कम 25 वर्ष का कार्यानुभव हो और कम से कम इस तरह की तीन परियोजनाओं का क्रियान्वयन अनुभव (आवासीय भवन निर्माण छोड़कर) भी हो। इसके साथ ही फर्म द्वारा 100 करोड़ रुपए से ज्यादा तथा प्रोजेक्ट के समान प्रकार के कार्यालय भवन का निर्माण करने के अनुभव को भी आवश्यक माना गया। इस आधार पर एप्को द्वारा 6 वास्तुविद फर्मों को अपनी फर्म एवं कार्यों के प्रेजेन्टेशन के लिए समिति के समक्ष जुलाई माह में आमंत्रित किया गया था। समिति द्वारा कांसेप्ट डिजायन के प्रस्तुतिकरण के लिए इस माह फर्मों को बुलाया गया था। ज्यूरी द्वारा मूल्यांकन के पश्चात सर्वसम्मति से मेसर्स सी.पी. कुकरेजा एंड एसोसिएट प्रायवेट लिमिटेड नई दिल्ली को परियोजना के लिए सलाहकार वास्तुविद नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। इस फर्म के प्रस्तुतीकरण को सर्वश्रेष्ठ पाया गया। कांसेप्ट डिजायन के प्रस्तुतीकरण के मूल्यांकन के लिए गठित ज्यूरी में प्रो. के.टी. रविन्द्रन, स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली तथा चेयरमेन दिल्ली आर्ट कमीशन, श्री एम.एन. बुच (पद्मश्री), पूर्व मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी एवं प्रो. अजय खरे, संचालक, स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर, भोपाल शामिल किए गए।




मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से स्वामी अग्निवेश ने सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री निवास पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश ने मुलाकात की।





वास्तुविद द्वारा तैयार वल्लभ भवन के विस्तार का प्रस्तावित कान्सेप्ट डिजायन।

आदि विद्रोही नाट्य समारोह 2-8 दिसम्बर में

संस्कृति मंत्री श्री शर्मा करेंगे शुभारंभ
स्वाधीनता संग्राम एवं जन-चेतना पर केन्द्रित आदि विद्रोही नाट्य समारोह 2 से 8 दिसम्बर तक रवीन्द्र भवन में शाम 7 बजे से होगा। समारोह का शुभारंभ संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा करेंगे। समारोह का शुभारंभ श्री आलोक चटर्जी द्वारा निर्देशित नाटक 'स्वामी' की प्रस्तुति से होगा। समारोह में 3 दिसम्बर को डॉ. मो.सईद आलम द्वारा निर्देशित 'लाल किले का आखिरी मुशायरा', 4 दिसम्बर को श्री रवि तनेजा द्वारा निर्देशित 'सिकन्दर की जीत', 5 दिसम्बर को श्री दिनेश ठाकुर द्वारा निर्देशित 'जिन लाहौर नहीं देखा', 6 दिसम्बर को श्री संजय उपाध्याय निर्देशित 'माटी गाड़ी', 7 दिसम्बर को श्री एन.के. पंत और श्री बदरूल इस्लाम निर्देशित 'नया कानून-1919 की एक बात', 8 दिसम्बर को श्री लोकेन्द्र त्रिवेदी द्वारा निर्देशित 'बोल कि लब आजाद हैं तेरे' नाटक का मंचन होगा।


रासेयो के पुरस्कारों से प्रदेश का गौरव बढ़ा : श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा

मध्यप्रदेश को सबसे ज्यादा 4 पुरस्कार, उच्च शिक्षा मंत्री से मिले पुरस्कृत स्वयंसेवक
उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा से आज यहाँ भारत सरकार के युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र में दिये जाने वाले सर्वोच्च इंदिरा गांधी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं ने सौजन्य भेंट की। श्री शर्मा ने सभी पुरस्कृतों को बधाई दी।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भारत सरकार ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा किए जा रहे समाज निर्माण के साथ व्यक्तित्व विकास कार्यों को उत्कृष्ट माना है। इससे देश का गौरव बढ़ा है। श्री शर्मा ने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि मध्यप्रदेश को देश में सबसे ज्यादा चार पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा 19 नवंबर को राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में राष्ट्रीय सेवा योजना की मध्यप्रदेश इकाई के स्वयंसेवकों को अन्य प्रदेशों के साथ पुरस्कृत किया गया था। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में प्रदेश के राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवक कु. ममता राणा भोपाल, श्री महेश कनाशे देवी इंदौर, कु. अर्चना घोषी सागर और कु. महेर प्रभा मरकाम जबलपुर शामिल हैं।

पुरस्कृत स्वयंसेवकों ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती निशा दुबे, उच्च शिक्षा सचिव श्री जे.एन. कंसोटिया, आयुक्त उच्च शिक्षा डॉ. वी.एस. निरंजन, उच्च शिक्षा विभाग के डॉ. आर.के. विजय, क्षेत्रीय केन्द्रीय युवा कार्य प्रमुख श्री अशोक श्रोती, समन्वयक बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय डॉ. आनन्द कुमार सक्सेना, मुक्त इकाई संचालक डॉ. राहुल सिंह परिहार से भी सौजन्य भेंट की।

