सेवानिवृत रेंजर आरसी पाठक का निधन
बेटी ने दी मुखाग्नि
तीनों बेटियां शामिल हुई अंतिम यात्रा में
सारी समटेने की क्रिया भी पूरी की बेटियों ने
बेटों की कमी को पूरा किया बेटियों ने
सीहोर जिले में बेटियों ने दिया समाज को संदेश
बुदनी में भी बेटी दी अपने पिता को मुखाग्नि
सीहोर, सेवानिवृत रेंजर रमेशचन्द्र पाठक का निधन हो गया उनकी अंतिम यात्रा में तीनों बेटियों ने शामिल होकर समाज को संदेश दिया कि बेटिया किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है, श्री पाठक की छोटी बेटी शैलेजा ने अपने पिता को मुखाग्नि दी और आज सुबह तीनों ने सारी समेटने की सारी क्रिया भी पूर्ण विधि विधान के साथ पूरी की, सीहोर जिला मुख्यालय के अतिरिक्त बुदनी में भी एक बेटी ने अपने पिता के अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें मुखाग्नि देकर समाज को संदेश दिया कि गांव की बेटी भी किसी से पीछे नहीं है लोगों ने दोनों परिवारों की बेटियों के साहसिक कदम पर शाबासी भी दी है।
जिला मुख्यालय पर लंबे समय तक पदस्थ रहे रेंजर रमेश चन्द्र पाठक पिछले कुछ सालों से लकवाग्रस्त थे उनका निधन रविवार की शाम को गया था चूंकि उनकी तीनों बेटियां शहर से दूर रहती है इसलिए परिजनों ने सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया उनकी शव यात्रा स्थानीय आराकश मोहल्लागंज से निकली जिसमें वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, उनकी अंतिम यात्रा में उनकी तीनों बेटियों ने शामिल होकर उनके बेटे की कमी को पूरा कर दिया छावनी विश्रामघाट पर श्री पाठक की तीनों बेटियां शालिनी, रिचा, तथा शैलेजा छोटू ने उपस्थित होकर सभी क्रियाएं पूरी कराई उसके बाद शैलेजा ने अपने पिता के शव को मुखाग्नि दी,मंगलवार की सुबह भी छावनी विश्रामघाट पर श्री पाठक की तीनों बेटियां शालिनी, रिचा, तथा शैलेजा छोटू ने उपस्थित होकर सारी समेटने की क्रिया को पूरा कराया, सोमवार को बुदनी तहसील मुख्यालय पर उत्कृष्ट स्कूल के भृत्य दयाशंकर उर्फ मोनीराम की अंतिम यात्रा में बेटी सुमन शामिल हुई सुमन द्वारा ही अपने पिता के शव को मुखाग्नि दी गई, दयाशंकर की भी चार पुत्रियां है।
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