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Monday, December 31, 2012


Sunday, December 30, 2012

सीहोर जिले का पहला आनलाइन समाचार पत्र सीहोर एक्सप्रेस

राइयाँ रोकने कड़े कानून के साथ नैतिक आंदोलन जरूरी

मुख्यमंत्री श्री चौहान माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज संस्था के कार्यक्रम में शामिल हुए


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि समाज में बुराइयों को रोकने के लिए कड़े कानून के साथ-साथ नैतिक अंदोलन की जरूरत है। नैतिक आंदोलन से मनुष्य के मानसिक धरातल को बदला जा सकेगा। मुख्यमंत्री आज राजस्थान के माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांति वन में उपस्थित जन-समूह को संबोधित कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन वे सुरक्षित नहीं हैं। उनकी सुरक्षा के लिए सुविचारित कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब सिर्फ साधन जुटाना नहीं बल्कि परिवार, समाज और सभी वर्गों में मूल्यों, भाईचारे और प्रेम का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि आज राजनीति में हर वक्त फिसलने का डर रहता है। उन्होंने प्रार्थना की कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले सभी लोगों को ईश्वर सद्बुद्धि दे, जिससे समाज और राष्ट्र का समग्र विकास हो सके।

इस अवसर पर संस्था की प्रमुख प्रशासक राजयोगिनी दादी जानकी ने कहा कि जब सब लोग अलग-अलग मजहब, धर्म और जाति की बात करते हैं तब विकृतियाँ पैदा होती हैं। जब हम अपने को शरीर से अलग समझेंगे तब हमारा आपसी सामंजस्य और सद्भाव बढ़ेगा। उन्होंने अपाराधिक घटनाओं को कम करने के लिए आध्यात्मिक क्रांति की आवश्यकता बतायी। संस्था के महासचिव श्री बी.के. निर्वेर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि नया युग दस्तक दे रहा है, जिसमें हमें अपने संस्कार बदलने की जरूरत है।

ध्यान में लीन हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्रह्माकुमारीज की पूर्व मुख्य प्रशासक दादी प्रकाशमणि की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। वे वहाँ ध्यान कक्ष में काफी देर तक ध्यान में लीन रहे।

मुख्यमंत्री का दादी जानकी, दादी रतनमोहिनी और श्री बी.के. निर्वेर ने स्मृति-चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह और उनके दोनों पुत्र उपस्थित थे।

खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छात्रों को बधाई 
सीहोर | 
प्रथम एम.टी.ए. नेशनल कराते चेम्पियनशिप गत दिवस बीएसआई मैदान सीहोर में मास्टर ऑफ टेओ एसोसिएशन ऑफ मार्श आर्ट इंडिया द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग म.प्र. के सहयोग से आयोजित हुई। शा.च.शे.आ.स्ना.अ. महाविद्यालय के श्री संजय चन्द्रवंशी बी.काम. प्रथम वर्ष के छात्र ने 61-65 वर्ग में फाईलन में प्रवेश किया एवं महाराष्ट्र को तगडी फाईट देते हुए द्वितीय स्थान पर रहकर मध्यप्रदेश को रजत पदक दिलवाया। 
    इसी तरह महाविद्यालय के बी.काम.प्रथम वर्ष के छात्र श्री अजय मिश्रा ने रेफरी दायित्व निभाया जिन्हें म.प्र. कराते टीम कोच के रूप में भी चयनित किया गया जिससे म.प्र. टीम ऑल राउन्ड विजेता रही। महाविद्यालय की छात्रा कु. रति शर्मा ने भी राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता में भाग लिया। इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी.डी.सिंह द्वारा छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। क्रीडा अधिकारी डॉ. रश्मिकेला होलानी एवं समस्त महाविद्यालय ने भी बधाई दी है।
 

कार्यशाला संपन्न 
सीहोर | 
 
   शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सीहोर में राष्ट्रीय हरित कोर एन.जी.सी. योजना अंतर्गत जिले के एन.जी.सी. प्रभारियों की एक दिवसीय कार्यशाला आज संपन्न हुई।
    प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सीहोर ने बताया कि पर्यावरणीय जन जागरूकता, शालाओं में वृक्षारोपण एवं अन्य पर्यावरणीय गतिविधियों के संचालन हेतु सीहोर जिले के समस्त ईको क्लब प्रभारी उत्कृष्ट विद्यालय सीहोर में आयोजित कार्यशाला में एकत्रित हुए। कार्यशाला में इछावर, आष्टा, नसरूल्लागंज, बुधनी एवं सीहोर तहसील के नोडल अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी, उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य श्री आर.के.बांगरे, जिला समन्वयक श्री शिखरचन्द जैन, सहायक संचालक श्री रिजवी, श्री हरिनारायण मिश्रा ने हरित क्रांति पर अपने विचार प्रस्तुत किए। केन्द्रीय पर्यावरण संस्थान भोपाल के श्री दिलीप चक्रवर्ती सी.ई.ई. ने जिले के समस्त ईको क्लब प्रभारियों को पॉवर पाइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रभावी प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री एच.एन.वर्मा एवं श्री दिनेश शर्मा ने किया। इस मौके पर श्री दीपसिंह राठौर, श्री स्वतंत्र पाठक और श्री शंकरलाल वर्मा भी उपस्थित थे।
 
लोक सेवा में विलंब के लिए 5 हजार की शास्ति 
सीहोर | 
 
   लोक सेवा के प्रदाय के गारंटी अधिनियम 2010 के अंतर्गत ऑन लाईन प्राप्त आवेदनों का समय सीमा के पश्चात विलंब से निराकरण करने पर महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ सीडीपीओ श्री संजय श्रीवास्तव पर 5 हजार रूपये की शास्ति प्रभारी कलेक्टर श्री एस.एस.बघेल द्वारा अधिरोपित की गई।  नोडल अधिकारी श्रीमती अंजली जोसफ ने बताया कि लोक सेवा प्रदाय अधिनियम के अंतर्गत विलंब से सेवा प्रदान करने पर शास्ति का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि सेवा प्रदान के लिए विलंब करने वाले पदाभिहित अधिकारी पर शास्ति अधिरोपित की जायगी। प्रभारी कलेक्टर श्री बघेल ने सभी अधिकारियों को समय सीमा में सेवा प्रदाय करने हेतु निर्देशित किया है।   

छात्राओं को सिखाए जाएंगे आत्मरक्षा के तरीके 
पीजी कॉलेज में संचालित होंगी विशेष कक्षाएं 
 
  सीहोर |छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए शासकीय चन्द्रशेखर आजाद स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में विशेष कक्षाएं संचालित की जाएगी। इन विशेष कक्षाओं का शुभारंभ एक जनवरी,13 को किया जाएगा जिसके लिए क्रीडा अधिकारी श्रीमती रश्मि केला होलानी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    पुलिस अधीक्षक श्री के.बी.शर्मा की पहल पर छात्राओं के लिए आत्मरक्षार्थ कक्षाएं संचालित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक, दोपहर 12 से 2 बजे तक तथा अपरान्ह 3 बजे से 4 बजे तक छात्राओं के लिए आत्मरक्षार्थ विशेष कक्षाएं संचालित की जाएगी। इन कक्षाओं में दो महिला आरक्षकों द्वारा छात्राओं को विशेष प्रशिक्षण क्रीडा अधिकारी की उपस्थिति में दिया जाएगा।  कालेज के प्राचार्य डॉ. जी.डी. सिंह ने बताया कि एक जनवरी से 31 जनवरी2013 तक चलने वाली इन कक्षाओं के माध्यम से छात्राओं को रक्षा के तौर तरीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही छात्राओं को निर्भीक और आत्म निर्भर बनाने संबंधी खास टिप्स दिए जाएंगे।
    डॉ. सिंह ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण में नगर के शासकीय और अशासकीय कन्या महाविद्यालय सहित अशासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, महात्मा गांधी तथा अन्य महाविद्यालयों की छात्राएं शामिल हो सकेंगी। प्रशिक्षित छात्राएं तहसील एवं ग्राम स्तर पर अन्य छात्राओं को प्रशिक्षित करने में सहयोग करेंगी। 
छात्राओं / अभिभावकों से अपील
    जिला प्रशासन द्वारा छात्राओं के हित में संचालित होने वाली इन विशेष कक्षाओं में आकर प्रशिक्षण प्राप्त करने की छात्राओं से अपील की गई है। अभिभावकों से भी आग्रह किया गया है कि वे छात्राओं के हित में संचालित इन कक्षाओं में छात्राओं को प्रशिक्षण दिलाने में सहयोग करें।
 
संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने राष्ट्रीय सिन्धी नाट्य समारोह में कलाकारों को सम्मानित किया


राज्यपाल श्री रामनरेश यादन ने ग्वालियर के प्रेसटीज इन्स्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट मे उत्कृष्ट कार्यों तथा पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जैसलमेर में भारत-पाक सीमा पर तैनात जवानों के साथ दिन 
बिताया।



भिण्ड जिले के किसानों की शान - गेंदाफूल 

भिण्ड जिले में किसान परिवारों के जीवन में गेंदा के फूलों ने खुशियों के रंग इस तरह बिखेरे कि उनका आर्थिक और सामाजिक रुतबा बढ़ गया। उनकी पूछ-परख तो बढ़ी ही, वे अब दूसरों को जीवन-यापन में भी मददगार साबित हो रहे हैं। लहार निवासी श्री रामतीरथ कुशवाह इसकी अच्छी मिसाल हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की बागवानी विकास योजना में फूलों की खेती कर खुशहाली की नई इबारत लिख दी है।

कुछ साल पहले एक बीघा जमीन पर गेंदे की खेती भाड़े से शुरूआत करने वाले रामतीरथ की मेहनत और लगन से प्रभावित होकर उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें हाईब्रीड बीज और प्रशिक्षण के साथ-साथ तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया। परिणामस्वरूप वह आज छह बीघा जमीन पर खेती करने लगे। गेंदे की खेती से उनका व्यवसाय इतना फला कि उन्होंने एक ट्रेक्टर और अन्य आवश्यक सामान खरीद लिया। वह अब गेंदे की फसल के साथ-साथ गिलाड़िया की भी खेती करने लगे। दोनों फसलों से उन्हें तीन लाख रुपये की वार्षिक आमदनी होने लगी है। उन्होंने इसी व्यवसाय के मुनाफे से अपनी बहन के हाथ भी पीले कर दिये। कुशवाह समाज में रामतीरथ की पूछ-परख अच्छी हो गई है। अब वह स्थानीय स्तर पर मुखिया हो गये हैं।

राम तीरथ नजदीकी गाँव सलैया से काम की तलाश में लहार आये थे। काम तो नहीं मिला पर एक दिन उसकी निगाह लहलहाते गेंदे के फूलों के खेत पर पड़ गई। उनके मन में विचार आया कि क्यों न खुद खेती का व्यवसाय किया जाए। खेत भाड़े पर लेने के लिए रकम की जरूरत थी तो उनके अच्छे व्यवहार के कारण यह व्यवस्था भी हो गई। अब उन्हें सही मार्गदर्शन की जरूरत थी सो उनके एक साथी ने सलाह दी कि वह उद्यानिकी अफसर से मिले। एक दिन वे उद्यानिकी विभाग के कार्यालय जा पहुँचे। उन्हें वहाँ से समय पर समुचित मार्गदर्शन ही नहीं मिला बल्कि अफसर भी आगे आए और उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया। रामतीरथ के फूलों की खेती के व्यवसाय से साल भर में 500 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। उनके यहाँ 6 लड़के केवल मालाएँ गूँथने के काम में लगे हैं। अब वह गुलाब के फूलों की खेती करने पर विचार करने लगे हैं। रामतीरथ अब भिण्ड जिले के मुख्य पुष्प उत्पादक और निर्यातक बन गये हैं।


पुलिस बल संबंधी अनेक उल्लेखनीय फैसलों का गवाह रहा 2012 

 वर्ष 2012 मध्यप्रदेश में पुलिस बल की कार्य-कुशलता में वृद्धि, उनकी कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता देने और जनसंख्या के अनुरूप बल में वृद्धि के प्रयासों के रूप में उल्लेखनीय रहा है। इसी वर्ष गृह विभाग द्वारा जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में पुलिस बल बढ़ाने के निर्णय के तारतम्य में पुलिस बल के लिए 21 हजार पद स्वीकृत किए गए। वीरगति को प्राप्त होमगार्ड के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने और उनके आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय भी लिया गया। इस वर्ष पुलिस बल के लिए 2500 मकान मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा बनवाए गए। अब प्रतिवर्ष 4000 मकान बनाने का निर्णय लिया गया है।

141 थानों में महिला डेस्क कायम

इसी साल महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर विशेष महिला प्रकोष्ठ बना। प्रकोष्ठ की मुखिया अतिरिक्त महानिदेशक स्तर की महिला अधिकारी को बनाया गया। प्रदेश में इस प्रकोष्ठ के अधीन पृथक से इंदौर, भोपाल और जबलपुर में भी विशेष प्रकोष्ठ बनाए गए हैं। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मुख्यालय स्तर के थानों में एक डेस्क के मान से कुल 141 महिला डेस्क प्रारंभ की गयी है। हाल ही में महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों के शस्त्र लायसेंस रद्द करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया है। यह भी पहली बार ही हुआ कि प्रदेश में यातायात की सुचारू व्यवस्था के लिए ट्रेफिक का अलग संचालनालय बना। इसके अलावा मानव दुर्व्यापार को रोकने 16 इकाइयों का गठन किया गया।

भोपाल के सभी शासकीय आवासों का प्रायवेट एजेंसी से सर्वे करवाया गया। सर्वे के बाद प्राप्त जानकारी को ऑनलाइन किया गया। सर्वे में अपात्र पाये गये और शासकीय आवासों के बेजा कब्जाधारियों के विरूद्ध प्रभावी और दण्डात्मक कार्रवाई की जा रही है।

इसी साल गृह विभाग के अन्तर्गत कार्यरत संचालनालय सैनिक कल्याण द्वारा पूर्व सैनिकों की 14 विधवा को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गयी। प्रदेश में राष्टीयकृत और सहकारी बैंकों की शाखाओं में 100 पूर्व सैनिकों को सुरक्षा गार्ड जैसे वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध करवाये गये। सहायक पुलिस निरीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक के 54 और वन रक्षक के 58 पद पर भूतपूर्व सैनिकों की नियुक्ति की गयी। इसके साथ ही 439 भूतपूर्व सैनिक को प्रायवेट सेक्टर में रोजगार उपलब्ध करवाया गया।

इसी साल अभियोजन के प्रकरणों में तत्परता से कार्रवाई के उद्देश्य से लोक अभियोजन संचालनालय द्वारा सभी जिलों में सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों की पदस्थापना की गयी। साथ ही गंभीर किस्म के अपराधों का चिन्हांकन कर जिलावार समितियों के माध्यम से प्रकरणों की विवेचना और अभियोजन की कार्रवाई को न केवल गति दी गयी बल्कि लगातार उच्च-स्तरीय मॉनिटरिंग भी की गयी।

मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनी

गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता की विशेष पहल पर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का समय पर इलाज करवाने और मेडिकल रिएम्बर्समेंट की परेशानियों से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से ‘मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ लागू करने जैसा महत्वपूर्ण निर्णय भी इसी वर्ष लिया गया। योजना में इलाज के लिए प्रदेश के 30 और प्रदेश के बाहर के 31 हॉपिस्टल चिन्हित किए गए हैं। इसमें प्रत्येक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी को मात्र 50 रुपये प्रतिमाह अशंदान देना होगा। इस योजना के जरिये अधिकतम 8 लाख रुपये तक का उपचार शासकीय व्यय पर पुलिसकर्मी करवा सकेंगें।

राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन

प्रदेश में स्थित निजी उद्योगों एवं अर्द्ध-शासकीय संस्थाओं को ऑन पेमेन्ट बेस पर सुरक्षा बल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की दो बटालियन गठित करने का निर्णय भी इसी वर्ष हुआ। इस बल के गठित होने से उद्योगों की सुरक्षा कर्मियों की माँग की पूर्ति की जा सकेगी।

इसी तरह पूर्व सैनिकों की एक बटालियन गठित करने का भी निर्णय हुआ। इसमें एक हजार पूर्व सैनिकों को भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है।

भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता

गृह मंत्री ने इसी वर्ष पुलिस आरक्षकों की भर्ती में पूरी पारदर्शिता रखने के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया बन्द करवाई। अब केवल लिखित परीक्षा और 800 मीटर की दौड़ करवाई जाती है। दौड़ का समय रिकार्ड करने के लिए कम्प्यूटर लगाये गये, जिससे इसमें किसी अभ्यर्थी को कोई संदेह नहीं हो।

Saturday, December 29, 2012


सीहोर जिले का पहला आनलाइन समाचार पत्र सीहोर एक्सप्रेस


Thursday, December 27, 2012


दुष्कृत्य के प्रकरणों में लापरवाही पर, थाना प्रभारी के साथ पुलिस अधीक्षक भी होंगे जिम्मेदार
दुष्कृत्य के प्रकरणों में किसी भी लापरवाही या न्यायालय द्वारा विपरीत टिप्पणी पर संबंधित थाना प्रभारी के साथ ही पुलिस अधीक्षक भी जिम्मेदार होंगे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक महिला अपराध श्रीमती एम. अरुणा मोहन राव ने संबंधित अधिकारियों को महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों में अधिक संवेदनशीलता एवं सक्रियता से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

श्रीमती राव ने सभी लंबित दुष्कृत्य के प्रकरणों का 31 दिसम्बर तक विधिवत निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों में 15 दिन में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएँ। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण तुरंत करवाकर 24 घंटे में रिपोर्ट ली जाय। समय-सीमा में रिपोर्ट नहीं देने पर डाक्टर को नोटिस दिया जाय। दुष्कृत्य के प्रकरणों में भौतिक साक्ष्य का परीक्षण एफ.एस.एल द्वारा अतिशीघ्र कर एक सप्ताह में अनिवार्यतः रिपोर्ट दी जाय।

श्रीमती राव ने कहा है कि गंभीर अपराधों में पीड़िता को आवश्यकतानुसार मनोवैज्ञानिक तथा विधि परामर्श दिलवाया जाय। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी प्रकरण में विवेचना के बाद खात्मा लगाए जाने की स्थिति पर थाना प्रभारी से लेकर पुलिस महानिरीक्षक स्तर तक इन प्रकरणों की समीक्षा की जाय। समीक्षा के बाद सभी अधिकारियों के एकमत होने पर ही प्रकरण में खात्मा लगाया जाय।


दिल की मंद धड़कनों को मिली संजीवनी 
प्रदेश के बच्चों में हृदय की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए राज्य सरकार की एक योजना संजीवनी बनी है। यह योजना है ‘‘मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार’’ योजना। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर उन्हें मिली भेंट, स्मृति-चिन्ह आदि की आनलाइन नीलामी की राशि से प्रारंभ हुई यह योजना प्रदेश के बाल हृदय रोगियों को नया जीवन देने में सफल हुई है।

हाल ही में ग्वालियर के 11 वर्षीय राहुल की हृदय की गंभीर बीमारी की वजह से मंद पड़ चुकी दिल की धड़कनों को सामान्य करने में यह योजना संजीवनी बनी। योजना के जरिये राहुल का इलाज दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में होगा।

उल्लेखनीय है कि राहुल का शारीरिक विकास सामान्य बच्चों की तरह नहीं हो रहा था। साथ ही थोड़ी सी दौड़-भाग करने पर वह थक जाता था। चिकित्सकीय से जाँच से पता चला कि उसे दिल की गंभीर बीमारी है। यह जानकर पूरा परिवार सदमे में आ गया। माली हालत ऐसी थी नहीं, जो दिल की बीमारी के इलाज का खर्च उठा सके। इसी दौरान राहुल के पिता रामसेवक को मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जाँच रिपोर्ट एवं उपचार खर्च का ब्यौरा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रस्तुत किया।

आज की स्थिति में राहुल के इलाज के लिए एम्स के इस्टीमेट के अनुसार 40 हजार की राशि मंजूर हो गई है। उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सरकार की उदार सहायता का जिक्र करते हुए राहुल के पिता की आँखें भर आती हैं। वे भावुक होकर कहते हैं कि - ‘हमारे मुख्यमंत्री गरीबों के लिए हैं।’




मुख्यमंत्री निवास में गूँजा यीशु गान






मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि विश्व समुदाय को प्रभु यीशु के शांति, प्रेम, दया और करुणा का संदेश अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रभु ईशु का जीवन मानव समुदाय के कल्याण और सत्य के मार्ग पर चलना सीखने की प्रेरणा देता है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के कल्याण के लिये धर्म, जाति ऊँच-नीच के भेदभाव को मिटाना होगा। वे आज यहां मुख्यमंत्री निवास में क्रिसमस पर्व के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सभी धर्मों के प्रमुख त्यौहारों को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कर सर्वधर्म समभाव की परंपरा को आगे बढ़ाने की शुरूआत की है। इस पहल की सभी समुदायों ने सराहना की है। श्री चौहान ने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ- दर्शन योजना में तमिलनाडु के वेलिंगटन चर्च और गोवा स्थित चर्च को भी शामिल किया गया है।

मसीह समाज ने की मुख्यमंत्री की सराहना

मसीह समाज की ओर से फादर लियो कार्नेलियो ने मुख्यमंत्री के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन किया। मसीह समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सर्वाधिक सम्मानीय उपाधि देने की घोषणा की गयी। मसीह समुदाय की ओर से मुख्यंमत्री निवास पर क्रिसमस का पर्व मनाने की परंपरा शुरू करने की सराहना करते हुये अभिनंदन-पत्र में कहा गया कि सभी धर्मों का सम्मान करते हुये मुख्यमंत्री निवास से यह परंपरा शुरू हुई है जो प्रदेश की सुख शांति के लिये जरूरी है। फादर लियो कार्नेलियों एवं अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अनवर खान ने मसीह समाज की ओर से मुख्यमंत्री को अभिनंदन-पत्र भेंट किया। फादर सॉलोमन ने प्रभु यीशु की स्तुति में विशेष प्रार्थना पढ़ी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर जबलपुर, उज्जैन, सागर, इंदौर एवं अन्य जिलों से आये बिशप का सम्मान किया। इस अवसर पर प्रदेश भर से बिशप और मसीह समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। विभिन्न धर्मों के धर्म गुरू, ज्ञानी दिलीप सिंह, काजी अमान उल्लाह, बौद्ध धर्म के भंते विशेष रूप से उपस्थित थे।


एडवोकेट विजय अग्रवाल के निवास पर चल रही भागवत कथा मेंं जनसमूह उमड़ रहा है। 
पंडित प्रदीप मिश्रा के श्री मुख से प्रवाहित हो रही ज्ञान की गंगा में लोग डुबकी लगा रहे है। 
जिले के ख्यातननाम एडवोकेट विजय अग्रवाल के चाणक्यपुरी निवास स्थान पर श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान गंगा का आयोजन किया जा रहा है 