Thursday, November 29, 2012


जिले की 96 साख सहकारी संस्थाओं का निर्वाचन 
तीन चरणों में होंगे चुनाव 
सीहोर | 29-नवम्बर-2012 प्रदेश की प्राथमिक साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन की प्रक्रिया आज 29 नवम्बर से प्रारंभ हो गई है। इसके तहत जिले की 96 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में तीन चरणों में चुनाव सम्पन्न कराए जाएंगे। इस सिलसिले में सहकारिता आयुक्त द्वारा निर्वाचन संबंधी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जारी निर्देशों के मुताबिक सहकारी संस्थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया अलग स्थानों पर तीन चरणों में पूर्ण की जाएगी। इसके तहत संस्थाओं द्वारा निर्वाचन अधिकारियों को सदस्यता सूची प्रदाय करने का कार्य पहले चरण में 29 नवम्बर, दूसरे चरण में 3 दिसम्बर और तीसरे चरण में 6 दिसम्बर,12 को किया जाएगा। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी सदस्यता सूची का प्रकाशन करेंगे। पहले चरण में सूची का प्रकाशन 3 दिसम्बर को, दूसरे चरण में 7 दिसम्बर और तीसरे चरण में 9 दिसम्बर को किया जाएगा। सदस्यों से दावे आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि पहले चरण में 9 दिसम्बर, दूसरे चरण में 13 दिसम्बर और तीसरे चरण में 15 दिसम्बर निर्धारित की गई है। दावे आपत्तियों का निपटारा और अंतिम सदस्यता सूची का प्रकाशन 10 दिसम्बर, 15 दिसम्बर और 16 दिसम्बर को किया जाएगा। आरक्षण विनिश्चय एवं महिला आरक्षण हेतु लाट डालने का कार्य पहले चरण में 14 दिसम्बर को, दूसरे चरण में 18 दिसम्बर को और तीसरे चरण में 21 दिसम्बर को किया जाएगा। आमसभा की सूचना एवं निर्वाचन कार्यक्रम जारी करने का कार्य 17 दिसम्बर, 21 दिसम्बर तथा 24 दिसम्बर को होगा। चुनाव के लिए नियोजन (नामांकन) पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले चरण में 27 दिसम्बर,12 को दूसरे चरण में एक जनवरी तथा तीसरे चरण में 5 जनवरी,2013 को की जाएगी। नियोजन (नामांकन) पत्रों की जांच 28 दिसम्बर, 2 जनवरी और 6 जनवरी को होगी। नामांकन पत्रों की वापसी एवं अंतिम वैध नामांकन पत्रों की सूची का प्रकाशन 29 दिसम्बर, 3 जनवरी, एवं 7 जनवरी को होगा तथा प्रतीक चिन्हों का आबंटन और चुनाव लडने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 30 दिसम्बर, 4 जनवरी और 8 जनवरी को किया जाएगा। आमसभा में मतदान एवं मतगणना का कार्य पहले चरण में 3 जनवरी, दूसरे चरण में 8 जनवरी और तीसरे चरण में 12 जनवरी को होगा। अध्यक्ष / उपाध्यक्ष / प्रतिनिधियों एवं अन्य पदाधिकारियों का चुनाव (संचालक मंडल की प्रथम बैठक) की सूचना 6 जनवरी, 11 जनवरी और 16 जनवरी को जारी की जाएगी तथा चुनाव पहले चरण में 10 जनवरी, दूसरे चरण में 16 जनवरी तथार तीसरे चरण में 19 जनवरी,13 को संपन्न होंगे। 
उपायुक्त सहकारिता श्री अशोक कुमार शुक्ला ने बताया कि कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कवीन्द्र कियावत के मार्गदर्शन में जिले की 96 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांति पूर्ण तरीके से संपन्न कराए जाएंगे। तीन चरणों में होने वाले चुनाव के पहले चरण में 28 संस्थाओं तथा दूसरे एवं तीसरे चरण में 34 - 34 संस्थाओं के चुनाव कराए जाएंगे जिसके लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों को एक दिसम्बर को दोपहर 12 बजे तथा 4 दिसम्बर,12 को दोपहर एक बजे जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सीहोर के सभागृह में प्रशिक्षण दिया जाएगा। 


वृहद लोक अदालत पन्द्रह दिसम्बर को 
सीहोर | 29-नवम्बर-2012 संपूर्ण मध्यप्रदेश में 15 दिसम्बर,12 को वृहद लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर के अध्यक्ष माननीय श्री उल्हास बापट के मार्ग दर्शन में 15 दिसम्बर को जिला न्यायालय परिसर में वृहद लोक अदालत का आयोजन किया गया है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिए गए निर्देशों के मुताबिक सीहोर जिला न्यायालय में 15 दिसम्बर को वृहद लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, भरण पोषण, सहकारिता, राजस्व, चैक बाउंस, व्यवहारवाद,  आपराधिक प्रकरण, राजीनामा योग्य अन्य प्रकरण व प्रीलिटिगेशन प्रकरण (वाद पूर्व सुलह) का निराकरण आपसी सहमति से किया जायगा। 
इस लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के अंतर्गत न्यायालय में लंबित प्रकरणों में  समस्त घरेलू, कृषि, ग्रामीण क्षेत्र के 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू विद्युत उपभोक्ता तथा ग्रामीण क्षेत्र के 10 हार्स पावर तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व में 30 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। छूट के तहत कंपनी ने यह शर्त रखी है कि आरोपी उपयोगकर्ता तथा बिजली उपभोक्ता प्रथम प्रकरण में सिविल दायित्व की राशि का एक मुश्त भुगतान करता है तो सिविल दायित्व में 30 प्रतिशत की छूट का पात्र होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर द्वारा ऐसे सभी पक्षकारों से लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने की अपील की गई है जो आपसी सहमति के आधार पर अपने मामलों का निराकरण कराना चाहते हैं।

आमजन की समस्याओं का हो त्वरित निदान - कमिश्नर 
भोपाल संभागायुक्त का आकस्म्कि निरीक्षण 
सीहोर | 29-नवम्बर-2012 भोपाल संभाग के कमिश्नर श्री प्रवीण गर्ग ने आज कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं का आकस्मिक निरीक्षण कर शासकीय कार्यकलापों का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कमिश्नर श्रीमती उर्मिला शुक्ला, कलेक्टर श्री कवीन्द्र कियावत, एडीएम श्री एस.एस.बघेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कमिश्नर श्री प्रवीण गर्ग ने आज कलेक्ट्रेट की नजूल, भंडार, नकल, लायसेंस, खनिज, रीडर, ओएस आदि शाखाओं का निरीक्षण किया और शाखाओं में किए जा रहे शासकीय कार्यों और गतिविधियों की अधिकारी- कर्मचारियों से जानकारी हासिल की। उन्होंने जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी आदि के संबंध में प्राप्त आवेदनों और इनके निराकरण की जानकारी हासिल कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन के आवेदनों पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए और आवेदनों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कार्यालयीन अभिलेखों सहित जानकारी ’अपडेट’ रखने और अनुपयोगी सामग्री का नियमानुसार डिस्पोजल करने के निर्देश दिए। कमिश्नर श्री गर्ग ने जिले में मंडी तथा साख समितियों के निर्वाचन के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी हासिल की और निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ए.के. बडकुर, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री एस.के.जैन, जिला खनिज अधिकारी श्री एच.पी.सिंह आदि मौजूद थे। 

श्री लालकृष्ण आडवाणी द्वारा 432 करोड़ की नर्मदा-क्षिप्रा सिंहस्थ लिंक परियोजना का भूमि-पूजन
क्षिप्रा नदी के उद्गम-स्थल पर बनेगा माँ नर्मदा और क्षिप्रा का भव्य मंदिर, क्षिप्रा टेकरी तीर्थ-स्थली के रूप में विकसित होगी, मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा घोषणा

 
पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी ने आज इंदौर से लगभग 22 किलोमीटर दूर उज्जैनी ग्राम में क्षिप्रा नदी के उद्गम-स्थल क्षिप्रा टेकरी में नर्मदा और क्षिप्रा नदी के मिलन की 432 करोड़ रुपये की नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना के लिए भूमि-पूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्षिप्रा के उद्गम-स्थल क्षिप्रा टेकरी पर माँ नर्मदा और क्षिप्रा का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की। श्री चौहान ने कहा कि इस स्थल को तीर्थ-स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा और इसे संगम-स्थल के रूप में जाना जाएगा।
श्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि नदियों को जोड़ने की यह अद्भुत योजना है। योजना से मात्र दो नदियाँ ही नहीं बल्कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनेक महत्वपूर्ण और पवित्र नदियों का मिलन भी होगा। उन्होंने बताया कि नदियों को जोड़ने तथा इनका जाल पूरे देशभर में बुनने का सपना पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी ने देखा था। श्री वाजपेयी के स्वप्न को साकार होता देख उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि नदियों के आपस में जुड़ने से अति वृष्टि के समय बाढ़ का खतरा कम होगा तथा अल्प वर्षा में देश को सूखे की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
श्री आडवाणी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने की इस योजना की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि परियोजना के प्रथम चरण का कार्य एक वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य महत्वपूर्ण है। श्री आडवाणी ने कहा कि आज का दिन मेरे लिये अति महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय है क्योंकि मुझे मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के उद्गम-स्थल के दर्शन का सुअवसर मिला है। उन्होंने कहा कि आज मालवा अंचल के निवासियों के लिये भी ऐतिहासिक दिन है क्योंकि योजना के पूर्ण होने पर उनके जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन होना स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि इस योजना के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वप्न को साकार करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि परियोजना के प्रथम चरण को एक वर्ष के रिकार्ड समय में पूरा किया जाएगा। यह योजना मध्यप्रदेश, विशेषकर मालवा क्षेत्र में नयी खुशहाली लाएगी, मालवा को नया जीवन मिलेगा तथा यहाँ के निवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आएगा। श्री चौहान ने क्षिप्रा के उद्गम-स्थल क्षिप्रा टेकरी पर माँ नर्मदा और क्षिप्रा मैय्या का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की। श्री चौहान ने कहा कि इस स्थल को तीर्थ-स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा और इसे संगम-स्थल के रूप में जाना जाएगा।
प्रारंभ में श्री लालकृष्ण आडवाणी तथा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने एक साथ नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना का भूमि-पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया।
समारोह में नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री श्री कन्हैया लाल अग्रवाल, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री महेन्द्र हार्डिया, सांसद श्री प्रभात झा, सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन, पूर्व सांसद श्री थावरचंद गेहलोत, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री गोविंद मालू, इंदौर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश परसावदिया, क्षेत्रीय विधायक श्री जीतू जिराती सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, मीडियाकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना
ओंकारेश्वर सिंचाई परियोजना के तहत निर्मित बांध के बाँयें तट पर ओंकारेश्वर नहर निकलती है, जिसमें 85 क्यूमेक जल उपलब्ध है। दायीं तट नहर के जंक्शन स्थल से परियोजना के चरण 2 एवं 3 के लिये कुल 50 क्यूमेक जल की आवश्यकता है। शेष 35 क्यूमेक में से 15 क्यूमेक जल ओंकारेश्वर उद्वहन नहर के चरण 4 के लिये सिलसिया तालाब में डाला जाना प्रस्तावित है, जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर है। नहर के लिये जल के उपयोग उपरांत 20 क्यूमेक जल शेष रहेगा। इस 20 क्यूमेक में से 5 क्यूमेक जल को उद्वहन कर सिलसिया तालाब से जिला इंदौर के उज्जैनी ग्राम के समीप जिजलावंती नाले में डाला जाना प्रस्तावित है। यह नाला तकरीबन 15 कि.मी. उपरांत क्षिप्रा नदी में मिलता है। इस प्रकार यहाँ से नर्मदा का जल क्षिप्रा में प्रवाहित होकर उज्जैन तक पहुँचेगा। आरम्भिक अनुमानों के अनुसार लगभग 49 कि.मी. की दूरी एवं 348 मीटर ऊँचाई तक जल का उद्वहन किया जायेगा। इसके लिये चार स्थलं पर जल उद्वहन के विद्युत पम्पों की स्थापना की जायेगी। सम्पूर्ण योजना की प्रशासकीय स्वीकृति 432 करोड़ रूपये की है। परियोजना के तहत सिसलिया तालाब से जल उद्वहन कर इन्दौर जिले के उज्जैनी ग्राम के निकट क्षिप्रा उद्गम तक ले जाने के पूर्व एक आकर्षक कुण्ड में छोड़ा जायेगा। प्रस्तावित 10 गुणित 15 मीटर चौड़ाई और लगभग ढाई मीटर गहरे इस कुण्ड से दस किलोमीटर लंबी पक्की नहर से होकर नर्मदा जल क्षिप्रा उद्गम तक पहुँचेगा। कुण्ड और क्षिप्रा उद्गम तक की नहर के भाग को आकर्षक स्वरूप दिया जायेगा।
प्रथम चरण में ओंकारेश्वर परियोजना सिसलिया तालाब से नर्मदा जल का क्षिप्रा में प्रवाह होगा तथा आगामी चरणों में महेश्वर से नर्मदा जल उद्वहन कर गम्भीर नदी मेंए इंदिरा सागर जलाशय से नर्मदा जल उद्वहन कर कालीसिंध और पार्वती नदियों में प्रवाह किया जायेगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण हो जाने पर मालवा क्षेत्र में 17 लाख एकड़ में सिंचाई सुलभ होगी। वर्षों से पीने के पानी की समस्या से जूझते मालवा क्षेत्र की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान होगा। मालवा की नदियों में प्रवाहित होता नर्मदा का जल 70 कस्बों और 3000 गाँवों की प्यास बुझायेगा। नर्मदा जल की उपलब्धता से मालवांचल में औद्योगिक विकास की गति तेज होगी। वर्तमान और भावी सैकड़ों उद्योगों को जल उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना का एक उल्लेखनीय लाभ यह होगा कि प्रत्येक 12 वर्ष में उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान और अन्य जल आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकेगी।
साथ ही उज्जैन नगर की वर्तमान और भावी जल आवश्यकता की पूर्ति करेगा। इस जल से देवास नगर की वर्तमान और भावी पेयजल आवश्यकता की पूर्ति होगी।
नर्मदा का जल क्षिप्रा में प्रवाहमान होने से क्षेत्र का भू-जल स्तर नीचे जाने से रूकेगा और रिचार्ज होकर भू-जल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी। इससे क्षेत्र के कुआंे, ट्यूबवेल्स और सूखे तालाब रिचार्ज होंगे। कुओं का जल-स्तर ऊपर आ जाने से पानी निकालने में बिजली की खपत कम होगी।
नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना के मुख्य बिन्दु
1.
उद्वहन द्वारा जल की मात्रा: 5.0 क्यूमेक
2.
(अ) राइजिंग मेन की कुल लम्बाई: 49.00 कि.मी.
3.
(ब) राइजिंग मेन की सड़क के समानांतर लम्बाई: 28.00 कि.मी
4.