Wednesday, December 26, 2012

राज्यपाल ने पूर्व राष्ट्रपति श्री शंकरदयाल शर्मा को पुष्पांजलि अर्पित की

राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने पूर्व राष्ट्रपति श्री शंकर दयाल शर्मा की जयंती पर आज यहाँ स्थानीय रेतघाट स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित किये। राज्यपाल श्री यादव ने डॉ. शर्मा का पुण्य-स्मरण करते हुए कहा कि डॉ. शर्मा मध्यप्रदेश के पहले ऐसे व्यक्ति थे जो अपनी विद्वता, सुदीर्घ राजनीतिक समझ-बूझ, समर्पण और देश प्रेम के बल पर राष्ट्रपति बने। राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में डॉ. शर्मा के योगदान को भी प्रमुखता से रेखांकित किया।
राज्यपाल ने कहा कि डॉ. शर्मा ने शिक्षा, विधि, सार्वजनिक निर्माण कार्य, उद्योग तथा वाणिज्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राज्यपाल श्री यादव ने युवा पीढ़ी से डॉ. शर्मा के सिद्धांतों और आदर्शों से प्रेरणा लेने की अपील की।
इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री बाबूलाल गौर और नगर निगम अध्यक्ष श्री कैलाश मिश्रा और बड़ी संख्या में डॉ. शर्मा के अनुयायी उपस्थित थे। इस दौरान प्रतिमा-स्थल पर रामधुन और भजनों का आयोजन किया गया।



पचमढ़ी उत्सव का विधिवत शुभारंभ


राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान रखने वाली ‘सतपुड़ा की रानी’ पचमढ़ी में मंगलवार 25 दिसम्बर को पचमढ़ी उत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। उत्सव के पहले दिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए।

उत्सव की शुरुआत में नागपुर से आई सुश्री उज्जवला ने लावणी नृत्य, उड़ीसा के प्रिंस ग्रुप द्वारा कृष्णा डांस और सतना की कु. प्रीति चंदेल ने कथक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। पहले दिन पर्यावरण के प्रति जागरूकता और ‘स्वच्छ पचमढ़ी-ग्रीन पचमढ़ी’ के नारे के साथ पचमढ़ी के नागरिकों ने मैराथन दौड़ में भाग लिया। मैराथन दौड़ 5 एवं 10 किलोमीटर की दो श्रेणियों में हुई। प्रथम तीन प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। पचमढ़ी उत्सव के कार्निवॉल में समस्त स्कूल के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

उत्सव में बेटी बचाओ अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए होशंगाबाद से प्रारंभ हुई साइकिल रैली बाबई, सोहागपुर, पिपरिया होते हुए पचमढ़ी पहुँची। यह रैली आज 26 दिसम्बर को ओल्ड होटल मैदान से निकलकर पचमढ़ी नगर में बेटी बचाओ अभियान का संदेश देगी।

उत्सव के शुभारंभ समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती योजनगंधा सिंह जूदेव ने कहा कि पचमढ़ी प्रदेश का गौरव है और पचमढ़ी उत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक। विधायक श्री ठाकुर दास नागवंशी ने कहा कि उत्सव को और अधिक बेहतर बनाने के हरसंभव प्रयास किये जाएँगे।

कलेक्टर श्री राहुल जैन ने बताया कि उत्सव में इस बार बाल फिल्म महोत्सव, मैराथन दौड़, विभिन्न प्रतियोगिताओं का समावेश भी किया गया है। उत्सव के दौरान 30 दिसम्बर तक विभिन्न आकर्षक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। उत्सव में प्रदेश के बुनकरों, हस्त-शिल्पियों और स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री भगवान सिंह धूत, ब्रिगेडियर श्री अजीत कुमार, जिला न्यायधीश श्री एस.के. शुक्ला उपस्थित थे।


सांई बाबा की पालकी यात्रा कल
सीहोर। मिनी शिर्डी धाम चाणक्यपुरी का गुरुवार को चौथा स्थापना दिवस परम्परागत उत्साह और उमंग भरे वातावरण में मनाया जाएगा। इस अवसर पर भव्य पालकी शोभा यात्रा निकाली जाएगी। 
27 दिसम्बर को मिनी शिर्डी धाम चाणक्यपुरी का चौथा स्थापना दिवस मनाया जाएगा। मंदिर समिति द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी अनुसार प्रात: 5 बजे काकड़ आरती, 7 बजे महाअभिषेक एवं हवन, भव्य पालकी शोभा यात्रा प्रात: 8.30 बजे मनकामेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर 

चाणक्यपुरी मंदिर पर पहुंचेगी, दोपहर 12 बजे मध्यान्न महाआरती, दोपहर 1 बजे महाप्रसादी, सूर्यास्त पर धूप महाआरती तथा  शाम को 7 बजे भजन संध्या का आयोजन किया गया रात दस बजे संगीत सेवा करने वाले साधको का सम्मान किया जाएगा। रात को दस बजे शयन आरती के साथ कार्यक्रमों का समापन होगा। मंदिर समिति ने लोगों से कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है। 

औबेदुल्ला खाँ गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट समापन समारोह


राज्यपाल श्री रामनरेश यादव ने कहा है कि खेलकूद और व्यायाम, हमारी परम्परा तथा संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग हैं। देश में अर्जुन जैसे धुरंधर तीरंदाज, एकलव्य जैसे समर्पित शिष्य और द्रोणाचार्य जैसी प्रशिक्षक परम्परा को पुनःस्थापित करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि खिलाड़ी पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ खेलें। खिलाड़ियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा नहीं होने दिया जायेगा।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री आज यहाँ स्थानीय ऐशबाग स्टेडियम में अन्तर्राष्ट्रीय औबेदुल्ला खाँ गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट 2012 के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर टूर्नामेंट का फायनल मैच एयर इण्डिया तथा इण्डियन ऑयल कार्पोरेशन टीमों के बीच खेला गया। इस मैच में एयर इण्डिया 4-3 गोल से विजयी रही। मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल ने विजेता टीम को 21 लाख रुपये तथा उप विजेता को 10 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया।
राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने की योजनायें सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं रहें। ग्रामीण क्षेत्रों में भी समान रूप से खेलों को बढ़ावा दिया जाए। ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में छुपी खेल प्रतिभाओं को खोजने के भी कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी देश के गौरव होते हैं। इनकी प्रतिभाओं को निखारने में सरकार के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को सहयोग करना चाहिये। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री सिंह चौहान की इस टूर्नामेंट की राशि बढ़ाने के लिये सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय औबेदुल्ला खाँ गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट दुनिया का सबसे शानदार आयोजन बनेगा। भोपाल हॉकी का मक्का कहलायेगा। दुनिया में भोपाल की पहचान हॉकी बनेगी। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट को भव्यता देने के लिये अगले वर्ष पुरस्कार की राशि 51 लाख रुपये हो जायेगी। द्वितीय स्थान पर आने वाली टीम को 21 लाख रुपये, तृतीय स्थान पर आने वाली टीम को 11 लाख रुपये और चतुर्थ स्थान पर आने वाली टीम को पाँच लाख रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होंने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिये खेल एवं युवक कल्याण विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हॉकी के इस महाकुंभ से उत्सव का माहौल बना है। भोपाल की हॉकी जीवंत हो उठी है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वही देश और समाज विकास करता है जिसमें माँ, बहिन और बेटी को इज्जत दी जाती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की इज्जत के साथ खेलने का दुस्साहस कोई नहीं कर सके। बलात्कारियों को फाँसी की सजा दी जाना चाहिये। महिलाओं को अपमानित करने वालों को कड़े दण्ड देने के लिये कानून बनाने का कार्य न्यायमूर्ति जे.एस.वर्मा द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की जनता की भावनायें उन तक पहुँचें इसके लिये सभी को संकल्पित होना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान के आव्हान पर स्टेडियम में उपस्थित समस्त जनसमुदाय द्वारा दोनों हाथ खड़े कर बलात्कारियों को फाँसी दिये जाने के संकल्प के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। जनता द्वारा बेटी है तो कल का नारा भी लगाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को जन्म दिन की शुभकामनायें प्रेषित करते हुये सभी को क्रिसमस की बधाई दी।
समापन समारोह के प्रारंभ में खेल एवं युवक कल्याण संचालक डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन दिया। खेल एवं युवक कल्याण विभाग की उपलब्धियों पर आधारित भव्य लेजर शो की प्रस्तुति दी गयी। प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सागर के कलाकारों ने अखाड़ा नृत्य के विभिन्न रूप प्रस्तुत किये। इस अवसर पर विधायक श्री ध्रुवनारायण सिंह, विधायक श्री विश्वास सारंग, विधायक श्री दीपक जोशी, सचिव खेल एवं युवक कल्याण श्री अशोक शाह, हॉकी खिलाड़ी श्री अशोक कुमार ध्यानचंद, श्री आई.रहमान और बड़ी संख्या में हॉकी खेल प्रेमी उपस्थित थे। समापन अवसर पर एयर इण्डिया और इण्डियन ऑयल कार्पोरेशन के मध्य टूर्नामेंट का फायनल मैच खेला गया। राज्यपाल श्री यादव तथा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरित किये।