(स) (1) वन क्षेत्र में से जाने वाली राइजिंग मेन की लंबाई
: 5.50 कि.मी
(2)वन क्षेत्र में से जाने वाली सुरंग की लम्बाई
: 4.50 कि.मी
5.
सिसलिया तालाब की समुद्र तल से ऊँचाई: 228.00 मी.
6.
ग्राम उज्जैनी के निकट जिजलावंती नाला की समुद्र तल से ऊँचाई: 576.00 मी.
7.
उद्वहन की कुल ऊँचाई: 348.00 मी.
8.
राइजिंग मेन के पाइप का व्यास: 2.00 मी. (एक पक्ति में)
9.
विद्युत मोटर पम्पस्: 3 नग (3000 कि.वाट प्रत्येक)
10. 
भू-अर्जन (अ) वन क्षेत्र: 5.00 हेक्टेयर
(ब) निजी भूमि: 70.00 हेक्टेयर
11.
विद्युत मोटर पम्पस् को स्थित करने का स्थान
(
Booster Places)
: प्रथम –सिसलियातालाब
  द्वितीय-ग्राम गवालू

  तृतीय-ग्राम बाई
12.
योजना की कुल लागतरुपये 432 करोड़

मध्यप्रदेश में पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ और बुजुर्ग पत्रकारों के लिये श्रद्धा-निधि योजना को मंजूरी

नियम तथा योजना जारी, आवेदन की अंतिम तिथि 29 दिसम्बर
राज्य शासन ने मध्यप्रदेश में पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ और बुजुर्ग पत्रकारों के लिये श्रद्धा-निधि योजना को स्वीकृति दी है। शासन ने श्रद्धा-निधि के लिये नियम, शर्तें तथा योजना को भी जारी किया है। श्रद्धा-निधि के लिये निर्धारित प्रपत्र में आवेदन 29 दिसम्बर, 2012 तक जनसंपर्क संचालनालय के पत्रकार कल्याण विभाग में जमा किये जा सकते हैं। आवेदन का निर्धारित प्रारूप जनसंपर्क संचालनालय की वेबसाइट www.mpinfo.org  पर उपलब्ध है।

श्रद्धा-निधि के नियम एवं शर्तें

श्रद्धा-निधि ऐसे पूर्णकालिक अधिमान्य पत्रकार को प्रदान की जायेगी, जो किसी दैनिक/साप्ताहिक समाचार-पत्र में कम से कम से कम बीस वर्ष तक सवैतनिक कार्य करते रहे हों और उनकी आयु एक जुलाई, 2012 की स्थिति में 62 वर्ष हो। उन्हें प्रतिमाह 5 हजार रुपये श्रद्धा-निधि के रूप में देने का निर्णय लिया गया है। श्रद्धा-निधि प्रारंभ में 5 वर्ष के लिये दी जायेगी।

योजना के अनुसार श्रद्धा-निधि केवल उन पत्रकारों को दी जायेगी, जिन्हें राज्य शासन से कोई अन्य नियमित सहायता प्राप्त नहीं हो रही हो। अधिमान्य पत्रकार को यह शपथ-पत्र देना होगा कि वह आयकर दाता की श्रेणी में नहीं आता। यह पात्रता उन अधिमान्य पत्रकारों को होगी, जो जनसंपर्क संचालनालय मध्यप्रदेश से कम से कम 10 वर्ष अधिमान्य रहे हों। एक पत्रकार को प्रतिमाह 5 हजार रुपये तक श्रद्धा-निधि की पात्रता होगी।

इसी प्रकार अधिमान्य पत्रकार को बैंक में बचत-खाता खुलवाना होगा, जिससे उनके बैंक खाते में राशि जमा की जा सके। इसके लिये पत्रकार को आवश्यक प्रमाण-पत्र वर्ष में एक बार प्रस्तुत करना होगा, जिससे उनके बैंक खातों में प्रतिमाह श्रद्धा-निधि जमा की जा सके। अधिमान्य पत्रकार पर किसी प्रकार का कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं होना चाहिये। श्रद्धा-निधि स्वीकृति के संबंध में एक उच्च-स्तरीय 5 सदस्यीय निर्णायक मण्डल का गठन होगा, जो प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएँ देगा। निर्णायक मण्डल की अनुशंसा शासन के लिये मान्य करना बंधनकारी नहीं होगा।

श्रद्धा-निधि की पात्रता स्वीकृति के बाद किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। यदि लाभार्थी का आचरण पत्रकारिता के मान्य सिद्धांतों, मानदण्डों के विपरीत पाया जाता है या उनके विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज होता है, तो पात्रता समाप्त की जा सकेगी। श्रद्धा-निधि स्वीकृति के 5 वर्ष पश्चात प्रकरणवार समीक्षा भी की जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरू नानक जयंती पर गुरूद्वारा नानकसर में मत्था टेका।





राज्यपाल श्री रामनरेश यादव ने गुरू नानक जयंती पर

हमीदिया रोड स्थित गुरूद्वारा नानकसर में गुरू ग्रंथ

साहब को मत्था टेका और श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।


Tuesday, November 27, 2012

मध्यप्रदेश के सभी टाईगर रिजर्व के बफर जोन की अधिसूचना जारी
वनों के पास से गुजरने वाली विद्युत लाइनों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान, मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में वन्य-प्राणी बोर्ड की बैठक


 
मध्यप्रदेश में स्थित सभी छह टाइगर रिजर्व के बफर जोन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। वन्य-प्राणियों की सुरक्षा के मद्देनजर वनों के आस-पास से गुजरने वाली विद्युत लाइनों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहाँ संपन्न राज्य वन्य-प्राणी बोर्ड की बैठक में दी गयी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि वन्य-प्राणियों के संरक्षण तथा वन क्षेत्र से जुड़े ग्रामों में विकास के बीच संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाये। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में आने वाले ग्रामों के रहवासियों की समस्याओं के समुचित निराकरण के प्रयास किये जाये।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में घोषित कोर एवं बफर क्षेत्रों के एकीकृत प्रशासनिक नियंत्रण से टाइगर रिजर्व में वन्य-प्राणियों के प्रबंधन और सुरक्षा के प्रयास बेहतर ढंग से किये जा सकेंगे। बताया गया कि प्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों में स्थित गाँवों के पुनर्वास की योजना तैयार की गयी है। इस योजना में संरक्षित क्षेत्र के 730 ग्राम में से 192 ग्राम को वहीं पर इन्क्लेव के रूप में रखा जायेगा। इसके अलावा 426 ग्राम को संरक्षित क्षेत्र की सीमाओं से बाहर किया जायेगा। इस तरह कुल 112 गाँव का वास्तविक रूप से पुनर्वास किया जायेगा, इनमें से 3 ग्राम का पुनर्वास किया जा चुका है। शेष 109 ग्राम में से टाइगर रिजर्व के अंतर्गत 85 तथा अन्य राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के अंतर्गत 24 ग्राम स्थित है। इन ग्रामों में रहने वाले प्रति परिवार औसत 3 इकाई मानते हुए प्रति इकाई 10 लाख रूपये दिया जाना प्रस्तावित है। इसमें टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के लिये राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा तथा राष्ट्रीय उद्यानों तथा अभयारण्यों के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के लिये राज्य सरकार द्वारा राशि उपलब्ध करवायी जायेगी।
बैठक में बैहर-चिल्पी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 26 के कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले खण्ड के चौड़ीकरण, सोन घड़ियाल अभयारण्य के अंतर्गत बरही-हनुमना राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 52 के अंतर्गत दो लेन निर्माण, सोन चिड़िया अभयारण्य घाटीगांव की सीमा से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले मार्ग, माधव राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 पर फोर लेन, बोरी अभयारण्य होशंगाबाद की सीमा से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 69 में निर्माण, रातापानी अभयारण्य ओबेदुल्लागंज की दक्षिणी सीमा से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले मार्ग, बोरी अभयारण्य होशंगाबाद और नरसिंहगढ़ अभयारण्य राजगढ़ की सीमा से 10 किलोमीटर की परिधि में नेचुरल गैस पाईप लाईन, राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मुरैना के अंतर्गत ग्वालियर-जयपुर पारेषण लाईन निर्माण, संजय दुबरी अभयारण्य के अंतर्गत कंचनपुर में रेलवे स्टेशन निर्माण तथा राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के अंतर्गत उमेद घाट पर पुल निर्माण के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में वन मंत्री श्री सरताज सिंह, वन राज्य मंत्री श्री जयसिंह मरावी, वन्य-प्राणी बोर्ड के सदस्य तथा मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


गुरू नानक जयंती की बधाई


 
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने गुरू नानक जयंती पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने गुरू नानक जयंती की बधाइयाँ देते हुए प्रदेश की सुख, समृद्धि और प्रगति के लिये प्रार्थना की।
श्री चौहान ने नागरिकों से कहा है कि गुरू नानक देव के दर्शन से प्रेरणा लेकर मानवता की सेवा और सबके कल्याण की भावना के साथ सामाजिक सद्भाव एवं समरसता के लिए सदप्रयास करते रहें।
श्री चौहान ने कहा है कि गुरू नानक देव की शिक्षाएँ सम्पूर्ण मानवता की सेवा और उत्थान के लिए हैं। उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव की पवित्र वाणी मानवता की सेवा करने और अन्याय, अत्याचार एवं दुराचरण के विरूद्ध लड़ने की प्रेरणा देती है।


राज्यपाल श्री रामनरेश यादव से राजभवन में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सौजन्य भेंट की।

माता-पिता का भरण-पोषण नहीं करने वाले को मिलेगी सजा
बच्चों की पढ़ाई की गारंटी शासन लेगा, सबसे गरीब व्यक्ति का सरकार पर पहला हक, मुख्यमंत्री श्री चौहान स्वर्गीय नायक के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हुए शामिल

 
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति को खुशहाल बनाना सरकार का पहला कार्य है। उन्होंने कहा प्रदेश ने प्रगति के नये सोपान तय किये हैं, लेकिन अभी और भी कार्य किये जाने हैं, जिसे हर हाल में पूरा करेंगे। श्री चौहान आज नयाखेरा, पृथ्वीपुर (टीकमगढ़) में स्व. श्री सुनील नायक की श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
माता-पिता का भरण-पोषण नहीं करने वाले को मिलेगी सजा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जो लोग समर्थ होते हुए भी अपने बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण नहीं करेंगे, उन्हें जेल भी जाना होगा। उन्होंने कहा ऐसे बुजुर्ग, जिनके बच्चे समर्थ नहीं हैं, उनको वे श्रवण बनकर तीर्थ करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इसी प्रकार गरीब, बेसहारा, पिछड़े एवं समाज के कमजोर वर्ग की भलाई के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
वान सुनारा से समृद्ध होगा क्षेत्र
श्री चौहान ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के हित में अनेक योजनाएँ संचालित की हैं। उन्होंने कहा कि किसान को यदि पानी मिल जाये तो वह अपना कार्य स्वयं कर लेगा। इसलिये सिंचाई क्षमताओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वान सुनारा परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में आशातीत वृद्धि होगी और क्षेत्र समृद्ध होगा।
बच्चों की पढ़ाई की गारंटी शासन लेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेधावी बच्चों की पढ़ाई के लिये अब शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का तकनीकी शिक्षा हेतु चयन होता है और जो उच्च अध्ययन करना चाहते हैं, उन्हें शिक्षा ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेगा। ऋण की गारंटी भी शासन लेगा।
स्वर्गीय नायक के सपने को पूरा करेंगे
श्री चौहान ने स्व. श्री सुनील नायक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके सपने को हम पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि श्री नायक ने क्षेत्र के विकास का जो सपना बुना था, उसे पूरा करना अब उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि श्री नायक का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयंत मलैया, कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, आदिम-जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री हरिशंकर खटीक, सांसद डॉ. वीरेन्द्र कुमार, विधायक श्री अजय यादव, श्रीमती अनीता नायक, श्री जगदीश शरण नायक, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित थे।
वर्ल्ड बैंक की टीम ने यंत्रदूत भोपाल जिले के ग्राम अमरावतकलाँ के कृषकों के साथ खेतो का निरीक्षण किया।



स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस ने अध्यापकों के प्रतिनिधि मंडल से भेंट की। इस अवसर पर अध्यापक संवर्ग की सेवा शर्तों के संबंध में सकारात्मक चर्चा हुई। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे





अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री हरिशंकर खटीक ने पिछले दिनों टीकमगढ जिले के बलदेव गढ़ में आयोजित अंत्योदय मेले को संबोधित कर जरूरतमंद हितग्राहियों को सरकारी योजना की राशि का वितरण किया


राज्यपाल श्री रामनरेश यादव ने अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेले के समापन समारोह में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया

संयुक्त वन प्रबंध समितियों के राज्य स्तरीय खेल आज से भोपाल में शुरू हुए। इन खेलों में 70 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। 


Monday, November 26, 2012



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इज्तिमा-स्थल का भ्रमण कर धर्म-गुरूओं से भेंट की
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्रह्माकुमारीज शिक्षा सेवा प्रभाग की मूल्य शिक्षा जागृति शोभायात्रा का शुभारंभ किया।

मनरेगा अब सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक’ पर
मनरेगा की मध्यप्रदेश संबंधी जानकारी अब सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर भी उपलब्ध है। फेसबुक पर योजना के क्रियान्वयन संबंधी सूचनाएँ, फोटोग्राफ्स, सफलता की कहानी और नवीन निर्देशों को निरंतर अपलोड किया जा रहा है। इससे आमजन भी मध्यप्रदेश में मनरेगा के क्रियान्वयन संबंधी जानकारियों से निरंतर अवगत होकर लाभ उठा सकेंगे। फेसबुक यूजर nregaMP पर जाकर जानकारियाँ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे लोग जिनका अकाउंट फेसबुक पर नहीं है www.facebook.com/nrega.mp पर जाकर जानकारियाँ हासिल कर सकते हैं।