Tuesday, December 25, 2012

जल संसाधन मंत्री और भोपाल जिला प्रभारी श्री जयंत मलैया ने श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर जय प्रकाश अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किये। 



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आर्च बिशप फादर लियो कार्नेलियो को क्रिसमस की शुभकामनाएँ दी।




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पचमढ़ी उत्सव-2012 का आगाज आज

सतपुड़ा की वादियों में राज्य की संस्कृति, कला और स्वाद का अनूठा संगम


प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सतपुड़ा की वादियों में 25 दिसम्बर से पचमढ़ी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव 30 दिसम्बर तक चलेगा। उत्सव के आयोजक जिला प्रशासन एवं होशंगाबाद पर्यटन संवर्धन परिषद, होशंगाबाद के तत्वावधान में होगा। उत्सव में इस बार मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम, संस्कृति संचालनालय, भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक एवं ट्राइडेंट ग्रुप भी सहभागी बने हैं।

पचमढ़ी उत्सव का शुभारंभ 25 दिसम्बर को शाम 7 बजे होगा। कार्यक्रम का समापन 30 दिसम्बर को होशंगाबाद जिला प्रभारी मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह करेंगे। पचमढ़ी उत्सव के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इसमें 25 दिसम्बर को ग्रीन पचमढ़ी मैराथन दौड़, पचमढ़ी कॉर्निवाल, लावणी नृत्य, कृष्णा डांस और कथक नृत्य प्रस्तुत किया जायेगा।

इसी प्रकार 26 दिसम्बर को चित्रकला प्रतियोगिता, बाल फिल्म महोत्सव, कालबेलिया, भवई नृत्य एवं मांगणियार गायन, बाँसुरी-वादन और फ्यूजन की प्रस्तुति होगी। तीसरे दिन 27 दिसम्बर को चक्रव्यूह हिन्दी फीचर फिल्म और इंद्रधनुषीय कार्यक्रम, 28 दिसम्बर को खेल प्रतियोगिता, गायन, फ्यूजन, पखावज और बाँसुरी, 29 दिसम्बर को शहनाई वादन और सुगम संगीत होगा। उत्सव के अंतिम दिन 30 दिसम्बर को फुटबाल मैच, बाल फिल्म महोत्सव, सेक्सोफोन, सुगम संगीत तथा मिमिक्री की प्रस्तुति होगी।

पचमढ़ी उत्सव के दौरान इन कार्यक्रमों के अलावा पचमढ़ी झील एवं हवाई पट्टी पर एडवेंचर स्पोर्ट का आयोजन भी किया जायेगा, जिसमें मुख्य रूप से पेरासेलिंग, पेराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, रॉक क्लाइंबिंग और वॉटर स्पोर्ट्स शामिल हैं। पचमढ़ी उत्सव स्थल ओल्ड होटल ग्राउण्ड में पर्यटकों एवं आम नागरिकों के लिये विभिन्न व्यंजन के स्टॉल लगाये गये हैं।

कलेक्टर श्री राहुल जैन ने बताया कि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में पचमढ़ी उत्सव का एक अलग मुकाम है। पचमढ़ी उत्सव प्रदेश ही नहीं देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल रहा है। उत्सव में राज्य की संस्कृति, कला एवं स्वाद का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। पचमढ़ी की वादियाँ आगंतुकों का स्वागत करने के लिये पलक बिछाये बेताब हैं।


गौ-अभयारण्य को गौ-तीर्थ बनाया जाएगा



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विश्व के अनूठे गौ-अभयारण्य को गौ तीर्थ बनाया जाएगा। उन्होंने अभयारण्य में गौ-उत्पाद अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होने कहा कि नलखेड़ा में माँ बगुलामुखी मंदिर, सोयत में पिपल्या बालाजी मंदिर, आगर में बैजनाथ महादेव मंदिर और गौ-अभयारण्य को जोड़कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। श्री चौहान आज शाजापुर जिले के ग्राम सालरिया में देश के पहले गौ-अभयारण्य के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ माता के बिना भारत की कृषि-आधारित अर्थ-व्यवस्था नहीं चल सकती। गौ-माता संस्कारवान भारतीय नागरिकों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व के इस अनूठे गौ-अभयारण्य में गौ-उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। गौ-वंश के संरक्षण के लिये राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि अब गौ-माता के वध के लिये जो भी वाहन उपयोग में आएगा उसे जब्त कर लिया जायेगा और जिम्मेदार लोगों को सात साल की सजा होगी। भारतीय नस्ल की गायों का संरक्षण किया जाएगा। श्री चौहान ने राज्य सरकार की ऐसी योजनाओं की चर्चा की, जो भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्व विद्यालय, हिन्दी विश्व विद्यालय की स्थापना, मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना, धर्म ग्रंथों पर आधारित शिक्षा के लिये स्कूली शिक्षा का कार्यक्रम तैयार करने, योग और श्रीमद् भागवत गीता की शिक्षा देने का उल्लेख किया। उन्हांेने कहा कि धार्मिक स्थानों को पवित्र-स्थल घोषित किया गया है और उन्हें विकसित भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में कहीं भी शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। उन्होंने लोगों और गौ पालकों से आग्रह किया कि वे बूढ़ी गायों को बेचने के बजाय गो शाला में पहंुचाऍं। गौ-अभयारण्य बनने के बाद यह और भी आसान हो जाएगा। अभयारण्य में उनकी देखभाल होगी। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय को गौ-रक्षा करने का संकल्प दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा की जमीन को हरा-भरा बनाने के लिए नर्मदा को क्षिप्रा, पार्वती, कालीसिंध, चंबल नदी से जोड़ा जाएगा। बेटियों के सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए उन्हांेने कहा कि बेटियों के मान-सम्मान को ठेस पहुँचाने वालों को मृत्यु दण्ड दिया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि हर घर में गौ-माता को स्थान मिलना चाहिए। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने भारतीय संस्कृति के मूल्यों और संस्कारों को नई पीढ़ी को देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना कर्त्तव्य पूरा किया है। अब आम नागरिकों को गौ-माता के प्रति अपने कर्त्तव्यों को पूरा करने का संकल्प लेना होगा। डॉ. भागवत ने गौ-उत्पादों के मानक तैयार करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि गौ-माता की प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित करने का समय आ गया है। उन्हांेने कहा कि गौ पालन सिर्फ आर्थिक प्रक्रिया नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वभाव का प्रतीक है। यह भारत की आर्थिक स्वतंत्रता और सबलता का आधार है। इसलिये गौ संरक्षण का काम घर-घर पहुँचना चाहिए। गौ-माता को परोपकारी बताते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि गौ-सेवा मानव समाज को संस्कार देती है।