Sunday, November 25, 2012


ख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री पवैया के निवास पर पहुँचकर शोक-संवेदना व्यक्त की

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्री जयभान सिंह पवैया के पुत्र के असामयिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। शनिवार को यह दुखद सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री चौहान ग्वालियर पहुँचे। उन्होंने वहाँ श्री पवैया के निवास पर पहुँचकर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवार को ढाँढस बँधाया।

ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री अनूप मिश्रा, उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, राज्य सभा सांसद श्री प्रभात झा, सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया और सांसद श्री अशोक अर्गल, राज्यसभा सांसद श्री कप्तान सिंह सोलंकी, निर्धन वर्ग कल्याण आयोग अध्यक्ष श्री बालेन्दु शुक्ल, श्री अरविंद मेनन, पूर्व मंत्री श्री ध्यानेन्द्र सिंह, विधायक श्री गोविंद सिंह, स्थानीय जन प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी शोक संवेदना व्यक्त करने पहुँचे।

श्री पवैया के 25 वर्षीय पुत्र चित्रादित्य सिंह उर्फ मनु का आज बिजली का करंट लगने से निधन हो गया। अपरान्ह में लक्ष्मीगंज स्थित मुक्ति धाम में स्वर्गीय चित्रादित्य का अंतिम संस्कार हुआ।
अन्तर्राष्ट्रीय हर्बल मेला-2012 के तीसरे दिन चित्रकला प्रतियोगिता में स्कूल-कॉलेजों के करीब 27 सौ विद्यार्थियों ने भाग लिया ।
संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने उज्जैन में महाकाल की पूजा-अर्चना की।
वन मंत्री श्री सरताज सिंह से अन्तर्राष्ट्रीय हर्बल मेले में शिरकत कर रहे फ्रांस-इंग्लैंड के प्रतिनिधियों ने भेंट 

Saturday, November 24, 2012

मुख्यमंत्री निवास पर आज स्वामी अवधेशानंद जी गिरी महाराज के आगमन पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एंव श्रीमती साधना सिंह चौहान ने स्वागत किया। 

कार्पोरेट-सोशल रेसपांसिबिलिटी नीति बनेगी

महिला-बाल विकास विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री श्री चौहान



मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि कार्पोरेट सोशल रेसपांसिबिलिटी नीति बनायी जाये। उन्होने प्रदेश में कुपोषण की रोकथाम के लिये एकीकृत योजना बनाने को भी कहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती रंजना बघेल और मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कार्पोरेट-सोशल रेसपांसिबिलिटी नीति के तहत सामाजिक विकास के लिये काम करने के इच्छुक उद्योग समूह सहायता कर सकेंगे। उन्होने कहा कि कुपोषण की रोकथाम के लिये समुदाय आधारित प्रबंधन की एकीकृत योजना बनायी जाये। कुपोषण की रोकथाम के लिये दिये जाने वाले विशेष पोषण आहार की प्रति हितग्राही प्रतिदिन राशि चार रूपये से बढ़ाकर छह रूपये करने केंद्र शासन के निर्णय के संबंध में कहा कि इसे सभी 50 जिलों में एक साथ लागू करने के बारे में केंद्र को पत्र लिखा जाये। बैठक में बताया गया कि अभी यह निर्णय प्रथम चरण में प्रदेश के केवल 30 जिलों लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फुटपाथ पर रहने वाले तथा कचरा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिये विशेष योजना बनाये।उन्होने सिर्फ बेटी वाले माता-पिताओं के जिलों में गठित क्लबों के सम्मेलन के आयोजन और सभी शासकीय कार्यक्रमों में बेटियों का सम्मान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को समय से मानदेय प्राप्ति की ऑनलाईन व्यवस्था कर उसकी लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। श्री चौहान ने बालिकाओं के रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को भी कहा।

बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना का क्रियान्वयन अब राष्ट्रीयकृत बैंको के माध्यम से करवाने की योजना बनायी जा रही है। विशेष पोषण आहार के कार्यक्रम से प्रदेश में 80 लाख हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। कौशल उन्नयन कार्यक्रम के जरिये प्रदेश के 15 जिलों में 10 हजार बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। लाड़ली लक्ष्मी योजना और एकीकृत बाल विकास सेवा योजना की पोषण आहार व्यवस्था को लोक सेवा गारंटी शामिल में किया गया है। सांझा चूल्हा कार्यक्रम प्रदेश की 70 हजार 285 आँगनवाड़ी में चलाया जा रहा है।

बैठक में प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री बी.आर.नायडू, आयुक्त महिला-बाल विकास श्री मनोहर अगनानी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री हरिरंजन राव और सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी भी मौजूद थे।


हिन्दु उत्सव समिति चुनाव तिथि में संशोधन 
हिन्दु उत्सव समिति के चुनाव कार्यक्रम में संशोधन किया गया है पूर्व में यह 27 नवंबर को होना था किन्तु अब यह 25-12-12 को होंगे । अपरिहार्य कारणों से हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष पद के चुनाव अब दिनांक 25 दिस बर12 को होंगे । जिन्हों ने पर्चे दाखिल कर दिये हैं उन्हें दोबारा पर्चे (फार्म) नहीं भरना है । शेष मे बर्स अपने पर्चे रतलाम स्वीट्स कोतवाली चौराहा पर निर्धारित निर्धारित शुल्क अदा कर पर्चा दाखिल कर सकते हैं । नाम वापसी की अंतिम तिथि 20-12-12 प्रात: 11 से 4 तक रहेगी । एवं पर्ची दाखिल करने की अंतिम तिथि 18-12-12 प्रात: 11 से 5 रहेगी । जो भी सज्जन हिन्दू उत्सव समिति का मे बर है अथवा होना चाहता है उसे निर्धारित शुल्क रतलामी स्वीट्स पर जमा करना होगा केवल नये सदस्य  ही सदस्यता शुल्क जमा करेंगे। दिनांक 16-12-12 तक सदस्यता ग्रहण कर अध्यक्ष पद पर खड़े हो सकते हैं एवं वोट डाल सकते हैं । वोट डालने एवं पद पर खड़े होने का अधिकार नयं एवं पुराने सभी मे बर्स को होगा । अंतिम मे बर्स सूची का प्रकाशन दिनांक 15-12-12 को किया जायेगा जिसे रतलामी स्वीट्स पर देखा जा सकता है । पुराने मे बर्स से सदस्यता शुल्क नहीं लिया जायेगा । नियम एवं शर्तें दिनांक 10-12-12 से अवलोकनार्थ रतलामी पर रहेंगी एवं सदस्यता सूची भी । 

संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आज सांची में तीन दिवसीय महाबोधि महोत्सव का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
नगरीय प्रशासन मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने जन परिषद के 23वें वार्षिक समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवा करने वालों लोगों को शाल, प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। 

संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने सांची में तीन दिवसीय महाबोधि महोत्सव का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।


संस्‍कार विद्या मंदिर में बाल मेले का आयोजन किया गया

Friday, November 23, 2012


महाविद्यालयों में कौशल उन्नयन की भी शिक्षा दी जाएगी
गुणवत्ता रेटिंग की व्यवस्था के निर्देश, मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा
युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिये प्रदेश के महाविद्यालयों में पाठ्यक्रमों के साथ कौशल उन्नयन के प्रशिक्षण कोर्स भी प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता की रेटिंग की व्यवस्था करने तथा प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक सकांय को उत्कृष्ट बनाये जाने की कार्य-योजना को क्रियान्वित करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री आज यहाँ उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा और मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम भी उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि महाविद्यालयों में कौशल उन्नयन के लिए 110 महाविद्यालय का चयन किया गया है। मध्यप्रदेश व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के सहयोग से इन महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का कौशल उन्नयन किया जाएगा। विश्वविद्यालयों में संकायों को उत्कृष्ट बनाने की कार्य-योजना में भोपाल विश्वविद्यालय में बायोटेक/बायो-इन्फार्मेटिक्स, जबलपुर विश्वविद्यालय में लाईफ सांइसेस, उज्जैन में फार्मेसी, ग्वालियर में प्रबंधन, इंदौर में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और रीवा विश्वविद्यालय में इन्वायरमेंटल बॉयलाजी संकाय को शामिल किया जाएगा।

श्री चौहान ने आगामी दिनों में प्रस्तावित हिन्दी विश्वविद्यालय के भवन के शिलान्यास अवसर पर हिन्दी सम्मेलन के आयोजन के निर्देश दिये। सम्मेलन में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के हिन्दी के विद्वान शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने अशासकीय महाविद्यालय में भी गाँव की बेटी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये। नये महाविद्यालय खोलने के लिए समय-सीमा में कार्यवाही के निर्देश दिये ताकि शिक्षा सत्र के साथ ही महाविद्यालय प्रारंभ हो जाए।

बैठक में बताया गया कि 100 महाविद्यालय में स्मार्ट क्लास की योजना प्रारंभ कर दी गई है। उच्च शिक्षा कोष के गठन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर ली जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अन्तर्गत नेसकाम के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण की योजना में 50 महाविद्यालय को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति के निर्देश दिये। भर्ती नियमों में अपेक्षित संशोधन शीघ्र करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।




उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश दिवस का शुभारंभ किया



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वामी अवधेशानंद जी से सपत्नीक भेंट की। 



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूल शिक्षा विभाग की त्रैमासिक समीक्षा की। 



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वामी अवधेशानंद जी से सपत्नीक भेंट की। 

Thursday, November 22, 2012


भाजपा जिला अध्यक्ष का स्वागत 
रघुनाथ भाटी के पुन: भाजपा जिला अध्यक्ष बनने पर सतीश राठौर के निवास पर स्वागत किया गया इस अवसर पर पर्यवेक्षक रामपाल सिंह,  बीडीए अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ सिंह, वन विकास निगम अध्यक्ष गुरूप्रसाद शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान भी उपथित थे । स्वागत करने वालों में भाजयुमो जिला अध्यक्ष प्रिंस राठौर, दिलीप राठौर, सतीश यादव, ललित त्यागी, शैलेन्द्र परमार, संजय राठौर, जित्तू राठौर, मोहन पहलवान, बिट्टू पाराशर आदि प्रमुख हैं।


Wednesday, November 21, 2012


23 नवम्बर को ख्वातीन मुशायरा

इक़बाल समारोह 22-23 नवम्बर को
‘सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्ताँ हमारा ’ के रचियता अल्लामा इक़बाल के 135 वें जन्म वर्ष पर 22 एवं 23 नवम्बर को मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन में इक़बाल समारोह होगा। समारोह में 23 नवम्बर को शाम 7 बजे ख्वातीन (महिलाओं) का मुशायरा मुख्य आकर्षण होगा। ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि किसी मुशायरे में कलाम सुनाने वाली सभी शायरात हो।

साहित्य अकादमी के निदेशक प्रो. त्रिभुवननाथ शुक्ल ने बताया कि मुशायरे में देश की प्रख्यात शायरा अंजुम रहबर विशेष अतिथि होंगी। मुशायरे में नुसरत मेहदी, मुमताज़ सिद्दीकी, परवीन सबा, डॉ. अर्जुमन्द बानो ‘अफ्शाँ’, सबीहा असर शाइस्ता जमाल, सुमन सोलंकी, डॉ. आयशा अली के अलावा ग्वालियर की राना ज़ेबा और रश्मि सबा, जबलपुर की अनीता तमन्ना और धार की अनीता मुकाती अपना कलाम पेश करेंगी। मुशायरे में सभी शायरात अल्लामा इक़बाल पर भी कलाम सुनायेंगे।

पहले दिन 22 नवम्बर को सुबह 11 बजे अल्लामा इक़बाल के अशआर पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता में कक्षा 5 से 12 तक के तथा महाविद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। इसी दिन 3 बजे अंर्तमहाविद्यालयीन बेतबाज़ी (शेर-ओ‘शायरी की अंताक्षरी) होगी, जिसमें एक महाविद्यालय से 3 विद्यार्थियों की टीम भाग ले सकेगी। चित्रकला एवं बेतबाज़ी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए टेलीफोन नम्बर 0755-2767749 अथवा 9009685900 पर या सीधे अकादमी कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।

Tuesday, November 20, 2012


श्री कामता प्रसाद जी कटारे का निधन
सीहोर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलेश कटारे के पिताश्री कामता प्रसाद जी का निधन सोमवार की रात हो गया। आप भोपाल के चिराऊ अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार की सुबह सवा दस बजे उनका अंतिम संस्कार निकटवर्ती ग्राम सेमली में होगा। श्री कामताप्रसाद कटारे के निधन पर विधायक रमेश सक्सेना, नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार, वरिष्ठ पत्रकार अंबादत्त भारतीय, रामनारायण ताम्रकार, रघुवर दयाल गोहिया, बसंत दासवानी, दिनकर कद्रे, पंडित शैलेष तिवारी, पंकज पुरोहित सुबीर, श्रवण मावई, संजय धीमान, विनीत दुबे, सुनील शर्मा अमित कुईया, आनंद गांधी आदि ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए है। 


ओवर हेड टैंक हादसे की तकनीकी जाँच होगी

राज्य सरकार द्वारा चार सदस्यीय समिति गठित
राजधानी के साईबाबा नगर में 18 तथा 19 नवंबर की दरम्यानी रात में हुई ओवर हेड टैंक दुर्घटना की तकनीकी जाँच प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति करेगी । राज्य सरकार द्वारा गठित इस समिति में मुख्य अभियंता, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल और मुख्य अभियंता चम्बल-बेतवा कछार, जल संसाधन, भोपाल शामिल रहेंगे । समिति के लिए जाँच के बिंदु/विषय होंगे -