पशुपालन मंत्री श्री अजय विश्नोई ने स्वागत भाषण में गौ-पालक पुरस्कार के उददेश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गौ माता के अनादर को रोकने के लिये गौ-अभयारण्य एक ठोस पहल है। गौ-शाला अनुदान राशि को दो गुना कर दिया गया है और उन्हें मनरेगा से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि देशी नस्ल के गौ-वंश को बढ़ावा देने के लिये गौ-पालक पुरस्कारों की संख्या बढ़ाकर 1500 कर दी गई है। इसके अलावा वत्स प्रोत्साहन योजना भी बनाई गई है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्वाधिक दूध देने वाली गौ-माताओं के पालकों को सम्मानित किया। उज्जैन के संतोष पाटीदार को प्रथम पुरस्कार, उज्जैन की श्रीमती लक्ष्मी बाई को द्वितीय और दमोह के हल्लू यादव को तृतीय पुरस्कार दिया। इसके अलावा सात गौ-पालक को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

उपस्थित जन-समुदाय के आग्रह पर मुख्यमत्री ने ''राम भजन सुखदाई ... भजन भी सुनाया। मुख्यमंत्री ने गौ-माता के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व पर आधारित लेखों के संकलन का विमोचन किया। पशुपालन विभाग द्वारा प्रकाशित कैलेंण्डर का भी विमोचन किया गया।

जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने गौ-माता और भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित भजन सुनाये। उपस्थित जन-समुदाय और गौ-सेवक उनके भजन पर झूम कर नाचे और तालियाँ बजाकर साथ दिया।

मुख्यमंत्री ने संत समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित संत अखिलेश्वरानंद, संत संतोष गिरि महाराज, साध्वी प्रज्ञाश्री भारती का सम्मान किया। कार्यक्रम में श्री कमलकिशोर नागर भी उपस्थित थे।

गौ-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष श्री शिव चौबे ने कार्यक्रम का संचालन किया। वैदिक मंत्रों के बीच गौ-अभयारण्य का भूमि-पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सत्यनारायण जटिया, राज्य भाजपा अध्यक्ष और सांसद श्री नरेन्द सिंह तोमर, गौ-संवर्धन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री मेघराज जैन, क्षेत्रीय विधायक श्री संतोष जोशी और बड़ी संख्या में गौ-पालक और गौ-शाला संचालक उपस्थित थे।


अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाये - मुख्यमंत्री 



मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने सुशासन दिवस के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व पर आधारित जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी का आज यहाँ उद्घाटन किया। प्रदर्शनी अलाउद्दीन संगीत अकादमी के सभागार में लगायी गयी है। यह प्रदर्शनी 25 दिसम्बर तक खुली रहेगी। इस अवसर पर जनसंपर्क एवं संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सांसद श्री नरेन्द्रसिंह तोमर भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर उसकी प्रस्तुति और विषय संयोजन की सराहना की। उद्घाटन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि श्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिये। वे ऐसे नेता हैं जिनसे सब प्यार करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री वाजपेयी देश की जनता के हृदय के हार हैं। वे आज भी जनता के दिलों पर राज करते हैं। श्री चौहान ने अटलजी को प्रखर राष्ट्रभक्त और उदभट विद्वान बताया।

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि श्री वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश की अद्भुत सेवा की है। देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाकर उसका मान-सम्मान बढ़ाया। पूरे देश को जोड़ने के लिये राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और गाँव की तस्वीर बदलने के लिये प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना बनाई। यह सब श्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और कर्मों का परिणाम है।

श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता की ओर से 25 दिसम्बर को दिल्ली जाकर श्री अटल बिहारी वाजपेयी को जन्म दिवस की शुभकामनाएँ देंगे।

पूर्व प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर उन्हें समर्पित इस प्रदर्शनी में श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आधारित करीब 100 छायाचित्र का संयोजन किया गया है। इन चित्रों में श्री वाजपेयी के बाल्य-काल, ग्वालियर स्थित विद्यालय, राजनैतिक हस्तियों के साथ और विशिष्ट अवसरों के चित्र प्रदर्शित किये गये हैं।

उद््घाटन अवसर पर प्रमुख सचिव संस्कृति श्री बी.पी.सिंह, सचिव श्री पंकज राग, आयुक्त जनसंपर्क श्री राकेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Monday, December 24, 2012

महिला हेल्पलाइन एक जनवरी से
दुष्कृत्य के प्रकरणों में आरोपियों को जल्दी सजा दिलाने हर जिले में फास्ट ट्रेक कोर्ट, महिलाओं की रक्षा करने वालों को मुख्यमंत्री नारी सम्मान पुरस्कार, महिलाओं में सुरक्षा का भाव जगाने चलेगा सघन अभियान, मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा उच्च-स्तरीय बैठक में समीक्षा

 
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने महिलाओं के विरूद्ध अपराध की संभावना को समाप्त करने के लिये तत्काल ऐहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने एक जनवरी 2013 से महिला हेल्पलाइन व्यवस्था शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके माध्यम से मिली शिकायतों पर आरोपियों के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई की जायेगी। श्री चौहान ने दुष्कृत्य के प्रकरणों में जाँच-पड़ताल और कानूनी औपचारिकताएँ तत्काल पूरी कर आरोपी को सजा दिलाने के लिये प्रत्येक जिले में एक फास्ट ट्रेक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश दिये। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में उच्च-स्तरीय बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
श्री चौहान ने कहा कि दुष्कृत्य के मामलों में आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिये संबंधित कानूनों में संशोधन के लिये केन्द्र सरकार को लिखा जायेगा। जरूरी होने पर राज्य सरकार द्वारा भी आवश्यक कानूनी प्रावधान बनाये जायेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दुष्कृत्य के प्रकरणों में मेडिको लीगल रिपोर्ट में विलम्ब होने से न्याय में देरी होती है इसलिये संबंधित चिकित्सकों को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। इसके लिये जिलों में भी चिकित्सकों को मेडिको लीगल के क्षेत्र में आधारभूत प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही उन्होंने आरोपी के विरूद्ध चालान भी 15 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं में आत्म-विश्वास और सुरक्षा का भाव जगाने के लिये पूरे प्रदेश में वृहद स्तर पर सघन अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों के मान-सम्मान की सुरक्षा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आरोपियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जायेगा और कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी लाकर शीघ्र सजा दिलाई जायेगी।
मुख्यमंत्री नारी सम्मान पुरस्कार
श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक जिले में उपलब्ध पुलिस बल में से विशेष टास्क फोर्स बनाई जायेगी। यह फोर्स महिलाओं से संबंधित अपराधों और छेड़छाड़ की घटनाओं की रोकथाम के लिये सक्रिय होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अत्याचार और हिंसा के प्रकरणों में महिलाओं की रक्षा करने वालों को मुख्यमंत्री नारी सम्मान पुरस्कार दिया जायेगा। राज्य स्तर पर एक लाख और जिला स्तर पर 50 हजार रूपये का नगद पुरस्कार दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध हिंसा एवं छेड़छाड़ के प्रकरणों में कानूनी औपचारिकताओं में विलम्ब होने से आरोपी पक्ष द्वारा प्रकरणों को प्रभावित करने के प्रयास करने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करना जरूरी है। इसके लिये विवेचना में तेजी लाना लाना होगा। उन्होंने कहा कि आरोपी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने तक सीमित रहना ठीक नहीं है। इन औपचारिकताओं को पूरा करने में अनावश्यक विलम्ब या लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
जिला पुलिस अधीक्षक होंगे जिम्मेदार
श्री चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिलों में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली घटनाएँ प्रकाश में आने पर जिला पुलिस अधीक्षकों को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। पीड़ित महिलाओं को हर प्रकार से सामाजिक-आर्थिक मदद दी जायेगी। महिला-बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारी पीड़ित महिला को मनोवैज्ञानिक रूप से सांत्वना देने और संबल प्रदान करने के लिये तत्काल कार्रवाई करेंगे।
मार्शल आर्ट प्रशिक्षण के लिये मास्टर ट्रेनर
मुख्यमंत्री ने खेल, पुलिस और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आपसी समन्वय से आत्म-रक्षा के लिये कराटे/मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण के लिये भी तत्काल पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिये मास्टर ट्रेनर को तैयार करें।
श्री चौहान ने बताया कि महिला आत्म-सम्मान से जुड़े मुददों पर लोगों को संवेदनशील बनाने और जागरूकता लाने के लिये सभी जिलों में संवाद सत्रों का आयोजन किया जायेगा। इस क्षेत्र में प्रेरणा देने वाली फिल्मों का सभी सिनेमाघरों और स्थानीय केबल नेटवर्क के माध्यम से प्रसारण होगा। मुख्यमंत्री की अपील और संदेश भी प्रसारित किये जायेंगे। युवाओं को जोड़ने के लिये कॉलेज और स्कूलों में केंडल मार्च निकाले जायेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी शहरों में चौराहों पर क्लोज सर्किट टीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घरेलू हिंसा के प्रकरणों के मामले में दोषी पाये गये व्यक्तियों के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्हांेने कहा कि ऐसे प्रकरणों के संबंध में हर सप्ताह समीक्षा की जायेगी। आगामी गणतंत्र दिवस पर होने वाली ग्राम सभाओं की विशेष बैठकों में भी लोगों को इस संबंध में जागरूक करने के लिये विशेष चर्चा की जायेगी और महिलाओं के सम्मान की रक्षा करने के लिये प्रेरित किया जायेगा। गवाहों को पूरी सुरक्षा दी जायेगी।
बैठक में मुख्य सचिव श्री परशुराम, पुलिस महानिदेशक श्री नन्दन दुबे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव विधि श्री के.डी. खान, ए.डी.जी. इंटेलीजेंस श्री विवेक जौहरी, मुख्यमंत्री के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री सुधीर सक्सेना, जनसंपर्क आयुक्त श्री राकेश श्रीवास्तव एवं गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Saturday, December 22, 2012


स्कूलों में संचालित अनाधिकृत वाहनों के विरूद्ध कार्रवाई करें - कमिश्नर श्री गर्ग 
- कमिश्नर भोपाल संभाग श्री प्रवीण गर्ग ने निजी शिक्षण संस्थाओं में अनाधिकृत संचालित वैन, टाटा मैजिक के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को दिए हैं । उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी भोपाल को निर्देश दिए हैं कि भोपाल शहर में  1137 वैन और टाटा मैजिक संचालित हो रही  हैं । उनकी समस्त जानकारी पंजी में दर्ज कर निर्धारित प्रपत्र पर कम्प्यूटर में फीड कराई जाये । जिससे अनाधिकृत संचालित वाहनों के विरूद्ध कार्रवाई की जा सके । उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वैन और टाटा मैजिक की कम्प्यूटर में प्रविष्टि के समय यह भी ध्यान रखा जाये कि एक ही वाहन मालिक के कितने वाहन पंजीकृत हैं । उनके नाम और वाहनों की संख्या अलग से सूची बनाकर प्रस्तुत करें । कमिश्नर श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि वैन और टाटा मैजिक का अनाधिकृत संचालन तत्काल रोका जाये । अनाधिकृत संचालन करने वाले वाहन मालिकों के विरूद्ध कार्रवाई की जाये । 


ग्राम मोगराराम में माँ-बेटी मेला आयोजित 
गत दिवस राज्य शिक्षा केन्द्र एवं जनपद शिक्षा केन्द्र सीहोर के निर्देशानुसार जिले के ग्राम मोगराराम के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला की मॉडल क्लस्टर शाला में माँ-बेटी मेला का आयोजन हुआ। मेले में छात्राओं की माताओं ने बडी संख्या में उत्साह के साथ भाग लिया। मेले की सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायी उपलब्धि 95 वर्षीय दादी माँ श्रीमती दलू बाई ने कार्यक्रम में शामिल होकर सभी को अपना आशीर्वाद दिया। 
    मेले को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक श्री हरिनारायण शर्मा (दाऊ) ने महिला सशक्तिकरण में बालिका शिक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता एवं उसके महत्व को विस्तार से बताया। इस अवसर पर उपस्थित माताओं ने भजन एवं राष्ट्रीय गीत गाकर बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया और सभी ने एक मत से यह स्वीकारा कि बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करना आज के युग में अति आवश्यक है। विद्यालय की छात्राओं ने रांगोली एवं संदेशात्मक चित्र बनाएं और साथ ही बेटी है तो कल है गीत की शानदार प्रस्तुति कर अन्य प्रेरणादायी गीत, भजनों का सस्वर गायन किया। 
    इस मौके पर सर्वश्री गजराज सिंह ठाकुर, शैलेन्द्र सिंह चंदेल, राजेन्द्र प्रसाद दीक्षित, गोविन्द प्रसाद जलोदिया और श्रीमती गजना मण्डलोई भी उपस्थित थे। मेले के अंत में मिष्ठान वितरण के पश्चात आयोजन का समापन इस शपथ के साथ किया गया कि हम सभी माताएं बालिकाओं को उच्च शिक्षा दिलाने में अपनी महती भूमिका निभायेंगी। जिला एवं जनपद शिक्षा केन्द्र की महिला समन्वयक श्रीमती फ्रांस्सिका बारा एवं सुश्री फूलवती राठौर ने इस आयोजन की सराहना की।


गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन प्रदाय न करने पर अनुबंध निरस्त करें

छात्रा खिलाड़ियों के साथ महिला शिक्षिका अनिवार्य हो, मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की विशेष बेंच 

मध्यान्ह भोजन योजना के तहत यदि गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदाय करने में संबंधित स्व-सहायता समूह असमर्थ पाया जाता है तो उसका अनुबंध निरस्त किया जाए। अध्यक्ष, मध्यप्रदेश बाल अधिकारी संरक्षण आयोग श्रीमती उषा चतुर्वेदी ने यह निर्देश आज यहाँ मध्यान्ह भोजन के त्रुटिपूर्ण प्रदाय के संबंध में आयोग की विशेष बेंच में राजगढ़, नरसिंहगढ़ के अधिकारियों, तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रामपुर नैकिन जिला सीधी को दिए। संयुक्त विशेष बेंच की सुनवाई के दौरान आयोग की सदस्य श्रीमती रीना गुजराल, श्रीमती विजया शुक्ला, डॉ. रीता उपमन्यु, श्रीमती आर.एन. लता, श्रीमती आशा यादव और श्री विभांशु जोशी भी उपस्थित थे। बेंच में कुल 22 प्रकरण लिए गए।

छात्रा खिलाड़ियों के साथ महिला शिक्षक अनिवार्य हो

आयोग ने कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ब्यावरा की विदिशा खेलने गई टीम की बालिकाओं के साथ हुए अभद्र व्यवहार पर कड़ा विरोध जताते हुए इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए भविष्य में छात्रा टीम के साथ अनिवार्य रूप से महिला शिक्षक और नियमित बस सेवा के स्थान पर विशेष प्रबंध द्वारा भेजने की अनुशंसा की।

संयुक्त बेंच में जिला इंदौर के महू, झाबुआ, रीवा स्थित छात्रावास/शालाओं में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता के संबंध में नंदी फाउन्डेशन, भोपाल में बच्चों के हुक्का पीने, वर्ष 2010 की छात्रवृत्ति नहीं देने और स्कूल में बच्चे को परेशान करने आदि प्रकरणों पर सुनवाई की गई।