घटना/हादसे के क्या-क्या कारण हैं ?
इस प्रकार के हादसों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए क्या-क्या सावधानियाँ रखनी आवश्यक हैं?
पेयजल परियोजनाओं के अंतर्गत निर्मित ओवर हेड टैंकों के इर्द-गिर्द कितनी दूरी तक रिहायशी अथवा अन्य बसाहटें नहीं होनी चाहिए ?
जाँच समिति हादसे के कारणों की जाँच के साथ-साथ पेयजल परियोजनाओं के अंतर्गत ओवर हेड टैंकों के निर्माण के समय पर्यवेक्षण, निर्माण के बाद रख-रखाव तथा सामान्य आयु पूरी होने पर रखी जाने वाली आवश्यक सावधानियाँ तथा निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण के लिए मार्गदर्शिका भी प्रस्तुत करेगी।
जाँच समिति इन विषयों/बिंदुओं पर अपना प्रतिवेदन 30 दिवस में शासन के समक्ष प्रस्तुत करेगी।


भोपाल गैस त्रासदी की 28वीं बरसी पर स्मृति सभा 3 दिसम्बर
भोपाल गैस त्रासदी की 28वीं बरसी पर 3 दिसम्बर 2012 को स्मृति सभा का आयोजन होगा। सेन्ट्रल लायब्रेरी परिसर स्थित बरकतउल्ला भवन में प्रातः 10.30 बजे होने वाले इस आयोजन में कार्यक्रम के अतिथि एवं उपस्थित जन त्रासदी में दिवंगत हुए लोगों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के धर्म-गुरूओं की सभा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए पाठ भी किया जाएगा। यह जानकारी श्री एम.के. वार्ष्णेय, आयुक्त, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास की अध्यक्षता में आज यहाँ बैठक में दी गयी। श्री वार्ष्णेय ने स्मृति सभा की सभी व्यवस्थाएँ कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप करने के निर्देश दिए। बैठक में उप सचिव भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास श्री के.के. दुबे तथा सी.पी.ए., नगर निगम, पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के अलावा गैस राहत अस्पतालों के अधीक्षक आदि उपस्थित थे।

Monday, November 19, 2012


मुख्यमंत्री के तेवरों को देखकर अधिकारियों 
ने देखी सड़को की असलियत

षाहगंज - मुख्यमंत्री षिवराजसिंह चैहान के तीन दिवसीय गृह ग्राम जैत प्रवास के दौरान अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में सख्त तेवरों को देखकर रविवार को अलसुबह से बुदनी तहसील के दो दर्जन से अधिक गांवों की असलियत को स्वंय  कलेक्टर कविन्द्र कियावत एवं सभी सड़क बनाने वाली संबधित ऐजेंसियों के प्रमुख अधिकारियों ने जाकर देखा । कलेक्टर कविन्द्र कियावत ने स्थानीय पत्रकारों से चर्चा करते हुऐ बताया कि सभी सड़को को दुरूस्त एवं पूर्ण करने की समय सीमा 31 दिसम्बर तय की गई है । श्री किवायत ने बताया कि सड़को की गुणवत्ता पर पूर्ण ध्यान दिया जा रहा है । सड़को को ठीक करने की चुनोैती अधिकरियों के सामने रखी गई है । देखना है कि क्षैत्र की सड़के कब तक चमचमाती हैं । उल्लेखनीय है कि दीपालवी एवं भाईदूज का पर्व मनाने आये मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने स्वंय जब क्षैत्र की जर्जर सड़को की दुर्दषा देखी तो वे अपना दर्द छिपा नहीं पाये ओर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि बरखेड़ा जोड़ से षाहगंज ,जैत से लेकर नारायपुर,तिल्लोट जनवासा,ईषरपुर मार्ग,खबादा मार्ग इतने सालों में नहीं बना पाये तो फिर कब बनेगें । मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने चेतावनी भरे अंदाज में अधिकारियों से कहा था कि क्या मुझे स्वंय सड़को को देखना पड़ेगा । मुख्यमंत्री यहीं नहीं रूके उन्होंने यहाॅं तक कहा कि यदि ठेकेदारों द्वारा समय सीमा में एवं गुणवत्ता पूर्वक कार्य नहीं किये तो उन पर आपराधिक मामले दर्ज किये जायेंगे । मुख्यमंत्री श्री चैहान ने यहाॅं बन रही सड़को के कार्य से खफा दिखे खुली समीक्षा होने के कारण क्षैत्रवासियों के व्यवधान के कारण वे अधिकारियों से ज्यादा जबाब तलब भी नहीं कर पाये । इस समय क्षैत्र की अधिकांष सड़के एक बार बनने के बाद पुनः जर्जर अवस्था में पहॅुंती जा रही हैं इनका किसी भी प्रकार से देखरेख नहीं की जा रही है । अधिकारियों के लापरवाह एवं टालमटौल रवैया की कलई पहली बार सामने खुल कर आई है । कलेक्टर कविन्द्र कियावत की सक्रियता से पहली बार अधिकारियों माथे पर चिंता की लकीरें देखी गई ।  सुड़ानिया से बनेठा के बीच में बनने बाले पथ की सड़क में लंबी दरार खिंच गई है सड़क के बीच से रोड के नीचे की मिट्टी आसानी से देखी जा सकती है। उनके साथ लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अधिकारी पीजी केलकर ,म.प्र. सड़क विकास प्राधिकारण ,प्रधान मंत्री सड़क योजना,मंडी बोर्ड व अन्य अधिकारी साथ थे । कलेक्टर कविन्द्र किवायत एवं अधिकारियों ने बुदनी तहसील के ग्राम जर्रापुर, जोषीपुर, बगबाड़ा, रामनगर, अकोला ,पहाड़खेड़ी,बनेठा,डुंगरिया ,हथनोरा ,सरदारनगर,रमपुरा ,बोदरा,खिडि़या कुर्मी,सियागेन,कोसमी,सागपुर,बकतरा सहित अनेक ग्रामों में बन रही सड़को का जायजा लिया । 
अस्पताल की ली जानकारी 
नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के सबंध में कलेक्टर कविन्द्र कियावत ने कहा कि षाहगंज अस्पताल की जटिलताओं को दूर किया जायेगा । नये डाक्टर की पदस्थापना को लेकर वे गंभीर नजर आये । कलेक्टर श्री कियावत ने नगर के  प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चल रही गतिविधि के सबंध में जानकारी ली । कलेक्टर कविन्द्र कियावत के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान एसडीएम जेपी सचान,लोक निर्माण विभाग के एस डी ओ आकाष दुबे,नायब तहसीलदार सुषील कुमार षिंदे,सब इंजिनियर रामभरोस चैहान सहित प्रषासनिक अमला साथ था ।