थानों में आने वाले लोगों के साथ पुलिस का हो सौहार्दपूर्ण व्यवहार 

गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि थानों में आने वाले लोगों के साथ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का व्यवहार सौहार्दपूर्ण होना चाहिए। गृह मंत्री सिंगरौली में रीवा जोन के पुलिस अधिकारियों की बैठक में जिलों की कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।

गृह मंत्री ने कहा कि बेहतर कार्य के लिए जरूरी है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अधीनस्थ अमले के साथ विश्वसनीयता और भरोसे के संबंध स्थापित किये जाए। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर जन-प्रतिनिधियों तथा नागरिकों के साथ नियमित बैठके होनी चाहिए। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन डॉ. जी.आर. मीणा ने बताया कि पुलिस बल द्वारा गाँवों में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर जनता से मेलजोल बढ़ाया जा रहा है। बैठक में रीवा जोन के सभी जिला पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।



प्रदेश को कुल खाद्यान्न उत्पादन में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये भारत सरकार का कृषि कर्मण अवार्ड घोषित

राष्ट्रपति के हाथों 15 जनवरी को दिल्ली में मिलेगा अवार्ड



कृषि क्षेत्र में लगातार उत्तरोत्तर प्रगति कर रहे मध्यप्रदेश राज्य को भारत सरकार की रिवार्ड स्कीम के अंतर्गत एक और बड़ा राष्ट्रीय सम्मान कृषि कर्मण अवार्ड मिलने जा रहा है। वर्ष 2011-12 में कुल ‘‘खाद्यान्न उत्पादन केटेगरी फर्स्ट’’ के लिए राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी द्वारा 15 जनवरी, 2013 को नई दिल्ली में विशेष समारोह में यह अवार्ड प्रदेश को दिया जाएगा। उक्त समारोह में प्रदेश से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, कृषि विकास और किसान-कल्याण मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, कृषि उत्पादन आयुक्त, प्रमुख सचिव कृषि एवं संचालक कृषि को आमंत्रित किया गया है।

भारत सरकार कृषि एवं सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किये गये कृषि कर्मण अवार्ड का उद्देश्य खाद्यान्न फसलों में उत्पादन वृद्धि के लिये राज्यों द्वारा किये जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। इन पुरस्कारों को दो मुख्य वर्गों में बाँटा गया है- प्रथम वर्ग कुल खाद्यान्न उत्पादन का है, जिसमें 10 मिलियन टन से अधिक खाद्यान्न उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य- उत्तरप्रदेश, पंजाब, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा बिहार को 2 करोड़ राशि वर्ग के पुरस्कार के लिये प्रतिभागी राज्य माना गया। इस अवार्ड के विजेता राज्य को दो करोड़ राशि की पुरस्कार निधि के साथ ट्राफी तथा प्रमाण-पत्र दिया जाता है। कृषि कर्मण अवार्ड के रूप में वर्ष 2010-11 से विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों को निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप स्क्रीनिंग के आधार पर प्रेजेंटेशन के लिये 30 अक्टूबर, 2012 को नई दिल्ली बुलाया गया था।

मध्यप्रदेश का प्रस्तुतिकरण

मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. डी.एन. शर्मा, संचालक किसान-कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा सचिव कृषि एवं सहकारिता विभाग, भारत सरकार की अध्यक्षता में गठित 5 सदस्यीय समिति के समक्ष अपना प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसमें बताया गया कि प्रदेश ने वर्ष 2011-12 के दौरान कुल 216.08 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हासिल किया जो एक अभूतपूर्व कीर्तिमान है। इससे पूर्व वर्ष 2010-11 में खाद्यान्न फसलों का अधिकतम उत्पादन 166.41 लाख मीट्रिक टन ही था। गेहूँ के उत्पादन में भी लम्बे डग भरते हुए वर्ष 2010-11 के अधिकतम 90.46 लाख मीट्रिक टन उत्पादन को लांध कर प्रदेश में 127.53 लाख टन का उत्पादन रिकार्ड किया गया। वहीं गेहूँ की प्रति हेक्टेयर अधिकतम उत्पादकता वर्ष 2010-11 में 2065 किलोग्राम थी, जो वर्ष 2011-12 में 2609 किलोग्राम तक पहुँच चुकी है। वर्ष 2010-11 में धान का उत्पादन 17 लाख 72 हजार मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2011-12 में बढ़कर 22 लाख 27 हजार मीट्रिक टन हो गया। इसी प्रकार गेहूँ तथा धान के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के क्षेत्र में भी प्रदेश की स्थिति काफी मजबूत है।

किसानों के हित में नीतिगत निर्णय

राज्य शासन के प्रमुख निर्णयों में कृषि केबिनेट का गठन, जिसमें कृषि एवं सहयोगी विभाग शामिल किये गये, कृषकों को सहकारी बैंकों से शून्य ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध करवाना, गेहूँ तथा धान के समर्थन मूल्य पर वर्ष 2011-12 में क्रमशः 100 एवं 50 रुपये प्रति क्विंटल बोनस कृषकों के खाते में जमा करना, अनुसूचित-जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर संकर मक्का बीज उपलब्ध करवाना, जैविक कृषि नीति का प्रचलन, कृषि यंत्र एवं अन्य योजनाओं की अनुदान राशि सीधे कृषकों के खाते में जमा करना, अग्रिम उर्वरक भण्डारण योजना, जल क्षमता विस्तार के लिये बलराम ताल योजना, कृषि यंत्रों पर 25 प्रतिशत टाप-अप अनुदान तथा स्प्रिंकलर आदि सिंचाई साधनों के लिये राज्य सरकार की ओर से 30 प्रतिशत टाप-अप अनुदान, यंत्रीकरण में वृद्धि के लिये 850 कस्टम हायरिंग केन्द्रों का विकास हैं।

प्रदेश में उत्पादन बढ़ाने हेतु विशेष पहल

उच्च उत्पादकता वाली किस्मों को बढ़ावा देना एवं आदान पूर्ति की साप्ताहिक समीक्षा करना, 1217 बीज उत्पादक समितियों का गठन कर बीजोत्पादन को बढ़ाना, 83 प्रतिशत बीजों का उपचार कर बोना, गेहूँ तथा धान में बीज प्रतिस्थापन दर में उच्च वृद्धि, माइक्रो न्यूट्रीएन्ट्स विशेषकर जिंक सल्फेट के उपयोग को बढ़ावा देना, आई.पी.एम. एवं आई.एन.एम. तकनीकी को प्रोत्साहित करना, फार्म फील्ड स्कूल के माध्यम से उत्पादन एवं उत्पादकता तकनीकी को प्रदर्शित करना, किसान दीदी-किसान मित्र योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, संकर धान का उत्पादन एस.आर.आई. तकनीकी से बढ़ाना, बड़े बाँधों से सिंचाई क्षमता में विस्तार कर 16 लाख 35 हजार हेक्टेयर का विस्तार करना, कृषि साख सीमा में 30.5 प्रतिशत वृद्धि कर वर्ष 2011-12 में 7629.27 करोड़ कृषि ऋण सहकारी बैंकों के माध्यम से वितरण करना, राज्य शासन की विशेष पहल है। इसके सार्थक परिणाम प्रदेश में लगातार कृषि फसलों के उच्च उत्पादन के रूप में सामने आ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय ख्यातमान वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन की अध्यक्षता में गठित 15 सदस्यीय समिति की अनुशंसा पर एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड-2012 से 19 सितम्बर, 2012 को राज्य को नवाजा जा चुका है। इसी श्रंखला में प्रदेश को ‘‘अधिकतम कृषि विकास दर वर्ष 2011-12 में प्राप्त करने के लिये राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी’’ द्वारा 15 दिसम्बर, 2012 को अवार्ड प्रदान किया गया।